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Panipat News: करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं भरे सड़कों के गड्ढे
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जितेंद्र नरवाल
पानीपत। शहर की सड़कों की रिपेयरिंग व मेंटनेंस में निगम का एक ओर बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। शहर की सड़कों व गलियों की रिपेयरिंग व मेटनेंस के लिए निगम अधिकारियों ने 11 माह में 4.06 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं बावजूद आज भी शहर की सड़कों की हालात बेहद खस्ता है।
यहां तक की शहर की टूटी सड़कों की रिपेयरिंग को लेकर साल भर लोग विरोध प्रदर्शन करते रहे। राम भक्त हनुमान के स्वरूपों तक शहर की टूटी सड़कों पर नंगे पैर घूमते रहे, जिससे उनके पांवों में छाले तक पड़ गए। इसके बाद भी सड़कों पर पैचवर्क का काम तक नहीं हो पाया औरकागजों में करोड़ों के बिल बनते ही चले गए। ये चार करोड़ रुपये अप्रैल 2023 से लेकर फरवरी 2024 के बीच खर्च किए गए हैं। अभी गत वित्तीय वर्ष का मार्च के महीने का बिल अधिकारी लेखाजोखा तैयार कर रहे हैं।
हैरानी की बात ये है कि निगम ने शहर की टूटी सड़कों की रिपेयरिंग के लिए दस करोड़ रुपये का बजट बनाया था। इनमें से 11 माह में चार करोड़ ही खर्च किए गए। जबकि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए टूटी सड़कों की रिपेयरिंग के लिए आठ करोड़ का बजट तैयार कर लिया है। वहीं, शहर के लोग एक बार फिर से निगम अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार हैं।
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भाजपा युवा नेता एवं समाजसेवी हिमांशु शर्मा ने बताया कि हर साल शहर में दशहरे से करीब 25 दिन पहले हनुमान स्वरूपों की यात्रा निकलती हैं, जिसमें रामभक्त नंगे पैर शहर की सड़कों का भ्रमण करते हैं। ऐसे में सनौली रोड, देवी मंदिर रोड, गंगापुरी रोड समेत आसपास के एरिया की कई मुख्य सड़कों की खस्ताहालत को सुधारने के लिए निगम को लेकर सितंबर- अक्तूबर 2023 को शांतिपूर्वक ज्ञापन दिया। गड्ढ़े नहीं भरे तो विरोध प्रदर्शन किया।
इसके बाद टूटी सड़कों की आरती तक उतारी। इसके बाद शहरी विधायक को ज्ञापन सौंपा गया लेकिन हैरानी की बात है कि अधिकारी फिर भी सड़कों की रिपेयरिंग नहीं करा पाए। इसके बाद हमें खुद काली पट्टी मुंह पर बांध निगम के सामने धरने पर भी बैठना पड़ा था। इसके बाद सड़कों का सुधार नहीं हो पाया है। निगम अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। शहर के लोगों के हित के लिए अगर प्रदर्शन भी करना पड़ा तो किया जाएगा।
पूर्व पार्षद एवं जन आवाज सोसायटी के प्रधान जोगिंद्र स्वामी ने कहा कि शहर की सड़कों की रिपेयरिंग मेंटनेंस का निगम अधिकारी अपने चहेते चार ठेकेदारों को काम दिलवाते हैं। इनके रेट ज्यादा से ज्यादा माइनस में होने के बाद भी वर्क ऑर्डर दिए जाते हैं। इसके बाद ये ठेकेदार ही फर्जी बिल बनाकर जेई से लेकर आयुक्त तक के पास अपनी फाइलों को पास करवाने जाते हैं। निगम के इस भ्रष्टाचार और गोलमाल की शिकायत सीएम फ्लाइंग, विजिलेंस से की जाएगी। इसके लिए निगम से रिकॉर्ड लिया जा रहा है।
इतना बजट शहर की सड़कों की रिपेयरिंग व मेंटनेंस पर खर्च नहीं हो सकता। ज्यादा से ज्यादा शहर की सड़कों की रिपेयरिंग पर एक करोड़ खर्च हुआ होगा। इसकी बजट से हमने शहर में काम भी करवाए हैं। पिछले एक साल से तो कोई ऐसा नया टेंडर भी नहीं हुआ है। - प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।
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पानीपत। शहर की सड़कों की रिपेयरिंग व मेंटनेंस में निगम का एक ओर बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। शहर की सड़कों व गलियों की रिपेयरिंग व मेटनेंस के लिए निगम अधिकारियों ने 11 माह में 4.06 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं बावजूद आज भी शहर की सड़कों की हालात बेहद खस्ता है।
यहां तक की शहर की टूटी सड़कों की रिपेयरिंग को लेकर साल भर लोग विरोध प्रदर्शन करते रहे। राम भक्त हनुमान के स्वरूपों तक शहर की टूटी सड़कों पर नंगे पैर घूमते रहे, जिससे उनके पांवों में छाले तक पड़ गए। इसके बाद भी सड़कों पर पैचवर्क का काम तक नहीं हो पाया औरकागजों में करोड़ों के बिल बनते ही चले गए। ये चार करोड़ रुपये अप्रैल 2023 से लेकर फरवरी 2024 के बीच खर्च किए गए हैं। अभी गत वित्तीय वर्ष का मार्च के महीने का बिल अधिकारी लेखाजोखा तैयार कर रहे हैं।
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हैरानी की बात ये है कि निगम ने शहर की टूटी सड़कों की रिपेयरिंग के लिए दस करोड़ रुपये का बजट बनाया था। इनमें से 11 माह में चार करोड़ ही खर्च किए गए। जबकि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए टूटी सड़कों की रिपेयरिंग के लिए आठ करोड़ का बजट तैयार कर लिया है। वहीं, शहर के लोग एक बार फिर से निगम अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार हैं।
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भाजपा युवा नेता एवं समाजसेवी हिमांशु शर्मा ने बताया कि हर साल शहर में दशहरे से करीब 25 दिन पहले हनुमान स्वरूपों की यात्रा निकलती हैं, जिसमें रामभक्त नंगे पैर शहर की सड़कों का भ्रमण करते हैं। ऐसे में सनौली रोड, देवी मंदिर रोड, गंगापुरी रोड समेत आसपास के एरिया की कई मुख्य सड़कों की खस्ताहालत को सुधारने के लिए निगम को लेकर सितंबर- अक्तूबर 2023 को शांतिपूर्वक ज्ञापन दिया। गड्ढ़े नहीं भरे तो विरोध प्रदर्शन किया।
इसके बाद टूटी सड़कों की आरती तक उतारी। इसके बाद शहरी विधायक को ज्ञापन सौंपा गया लेकिन हैरानी की बात है कि अधिकारी फिर भी सड़कों की रिपेयरिंग नहीं करा पाए। इसके बाद हमें खुद काली पट्टी मुंह पर बांध निगम के सामने धरने पर भी बैठना पड़ा था। इसके बाद सड़कों का सुधार नहीं हो पाया है। निगम अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। शहर के लोगों के हित के लिए अगर प्रदर्शन भी करना पड़ा तो किया जाएगा।
पूर्व पार्षद एवं जन आवाज सोसायटी के प्रधान जोगिंद्र स्वामी ने कहा कि शहर की सड़कों की रिपेयरिंग मेंटनेंस का निगम अधिकारी अपने चहेते चार ठेकेदारों को काम दिलवाते हैं। इनके रेट ज्यादा से ज्यादा माइनस में होने के बाद भी वर्क ऑर्डर दिए जाते हैं। इसके बाद ये ठेकेदार ही फर्जी बिल बनाकर जेई से लेकर आयुक्त तक के पास अपनी फाइलों को पास करवाने जाते हैं। निगम के इस भ्रष्टाचार और गोलमाल की शिकायत सीएम फ्लाइंग, विजिलेंस से की जाएगी। इसके लिए निगम से रिकॉर्ड लिया जा रहा है।
इतना बजट शहर की सड़कों की रिपेयरिंग व मेंटनेंस पर खर्च नहीं हो सकता। ज्यादा से ज्यादा शहर की सड़कों की रिपेयरिंग पर एक करोड़ खर्च हुआ होगा। इसकी बजट से हमने शहर में काम भी करवाए हैं। पिछले एक साल से तो कोई ऐसा नया टेंडर भी नहीं हुआ है। - प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।