फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Panipat remained the second most polluted city in the state

Panipat News: प्रदेश में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा पानीपत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Nov 2024 07:29 AM IST
विज्ञापन
Panipat remained the second most polluted city in the state
पानीपत। पिछले सवा माह से पानीपत समेत एनसीआर की हवा की गुणवत्ता रेड जोन में है। पानीपत का एक्यूआई शनिवार के मुकाबले रविवार को एक्यूआई 125 अंक कम रहा है। यह 250 दर्ज किया गया है। इसमें भी शहर की हवा में धूल की मात्रा अधिक है। अधिकारियों का दावा है कि फैक्ट्री बंद होने से एक्यूआई कम हुआ है।
विज्ञापन

रविवार को पानीपत फरीदाबाद के बाद कैथल के साथ संयुक्त रूप से प्रदेश में सबसे प्रदूषित शहर रहा। पानीपत में एक्यूआई लगातार खराब जोन में होने का सबसे बड़ा कारण ग्रैप चार की पाबंदियों में ढील है। पानीपत में सरेआम भवन निर्माण कार्य चल रहे हैं । सरकारी विभागों में भी भवन निर्माण के काम बंद नहीं किए गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मदर एंड चाइल्ड केयर विंग का काम चल रहा है। सरकारी विभागों में जनरेटर सेट भी चल रहे हैं। निर्माण सामग्री खुले में पड़ी है। हवा चलने से धूल के कण हवा में मिश्रित हो रहे हैं।
विज्ञापन

नगर निगम सिर्फ औद्योगिक क्षेत्रों में ही पानी का छिड़काव कर रहा है। बरसत रोड, असंध रोड व गोहाना रोड पर पानी का छिड़काव नहीं किया गया है। पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई ने स्टेट हाईवे व जीटी रोड पर पानी के छिड़काव के लिए टीमें तक नहीं बनाई है। रविवार को पानीपत में हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 301 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक पहुंच गई है। हवा में धुएं की मात्रा भी 211, कार्बन की मात्रा 83 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। हवा में कार्बन की मात्रा लगातार बढ़ रही है। अब हवा में सल्फर ऑक्साइड की मात्रा 10 व नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा 32 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक पहुंच गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स


हर व्यक्ति 15-20 सिगरेट का कर रहा सेवन



स्मॉग से दमा रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। दमा रोगी हाफ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार शहर का हर व्यक्ति पेसिव रूप से प्रतिदिन 15-20 सिगरेट का सेवन कर रहा है। इसलिए फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है। नेत्र रोगियों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है। जिन मरीजों ने मोतियाबिंद की सर्जरी कराई है। उनकी आंखों में संक्रमण का भय बना हुआ है। गर्भवतियों में अब प्री मैच्योर डिलीवरी का खतरा भी बढ़ गया है। डॉक्टर लोगों को सुबह शाम सैर से बचने की सलाह दे रहे हैं।




बरसात के बाद टूटेगी स्मॉग की चादर- डॉ. राजेंद्र

प्रदूषण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना है कि हवा की रफ्तार बढ़ेगी तो थोड़ा एक्यूआई गिरेगा। हवा का दबाव बनते ही स्मॉग की चादर बनेगी। अब हवा में कार्बन की मात्रा बढ़ रही है। यह बेहद खतरनाक है। अब बरसात के बाद ही स्मॉग की चादर टूटेगी। प्रशासन को ग्रैप चार के तहत गंभीरता से काम करना चाहिए। फिलहाल ग्रैप चार के नियमों में ढील है।




वर्जन-



प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप ने बताया कि ग्रैप चार के तहत गंभीरता से काम किया जा रहा है। संबंधित विभागों को सड़कों व पेड़-पौधों पर छिड़काव के लिए कहा गया है। वह उद्योगों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। जिन उद्योगों में प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग मिला, उन पर कार्रवाई निश्चित तौर पर की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed