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Panipat News: दिल्ली से भी ज्यादा जहरीली हुई पानीपत की हवा
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सोमवार के मुकाबले एक दिन में 95 अंकों का उछाल, एक्यूआई पहुंचा 274, दिल्ली का एक्यूआई 197
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक होता जा रहा है। सर्दी की शुरुआत में ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 274 पर पहुंच गया है, जो खराब श्रेणी में आता है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक्यूआई 197 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में है। ऐसे में पानीपत की हवा दिल्ली के मुकाबले कहीं अधिक प्रदूषित हो गई है।
सोमवार को पानीपत का एक्यूआई 179 दर्ज किया गया था। इस लिहाज से एक ही दिन में इसमें 95 अंकों की भारी बढ़ोतरी हुई है। प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञ वरुण गुलाटी ने बताया कि हवा में पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने से स्थिति गंभीर हुई है। समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह स्वास्थ्य के लिए और अधिक हानिकारक हो सकता है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से प्रदूषण रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत बताई।
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पराली जलाने के मामलों पर नजर रख रही टीम
जिले में धान की कटाई का काम जारी है। पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नोडल अधिकारी की पानीपत में विशेष ड्यूटी लगाई गई है। वह कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार निरीक्षण कर रही हैं। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचती है। तीन दिन पहले बारना गांव में पराली में आग लगने का मामला सामने आया था। विभाग की प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना गया।
ग्रैप की शर्तें लागू होंगी
एचएसपीसीबी के एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों में एक्यूआई बढ़ा है। एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार ग्रैप की शर्तें लागू की जाएंगी। नियमों के पालन में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक होता जा रहा है। सर्दी की शुरुआत में ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 274 पर पहुंच गया है, जो खराब श्रेणी में आता है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक्यूआई 197 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में है। ऐसे में पानीपत की हवा दिल्ली के मुकाबले कहीं अधिक प्रदूषित हो गई है।
सोमवार को पानीपत का एक्यूआई 179 दर्ज किया गया था। इस लिहाज से एक ही दिन में इसमें 95 अंकों की भारी बढ़ोतरी हुई है। प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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पर्यावरण विशेषज्ञ वरुण गुलाटी ने बताया कि हवा में पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने से स्थिति गंभीर हुई है। समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह स्वास्थ्य के लिए और अधिक हानिकारक हो सकता है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से प्रदूषण रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत बताई।
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पराली जलाने के मामलों पर नजर रख रही टीम
जिले में धान की कटाई का काम जारी है। पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नोडल अधिकारी की पानीपत में विशेष ड्यूटी लगाई गई है। वह कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार निरीक्षण कर रही हैं। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचती है। तीन दिन पहले बारना गांव में पराली में आग लगने का मामला सामने आया था। विभाग की प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना गया।
ग्रैप की शर्तें लागू होंगी
एचएसपीसीबी के एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों में एक्यूआई बढ़ा है। एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार ग्रैप की शर्तें लागू की जाएंगी। नियमों के पालन में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।