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Panipat News: नई तकनीकी में फंसी पेपरलेस रजिस्ट्री, अब प्रॉपर्टी आईडी नहीं दिख रही
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पानीपत। पेपरलेस रजिस्ट्री राजस्व विभाग की नई तकनीकी में फंस गई हैं। साॅफ्टवेयर में अब प्रॉपर्टी आईडी नहीं दिख रही है। इसके साथ और भी छोटी-छोटी कमियां हैं। इनके चलते रजिस्ट्री नहीं हो पा रही हैं। जिले की पानीपत समेत पांचों तहसीलों में पिछले दस दिन में केवल छह रजिस्ट्री ही हो सकी हैं। जबकि हर रोज करीब 250 रजिस्ट्री होती थी। जिले में करीब 2.50 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था। इन सबके चलते सरकार को करोड़ों रुपये का फटका इन दस दिन में लग चुका है।
राजस्व विभाग ने एक नवंबर को पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू की थी। पानीपत समेत जिले की पांचों तहसील में इसे लागू कर दिया था। एक और दो नवंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के चलते रजिस्ट्री नहीं की गई। सोमवार को रजिस्ट्री शुरू हुई थी। पहले तीन दिन रजिस्ट्री नहीं की जा सकी। पानीपत तहसील में इन इस दिन में केवल एक रजिस्ट्री हो पाई है। वहीं समालखा में पांच रजिस्ट्री हो सकी हैं। सोमवार को तहसील में करीब नौ आवेदन आए, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी। इनमें प्रॉपर्टी आईडी का विवरण नहीं मिला। ऐसे में आवेदन को रोक लिया गया है। स्थानीय अधिकारियों ने इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा है। इन आपत्तियों को जल्द ही दूर किया जा सकता है।
बॉक्स
हर रोज ढाई करोड़ का फटका
पानीपत तहसील में हर रोज 100 से 110 रजिस्ट्री होती हैं। वहीं जिले की समालखा, इसराना, मतलौडा और बापौली तहसील हैं। यहां राजस्व विभाग के अधिकारियाें के अनुसार हर रोज करीब ढाई करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। अब दस दिन से रजिस्ट्री नहीं हो रही हैं। ऐसे में राजस्व को फटका लग रहा है। इंसार बाजार के रमेश चुघ ने बताया कि उनको अपने प्लॉट की रजिस्ट्री करानी है। वह पांच दिन से ऑनलाइन एप्लाई कर रहा है। उनकी कागज अब तक मंजूर नहीं हो पाए हैं। ऐसे में रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। वह ऑफलाइन में रजिस्ट्री करा लेता तो ठीक रहता है।
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वर्जन :
नए सॉफ्टवेयर में प्रॉपर्टी आईडी नहीं मिल रही हैं और न ही इनका विवरण मिल रहा है। इस बारे में मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है। रजिस्ट्री कराने के आए नौ आवेदन को होल्ड किया गया है।
सौरभ शर्मा, नायब तहसीलदार पानीपत।
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राजस्व विभाग ने एक नवंबर को पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू की थी। पानीपत समेत जिले की पांचों तहसील में इसे लागू कर दिया था। एक और दो नवंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के चलते रजिस्ट्री नहीं की गई। सोमवार को रजिस्ट्री शुरू हुई थी। पहले तीन दिन रजिस्ट्री नहीं की जा सकी। पानीपत तहसील में इन इस दिन में केवल एक रजिस्ट्री हो पाई है। वहीं समालखा में पांच रजिस्ट्री हो सकी हैं। सोमवार को तहसील में करीब नौ आवेदन आए, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी। इनमें प्रॉपर्टी आईडी का विवरण नहीं मिला। ऐसे में आवेदन को रोक लिया गया है। स्थानीय अधिकारियों ने इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा है। इन आपत्तियों को जल्द ही दूर किया जा सकता है।
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हर रोज ढाई करोड़ का फटका
पानीपत तहसील में हर रोज 100 से 110 रजिस्ट्री होती हैं। वहीं जिले की समालखा, इसराना, मतलौडा और बापौली तहसील हैं। यहां राजस्व विभाग के अधिकारियाें के अनुसार हर रोज करीब ढाई करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। अब दस दिन से रजिस्ट्री नहीं हो रही हैं। ऐसे में राजस्व को फटका लग रहा है। इंसार बाजार के रमेश चुघ ने बताया कि उनको अपने प्लॉट की रजिस्ट्री करानी है। वह पांच दिन से ऑनलाइन एप्लाई कर रहा है। उनकी कागज अब तक मंजूर नहीं हो पाए हैं। ऐसे में रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। वह ऑफलाइन में रजिस्ट्री करा लेता तो ठीक रहता है।
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नए सॉफ्टवेयर में प्रॉपर्टी आईडी नहीं मिल रही हैं और न ही इनका विवरण मिल रहा है। इस बारे में मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है। रजिस्ट्री कराने के आए नौ आवेदन को होल्ड किया गया है।
सौरभ शर्मा, नायब तहसीलदार पानीपत।