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प्रशासन ने हटवा दी थी फ्रूट रहेड़ी, पांच माह से परेशान अधेड़ की मौत
amar ujala beuro panipat
Updated Wed, 04 Jan 2017 11:50 PM IST
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प्रशासन और नगर निगम ने बस स्टैंड के आसपास से फ्रूट रेहड़ी हटवा दी थी। इससे परेशान एक रेहड़ी संचालक की घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह भी अन्य रेहड़ी संचालकों के साथ फिर से रेहड़ी लगाने के लिए संघर्ष कर रहा था। प्रशासन के रेहड़ी हटाने और दूसरी जगह न देने से करीब 250 लोग रोजी-रोटी के लिए परेशान हैं। अधेड़ की मौत से अन्य रेहड़ी संचालकों में आक्रोश है और वे पोस्टमार्टम तक कराने के लिए तैयार नहीं हुए। रेहड़ी संचालकों ने पूरे मामले में जल्द प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने की बात कही है। थाना शहर पुलिस ने अधेड़ की मौत की जानकारी होने से इनकार किया है।
तहसील कैंप निवासी रेहड़ी संचालक बिट्टू (46) की मंगलवार देर रात को तबीयत बिगड़ गई। कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का दावा है कि बिट्टू रेहड़ी हटने के बाद घर चलाने को लेकर परेशान था। इस संबंध में वह कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से भी गुहार लगा चुका था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही कई रेहड़ी संचालक उसके घर पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ रोष प्रकट किया। गुस्साए परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और बुधवार दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया। रेहड़ी संचालकों ने कहा कि वे बुधवार दोपहर बाद एकत्रित होकर लघु सचिवालय पहुंचे और एसडीएम से मिले। एसडीएम ने उनसे कुछ दिनों का समय मांगते हुए समाधान करवाने की बात कही है।
यह है मामला
जिला प्रशासन ने 12 अगस्त को बस स्टैंड के बाहर सड़क किनारे लगने वालीं करीब 250 फ्रूट रेहड़ियों को हटवा दिया था। इससे सभी रेहड़ी संचालक और उनके साथ काम करने वाले बेरोजगार हो गए थे। अपनी मांगों को लेकर वे लोग पिछले पांच माह में मंत्री, विधायकों, डीसी और एसडीएम से मिल चुके हैं। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। वे सब मंगलवार को भी एसपी से मिले थे। उन्होंने इस मामले में डीसी से मिलने की बात कही थी।
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पुलिस के पास तहसील कैंप में किसी व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं है। इस तरह की कोई शिकायत मिलती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रेहड़ी हटाने या लगवाने में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत रेहड़ी हटवाई थीं।
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना शहर पानीपत।
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तहसील कैंप निवासी रेहड़ी संचालक बिट्टू (46) की मंगलवार देर रात को तबीयत बिगड़ गई। कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का दावा है कि बिट्टू रेहड़ी हटने के बाद घर चलाने को लेकर परेशान था। इस संबंध में वह कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से भी गुहार लगा चुका था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही कई रेहड़ी संचालक उसके घर पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ रोष प्रकट किया। गुस्साए परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और बुधवार दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया। रेहड़ी संचालकों ने कहा कि वे बुधवार दोपहर बाद एकत्रित होकर लघु सचिवालय पहुंचे और एसडीएम से मिले। एसडीएम ने उनसे कुछ दिनों का समय मांगते हुए समाधान करवाने की बात कही है।
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यह है मामला
जिला प्रशासन ने 12 अगस्त को बस स्टैंड के बाहर सड़क किनारे लगने वालीं करीब 250 फ्रूट रेहड़ियों को हटवा दिया था। इससे सभी रेहड़ी संचालक और उनके साथ काम करने वाले बेरोजगार हो गए थे। अपनी मांगों को लेकर वे लोग पिछले पांच माह में मंत्री, विधायकों, डीसी और एसडीएम से मिल चुके हैं। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। वे सब मंगलवार को भी एसपी से मिले थे। उन्होंने इस मामले में डीसी से मिलने की बात कही थी।
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पुलिस के पास तहसील कैंप में किसी व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं है। इस तरह की कोई शिकायत मिलती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रेहड़ी हटाने या लगवाने में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत रेहड़ी हटवाई थीं।
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना शहर पानीपत।