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प्लॉटों में घोटाले का जिन्न फिर बाहर
अमर उजाला, पानीपत
Updated Tue, 22 Oct 2013 10:45 PM IST
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पानीपत के हुडा में बहुचर्चित श्रमिक प्लॉट घोटाले का जिन्न एक बार फिर
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बाहर आ गया है। आरटीआई कार्यकर्ता और मामले का भंडाफोड़ करने वाले पीपी
कपूर ने स्टेट विजिलेंस पर चार साल के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करने का
आरोप लगाया है और इस मामले में लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है।
कपूर ने मंगलवार को एक पत्रकार वार्ता में स्टेट विजिलेंस और हुडा पर जांच में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। उन्हाेंने बताया कि प्लॉटों की घोषणा 2001 में अनूठी योजना के तहत की गई थी और 2002 में अलाटमेंट दे दी थी। इसके तहत सेक्टर-25 पार्ट-2ए में मजदूरों के लिए 897 प्लॉट आरक्षित किए थे और इनका रेट बाजार से कम रखा था। कुछ लोगों ने हुडाकर्मियों के साथ मिलकर प्लॉटों में गोलमाल कर दिया।
उद्योगपति, भूमाफिया और कुछ बड़ी कोठियों में रहने वालों ने फैक्टरी में श्रमिक होने का शपथ पत्र भी दिया और करीब 83 प्लाटों की अलाटमेंट करा ली।
ऐसे उठा मामले से पर्दा
कपूर ने बताया कि 2007 में श्रमिक यूनियन को घपले की भनक लगी। उस समय कपूर इफ्टू नेता थे। इस मामले की तह तक जाने के लिए आरटीआई लगा दी। वह सूचना मिलने के बाद 2008 में हाईकोर्ट चला गया और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। हाईकोर्ट ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को दो माह में जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने 83 प्लॉटों की सूची में से 53 प्लॉटों की अलाटमेंट को रद्द कर दिया और 31 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।
यह है मामला
कपूर ने बताया कि स्टेट विजिलेंस ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया। लेकिन चार साल बाद आज तक इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई। विजिलेंस इस मामले में किसी अन्य को भी जांच में शामिल नहीं कर सकी है। विजिलेंस की अनदेखी से नामजद सभी 31 लोग खुले घूम रहे हैं। इनमें से कई आरोपी उन्हीं प्लॉटों में कोठी बनाकर रह रहे हैं।
हुडा ने भी बरती अनदेखी
हुडा ने भी अपात्र 57 प्लाटों के मालिकों को नोटिस भेजकर प्लाट रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी और सात कर्मियों को चार्जशीट कर दिया। इन चार सालों में हुडा के प्लॉटों को रद्द करने की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है और ही इन प्लॉटों का कब्जा ले पाया है। पीपी कपूर का आरोप है कि हुडा सीधे मुख्यमंत्री से जुड़ा है। इतने बड़े घोटाले पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
आरटीआई कार्यकर्ता फिर से आएंगे सामने
प्लॉट घोटाले में मामले को उजागर करने वाले पीपी कपूर ने सभी आरोपियों को सजा दिलाने का फैसला लिया है। उन्हाेंने कहा कि वे इसको लेकर हर संभव लड़ाई लडे़ंगे। इस मामले की जांच की समय सीमा निर्धारित करने और नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग करेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएं तो करीब छह सौ प्लाट घोटाले में आ सकते हैं।
हुडा के सात कर्मचारी फंसे थे
प्लाट घोटाले में हुडा के सात कर्मचारी फंस गए थे। लेकिन हुडा ने सातों को मात्र चार्जशीट कर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कर्मचारी इतना बड़ा घोटाला होने के बाद भी नौकरी कर रहे हैं।
कपूर ने मंगलवार को एक पत्रकार वार्ता में स्टेट विजिलेंस और हुडा पर जांच में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। उन्हाेंने बताया कि प्लॉटों की घोषणा 2001 में अनूठी योजना के तहत की गई थी और 2002 में अलाटमेंट दे दी थी। इसके तहत सेक्टर-25 पार्ट-2ए में मजदूरों के लिए 897 प्लॉट आरक्षित किए थे और इनका रेट बाजार से कम रखा था। कुछ लोगों ने हुडाकर्मियों के साथ मिलकर प्लॉटों में गोलमाल कर दिया।
उद्योगपति, भूमाफिया और कुछ बड़ी कोठियों में रहने वालों ने फैक्टरी में श्रमिक होने का शपथ पत्र भी दिया और करीब 83 प्लाटों की अलाटमेंट करा ली।
ऐसे उठा मामले से पर्दा
कपूर ने बताया कि 2007 में श्रमिक यूनियन को घपले की भनक लगी। उस समय कपूर इफ्टू नेता थे। इस मामले की तह तक जाने के लिए आरटीआई लगा दी। वह सूचना मिलने के बाद 2008 में हाईकोर्ट चला गया और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। हाईकोर्ट ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को दो माह में जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने 83 प्लॉटों की सूची में से 53 प्लॉटों की अलाटमेंट को रद्द कर दिया और 31 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।
यह है मामला
कपूर ने बताया कि स्टेट विजिलेंस ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया। लेकिन चार साल बाद आज तक इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई। विजिलेंस इस मामले में किसी अन्य को भी जांच में शामिल नहीं कर सकी है। विजिलेंस की अनदेखी से नामजद सभी 31 लोग खुले घूम रहे हैं। इनमें से कई आरोपी उन्हीं प्लॉटों में कोठी बनाकर रह रहे हैं।
हुडा ने भी बरती अनदेखी
हुडा ने भी अपात्र 57 प्लाटों के मालिकों को नोटिस भेजकर प्लाट रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी और सात कर्मियों को चार्जशीट कर दिया। इन चार सालों में हुडा के प्लॉटों को रद्द करने की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है और ही इन प्लॉटों का कब्जा ले पाया है। पीपी कपूर का आरोप है कि हुडा सीधे मुख्यमंत्री से जुड़ा है। इतने बड़े घोटाले पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
आरटीआई कार्यकर्ता फिर से आएंगे सामने
प्लॉट घोटाले में मामले को उजागर करने वाले पीपी कपूर ने सभी आरोपियों को सजा दिलाने का फैसला लिया है। उन्हाेंने कहा कि वे इसको लेकर हर संभव लड़ाई लडे़ंगे। इस मामले की जांच की समय सीमा निर्धारित करने और नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग करेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएं तो करीब छह सौ प्लाट घोटाले में आ सकते हैं।
हुडा के सात कर्मचारी फंसे थे
प्लाट घोटाले में हुडा के सात कर्मचारी फंस गए थे। लेकिन हुडा ने सातों को मात्र चार्जशीट कर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कर्मचारी इतना बड़ा घोटाला होने के बाद भी नौकरी कर रहे हैं।