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Panipat News: पानीपत की बेटी मुस्कान ने हासिल किया 98वां स्थान
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पानीपत। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में जिले की बेटी मुस्कान खुराना ने 98वीं रैंक हासिल की है। बेटी की इस कामयाबी पर परिजनों को फख्र है। उनका कहना है कि बेटी ने परिवार के साथ-साथ गुरुजनों और जिले का नाम रोशन किया है।
मॉडल टाउन के रहने वाले विवेक खुराना ने बताया कि उनका हैंडलूम का कारोबार है। उनकी बड़ी बेटी मुस्कान और छोटा बेटा पुरषार्थ है। उसकी बेटी मुस्कान 25 वर्ष की है। इस परीक्षा में यह उसका तीसरा प्रयास था। फिलहाल वह दिल्ली में रहकर इंटरनेशनल अफेयर में पीएचडी कर रही है। मुस्कान का अपनी दादी इंद्रा खुराना से काफी लगाव है, वह ज्यादातर समय दादी के पास ही रहती थी। उसकी दादी समालखा स्थित जीए कॉलेज में प्रोफेसर थीं। वह अब सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।
सीए शशिकांत चड्डा ने बताया कि उसकी भतीजी मुस्कान खुराना ने कक्षा सातवीं में हिसार के विद्या देवी जिंदल स्कूल में दाखिला ले लिया था। वह वहां हॉस्टल में ही रहने लगी। 10वीं में 97 प्रतिशत और 12वीं में 94.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से स्नातक करने के बाद मुस्कान ने दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से राजनीति शास्त्र में परास्नातक में दाखिला लिया। वह पहले दो बार जनरल स्टडीज में कमजोर होने के कारण यूपीएससी की परीक्षा पास नहीं कर सकी। इस बार जनरल स्टडीज को ही फोकस किया। सोशल मीडिया का प्रयोग जरूरत के लिए किया। पिता विवेक खुराना ने बताया कि मुस्कान ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। सोशल मीडिया का प्रयोग जरूरत के अनुसार करती थी। वह प्रतिदिन करीब 18 घंटे पढ़ाई करती है। बैडमिंटन खेलना उसकी पसंद है, लेकिन पढ़ाई पर फोकस रखना उसकी प्राथमिकता है। मुस्कान की सोच है कि अगर आपका लक्ष्य स्पष्ट हो तो अंत में आप उसे हासिल कर ही लेते हैं। लक्ष्य के प्रति समर्पण सबसे ज्यादा जरूरी है और इसके लिए शुरू से मेहनत करनी होती है।
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मॉडल टाउन के रहने वाले विवेक खुराना ने बताया कि उनका हैंडलूम का कारोबार है। उनकी बड़ी बेटी मुस्कान और छोटा बेटा पुरषार्थ है। उसकी बेटी मुस्कान 25 वर्ष की है। इस परीक्षा में यह उसका तीसरा प्रयास था। फिलहाल वह दिल्ली में रहकर इंटरनेशनल अफेयर में पीएचडी कर रही है। मुस्कान का अपनी दादी इंद्रा खुराना से काफी लगाव है, वह ज्यादातर समय दादी के पास ही रहती थी। उसकी दादी समालखा स्थित जीए कॉलेज में प्रोफेसर थीं। वह अब सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।
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सीए शशिकांत चड्डा ने बताया कि उसकी भतीजी मुस्कान खुराना ने कक्षा सातवीं में हिसार के विद्या देवी जिंदल स्कूल में दाखिला ले लिया था। वह वहां हॉस्टल में ही रहने लगी। 10वीं में 97 प्रतिशत और 12वीं में 94.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से स्नातक करने के बाद मुस्कान ने दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से राजनीति शास्त्र में परास्नातक में दाखिला लिया। वह पहले दो बार जनरल स्टडीज में कमजोर होने के कारण यूपीएससी की परीक्षा पास नहीं कर सकी। इस बार जनरल स्टडीज को ही फोकस किया। सोशल मीडिया का प्रयोग जरूरत के लिए किया। पिता विवेक खुराना ने बताया कि मुस्कान ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। सोशल मीडिया का प्रयोग जरूरत के अनुसार करती थी। वह प्रतिदिन करीब 18 घंटे पढ़ाई करती है। बैडमिंटन खेलना उसकी पसंद है, लेकिन पढ़ाई पर फोकस रखना उसकी प्राथमिकता है। मुस्कान की सोच है कि अगर आपका लक्ष्य स्पष्ट हो तो अंत में आप उसे हासिल कर ही लेते हैं। लक्ष्य के प्रति समर्पण सबसे ज्यादा जरूरी है और इसके लिए शुरू से मेहनत करनी होती है।
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