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सनौली रोड सब-डिवीजन को नहीं मिल रहा कार्यालय
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Thu, 15 May 2014 12:29 AM IST
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गोहाना रोड स्थित सनौली रोड सब-डिवीजन को नियमित कार्यालय नहीं मिलने से उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को भारी परेशानी हो रही है। डिवीजन का कार्यालय करीब सात माह पहले आगजनी के कारण नष्ट हो गया था।
लंबा समय बीत जाने के बाद भी अब तक न तो आगजनी के सही कारणों का पता चला पाया है और न ही कर्मचारियों को बैठने के लिए उपयुक्त स्थान मिल पाया है। संबंधित डिवीजन से जुड़े उपभोक्ताओं और कर्मचारियों की माने तो स्थानीय अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
11 नवंबर 2013 की रात कार्यालय में लग गई थी आग
सनौली रोड सब-डिवीजन कार्यालय में 11 नवंबर की रात आग लग गई थी। उस समय स्थानीय अधिकारियों ने जल्दी ही आग लगने के सही कारणों को पता लगाने और सनौली रोड सब डिवीजन कर्मचारियों को सही स्थान पर नियमित कार्यालय उपलब्ध कराने का दावा किया था।
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आगजनी के कारण कार्यालय में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया था। इसमें कोर्ट केसिज, रिवेन्यू, उपभोक्ताआें से जुड़ी फाइल, रीडिंग रिकार्ड, दो रनिंग कंप्यूटर और एक नया कंप्यूटर व फर्नीचर समेत जलकर नष्ट हो गया था।
कमरे के छोटे हिस्से में भर रखी हैं कुर्सियां और मेज
सिटी डिवीजन स्थित एक कमरे में कुर्सियां और मेज ठूंस-ठूंसकर भरकर यहीं पर ही सनौली रोड सब डिवीजन कर्मचारियों को अस्थाई जगह दी गई हैं।
यहां पर बिजली कर्मचारी ही एक-दूसरे को एक तरफ कर जगह बनाकर ही अपनी कुर्सी व मेज तक पहुंच पाते हैं। इसके बाद जब उपभोक्ताओं के पहुंचने का समय आता है तो तीन-चार उपभोक्ता एक साथ एकत्रित होकर कार्यालय में घुस नहीं सकते। यह नजारा हर रोज देखनेे को मिलता है।
धक्का-मुक्की मेें नहीं हो पाता काम
कार्यालय मेें दिनभर धक्का-मुक्की रहने के कारण यहां पर न तो कर्मचारी ही सही तरह से काम कर पाते हैं और न ही उपभोक्ताओें के काम हो पा रहे हैं। आए दिन बहस होना और काम पूरा कराने के लिए जद्दोजहद करना आम बात हो गई है।
कब मिलेगा कार्यालय?
सनौली रोड सब डिवीजन को कब कार्यालय मिलेगा, कब यहां पर कर्मचारियों को सही ढंग से बैठने की जगह मिलेगी और कब उपभोक्ताओं को अपने विभिन्न काम कराने के लिए बहस करने से पीछा छुटेगा, इन सब सवालोें के संतोषजनक जवाब देने के लिए कोई तैयार नहीं हो है।
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लंबा समय बीत जाने के बाद भी अब तक न तो आगजनी के सही कारणों का पता चला पाया है और न ही कर्मचारियों को बैठने के लिए उपयुक्त स्थान मिल पाया है। संबंधित डिवीजन से जुड़े उपभोक्ताओं और कर्मचारियों की माने तो स्थानीय अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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11 नवंबर 2013 की रात कार्यालय में लग गई थी आग
सनौली रोड सब-डिवीजन कार्यालय में 11 नवंबर की रात आग लग गई थी। उस समय स्थानीय अधिकारियों ने जल्दी ही आग लगने के सही कारणों को पता लगाने और सनौली रोड सब डिवीजन कर्मचारियों को सही स्थान पर नियमित कार्यालय उपलब्ध कराने का दावा किया था।
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आगजनी के कारण कार्यालय में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया था। इसमें कोर्ट केसिज, रिवेन्यू, उपभोक्ताआें से जुड़ी फाइल, रीडिंग रिकार्ड, दो रनिंग कंप्यूटर और एक नया कंप्यूटर व फर्नीचर समेत जलकर नष्ट हो गया था।
कमरे के छोटे हिस्से में भर रखी हैं कुर्सियां और मेज
सिटी डिवीजन स्थित एक कमरे में कुर्सियां और मेज ठूंस-ठूंसकर भरकर यहीं पर ही सनौली रोड सब डिवीजन कर्मचारियों को अस्थाई जगह दी गई हैं।
यहां पर बिजली कर्मचारी ही एक-दूसरे को एक तरफ कर जगह बनाकर ही अपनी कुर्सी व मेज तक पहुंच पाते हैं। इसके बाद जब उपभोक्ताओं के पहुंचने का समय आता है तो तीन-चार उपभोक्ता एक साथ एकत्रित होकर कार्यालय में घुस नहीं सकते। यह नजारा हर रोज देखनेे को मिलता है।
धक्का-मुक्की मेें नहीं हो पाता काम
कार्यालय मेें दिनभर धक्का-मुक्की रहने के कारण यहां पर न तो कर्मचारी ही सही तरह से काम कर पाते हैं और न ही उपभोक्ताओें के काम हो पा रहे हैं। आए दिन बहस होना और काम पूरा कराने के लिए जद्दोजहद करना आम बात हो गई है।
कब मिलेगा कार्यालय?
सनौली रोड सब डिवीजन को कब कार्यालय मिलेगा, कब यहां पर कर्मचारियों को सही ढंग से बैठने की जगह मिलेगी और कब उपभोक्ताओं को अपने विभिन्न काम कराने के लिए बहस करने से पीछा छुटेगा, इन सब सवालोें के संतोषजनक जवाब देने के लिए कोई तैयार नहीं हो है।