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Panipat News: टेक्सटाइल नगरी में 80 प्रतिशत फैक्टरियाें के पास एनओसी नहीं
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। टेक्सटाइल नगरी पानीपत में औद्योगिक सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी की जा रही है। दमकल विभाग के आंकड़ों के मुताबिक करीब 80 प्रतिशत फैक्टरियां बिना एनओसी के चल रही हैं, जबकि 70 प्रतिशत इकाइयों में अग्निशमन उपकरण या तो नदारद हैं या बदहाल हैं।
नतीजा है कि पिछले 10 महीनों में शहर की फैक्टरियों में आग की चार बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई श्रमिकों की जान गई और कई गंभीर रूप से झुलसे। इसके बावजूद न उद्यमी चेत रहे हैं, न प्रशासन सख्त कार्रवाई करता दिख रहा है।
बीते हादसों से भी नहीं लिया सबक
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23 अक्तूबर: काबड़ी रोड स्थित कुलदीप नगर की पॉलिएस्टर फैक्टरी में भीषण आग, आसपास मकानों में दरारें आईं।
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23 अगस्त: सेक्टर-29 पार्ट-2 की रग्स फैक्टरी में आग लगी।
n सितंबर: मॉडल टाउन की कश्यप कॉलोनी स्थित जूट व कारपेट फैक्टरी में आग से पांच महिला मजदूर गंभीर रूप से झुलसीं।
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14 फरवरी: गंगा राम कॉलोनी की कॉटन फैक्टरी में आग से अफरा-तफरी मची।
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11 फरवरी: वेस्ट क्लॉथ गोदाम की आग बुझाने के लिए करनाल और सोनीपत से भी 15 दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ीं।
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21 नवंबर 2025: बलाना गांव की सीआरजी कॉटेक्स धागा फैक्टरी शॉर्ट सर्किट से जलकर खाक हो गई।
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पांच दिसंबर 2024: बलाना गांव की एक फैक्टरी में आग से दो मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई।
नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट हो और बिना एनओसी चल रही इकाइयों को सील किया जाए, तो श्रमिकों की जान बचाई जा सकती है। -सुनील दत्त, श्रमिक नेता
लापरवाह मालिकों को समय-समय पर नोटिस दिया जाता है। -गुरमेल सिंह, जिला दमकल अधिकारी
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नतीजा है कि पिछले 10 महीनों में शहर की फैक्टरियों में आग की चार बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई श्रमिकों की जान गई और कई गंभीर रूप से झुलसे। इसके बावजूद न उद्यमी चेत रहे हैं, न प्रशासन सख्त कार्रवाई करता दिख रहा है।
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बीते हादसों से भी नहीं लिया सबक
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23 अक्तूबर: काबड़ी रोड स्थित कुलदीप नगर की पॉलिएस्टर फैक्टरी में भीषण आग, आसपास मकानों में दरारें आईं।
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23 अगस्त: सेक्टर-29 पार्ट-2 की रग्स फैक्टरी में आग लगी।
n सितंबर: मॉडल टाउन की कश्यप कॉलोनी स्थित जूट व कारपेट फैक्टरी में आग से पांच महिला मजदूर गंभीर रूप से झुलसीं।
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14 फरवरी: गंगा राम कॉलोनी की कॉटन फैक्टरी में आग से अफरा-तफरी मची।
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11 फरवरी: वेस्ट क्लॉथ गोदाम की आग बुझाने के लिए करनाल और सोनीपत से भी 15 दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ीं।
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21 नवंबर 2025: बलाना गांव की सीआरजी कॉटेक्स धागा फैक्टरी शॉर्ट सर्किट से जलकर खाक हो गई।
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पांच दिसंबर 2024: बलाना गांव की एक फैक्टरी में आग से दो मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई।
नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट हो और बिना एनओसी चल रही इकाइयों को सील किया जाए, तो श्रमिकों की जान बचाई जा सकती है। -सुनील दत्त, श्रमिक नेता
लापरवाह मालिकों को समय-समय पर नोटिस दिया जाता है। -गुरमेल सिंह, जिला दमकल अधिकारी