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नए उद्योगों को बायोमास पर आने की मिले अनुमति
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पानीपत। दिसंबर 2020 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नए उद्योगों के लिए पीएनजी का कनेक्शन जरूरी कर दिया था। अब उद्यमियों ने इसके खिलाफ आवाज उठाने शुरू कर दी है। उद्यमियों ने नए उद्योगों को बायोमास पर आने की अनुमति मांगी है। उद्यमियों ने गुरुग्राम में पर्यावरण मंत्रालय, सीपीसीबी, एचएसपीसीबी व एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन के दो दिवसीय कॉनक्लेव में ये मांग उठाई है।
पानीपत के दल को लेकर भाजपा नेता व उद्यमी गजेंद्र सलूजा कॉनक्लेव में पहुंचे थे। यहां पर दल ने अपना मांग पत्र भी सौंपा है। इस कॉनक्लेव में पर्यावरण मामलों के अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट ने उद्यमियों को विभिन्न केमिकल की जानकारी भी दी है। जिसका प्रयोग न करके प्रदूषण स्तर को कम व उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। पानीपत के दल में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ कमलजीत सैनी, उद्यमी दीपक गर्ग, सुरेश कुमार व अशोक गुप्ता शामिल रहे।
पीएनजी व बॉयोमास प आने के लिए 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम
एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण स्तर को लेकर एनजीटी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड , हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन गंभीर है। कमीशन की ओर से एनसीआर के उन सभी उद्यमियों को 30 सितंबर तक पीएनजी के कनेक्शन लेने के लिए अल्टीमेटम दिया है। इसको लेकर एनसीआर के उद्यमी चिंतित है। पानीपत के 350 उद्यमी इस अल्टीमेटम पर पलायन करने की चेतावनी दे चुके हैं।
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नीदरलैंड का एनजीओ लगाएगा लैब
नीदरलैंड के एनजीओ ने भी सेक्टर 29 पार्ट टू में लैब स्थापित करने की पेशकश की है। एनजीओ के साथ उद्यमियों की वार्ता अंतिम दौर में है। एनजीओ उद्यमियों को केमिकल की जानकारी देगा और इन्हें उपलब्ध भी कराएगा। साथ ही इनके इस्तेमाल की सही विधि के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगा।
उद्यमियों की मांगों को मंत्रालय के सामने रखा
सीपीसीबी ने नए उद्योगों को एनओसी देने के लिए पीएनजी का कनेक्शन अनिवार्य किया है। अब नए निर्देश आए हैं कि उद्योग पीएनजी या बायोमास पर स्थानांतरित हों। उद्यमियों की मांग है कि नए उद्योगों को बायोमास का कनेक्शन लेने की अनुमति मिले। पीएनजी का प्रयोग बायोमास से काफी महंगा है। बायोमास के प्रयोग से किसानों की आय भी बढ़ेगी। -गजेंद्र सलूजा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व उद्यमी
पर्यावरण को बचाने पर हुई चर्चा
दो दिन के कॉनक्लेव में पर्यावरण मंत्रालय, सीपीसीबी व एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के अधिकारी भी आए थे। सरकार बढ़ते प्रदूषण को लेकर गंभीर है। अधिकारियों ने उद्यमियों को जल्द कोयला छोड़कर पीएनजी व बायोमास पर आने के निर्देश दिए हैं। कॉनक्लेव में कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। -कमलजीत सैनी, रिजनल ऑफिसर, एचएसपीसीबी
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पानीपत के दल को लेकर भाजपा नेता व उद्यमी गजेंद्र सलूजा कॉनक्लेव में पहुंचे थे। यहां पर दल ने अपना मांग पत्र भी सौंपा है। इस कॉनक्लेव में पर्यावरण मामलों के अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट ने उद्यमियों को विभिन्न केमिकल की जानकारी भी दी है। जिसका प्रयोग न करके प्रदूषण स्तर को कम व उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। पानीपत के दल में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ कमलजीत सैनी, उद्यमी दीपक गर्ग, सुरेश कुमार व अशोक गुप्ता शामिल रहे।
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पीएनजी व बॉयोमास प आने के लिए 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम
एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण स्तर को लेकर एनजीटी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड , हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन गंभीर है। कमीशन की ओर से एनसीआर के उन सभी उद्यमियों को 30 सितंबर तक पीएनजी के कनेक्शन लेने के लिए अल्टीमेटम दिया है। इसको लेकर एनसीआर के उद्यमी चिंतित है। पानीपत के 350 उद्यमी इस अल्टीमेटम पर पलायन करने की चेतावनी दे चुके हैं।
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नीदरलैंड का एनजीओ लगाएगा लैब
नीदरलैंड के एनजीओ ने भी सेक्टर 29 पार्ट टू में लैब स्थापित करने की पेशकश की है। एनजीओ के साथ उद्यमियों की वार्ता अंतिम दौर में है। एनजीओ उद्यमियों को केमिकल की जानकारी देगा और इन्हें उपलब्ध भी कराएगा। साथ ही इनके इस्तेमाल की सही विधि के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगा।
उद्यमियों की मांगों को मंत्रालय के सामने रखा
सीपीसीबी ने नए उद्योगों को एनओसी देने के लिए पीएनजी का कनेक्शन अनिवार्य किया है। अब नए निर्देश आए हैं कि उद्योग पीएनजी या बायोमास पर स्थानांतरित हों। उद्यमियों की मांग है कि नए उद्योगों को बायोमास का कनेक्शन लेने की अनुमति मिले। पीएनजी का प्रयोग बायोमास से काफी महंगा है। बायोमास के प्रयोग से किसानों की आय भी बढ़ेगी। -गजेंद्र सलूजा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व उद्यमी
पर्यावरण को बचाने पर हुई चर्चा
दो दिन के कॉनक्लेव में पर्यावरण मंत्रालय, सीपीसीबी व एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के अधिकारी भी आए थे। सरकार बढ़ते प्रदूषण को लेकर गंभीर है। अधिकारियों ने उद्यमियों को जल्द कोयला छोड़कर पीएनजी व बायोमास पर आने के निर्देश दिए हैं। कॉनक्लेव में कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। -कमलजीत सैनी, रिजनल ऑफिसर, एचएसपीसीबी