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सिविल अस्पताल के चार डॉक्टर डेप्यूटेशन पर पीजीआई खानपुर भेजे
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:13 AM IST
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पानीपत
- फोटो : bureau
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सिविल अस्पताल के चार डॉक्टरों को एसीएस (एडिशनल चीफ सेक्रेटरी) ने दो माह के डेप्यूटेशन पर पीजीआई खानपुर भेज दिया है। यह फैसला एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) के पीजीआई खानपुर में होने वाले इंस्पेक्शन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अस्पताल के चार महत्वपूर्ण विभागों के डॉक्टर के जाने से सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होना लाजमी है। अब सिविल अस्पताल में कोई भी मनोचिकित्सक और फिजिशियन नहीं है। एसीएस ने बुधवार रात को सिविल अस्पताल के चार डॉक्टर डॉ. मोना नागपाल (मनोचिकित्सक)
डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. अजय कपूर (क्लासिक सर्जन) और डॉ. जोगिंद्र दूहन (फिजिशियन) को दो माह के डेप्यूटेशन पर पीजीआई खानपुर भेज है। यह सब पीजीआई खानपुर में डॉक्टरों की संख्या पूरी करने के लिए किया गया है। कई जिलों से डॉक्टरों को डेप्यूटेशन पर भेज कर पीजीआई खानपुर में डॉक्टरों की संख्या पूरी की जा रही है।
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इन चिकित्सकों के जाने के बाद अब सिविल अस्पताल में कोई मनोचिकित्सक और फिजिशियन उपलब्ध नहीं है। डॉ. संजीव गुप्ता और डॉ. अजय कपूर के जाने के बाद सिविल अस्पताल में डॉ. विजय मलिक अकेले सर्जन रह गए हैं। अब वे ही प्रतिदिन 200 मरीजों के लिए जिम्मेदार रहेंगे।
मनोचिकित्सक और फिजिशियन नहीं होने के कारण हर रोज सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ेगा। फिलहाल सिविल अस्पताल में 35 डॉक्टर हैं। इनमें से बहुत से छुट्टी या दूसरी ड्यूटियों पर गए हुए हैं।
एसीएस के आदेशों पर चार डॉक्टरों को डेप्यूटेशन पर पीजीआई खानपुर भेजा है। शुक्रवार को चारों को रिलीव किया जाएगा। मनोचिकित्सक और फिजिशियन का सिविल अस्पताल में कोई विकल्प नहीं है। मरीजों के लिए अच्छी खबर नहीं है। इससे अस्पताल की व्यवस्था पर असर पड़ेगा। एसीएस के आदेशों को मानना पड़ेगा।
डॉ. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल पानीपत
सिविल अस्पताल से मनोचिकित्सक, दो क्लासिक सर्जन और एक फिजिशियन को पीजीआई खानपुर भेजा जा रहा है। एसीएस के आदेश के अनुसार डॉक्टरों की डेप्यूटेशन पर भेजा गया है। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के विकल्प के बारे में उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी।
डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सीएमओ पानीपत
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अस्पताल के चार महत्वपूर्ण विभागों के डॉक्टर के जाने से सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होना लाजमी है। अब सिविल अस्पताल में कोई भी मनोचिकित्सक और फिजिशियन नहीं है। एसीएस ने बुधवार रात को सिविल अस्पताल के चार डॉक्टर डॉ. मोना नागपाल (मनोचिकित्सक)
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डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. अजय कपूर (क्लासिक सर्जन) और डॉ. जोगिंद्र दूहन (फिजिशियन) को दो माह के डेप्यूटेशन पर पीजीआई खानपुर भेज है। यह सब पीजीआई खानपुर में डॉक्टरों की संख्या पूरी करने के लिए किया गया है। कई जिलों से डॉक्टरों को डेप्यूटेशन पर भेज कर पीजीआई खानपुर में डॉक्टरों की संख्या पूरी की जा रही है।
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इन चिकित्सकों के जाने के बाद अब सिविल अस्पताल में कोई मनोचिकित्सक और फिजिशियन उपलब्ध नहीं है। डॉ. संजीव गुप्ता और डॉ. अजय कपूर के जाने के बाद सिविल अस्पताल में डॉ. विजय मलिक अकेले सर्जन रह गए हैं। अब वे ही प्रतिदिन 200 मरीजों के लिए जिम्मेदार रहेंगे।
मनोचिकित्सक और फिजिशियन नहीं होने के कारण हर रोज सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ेगा। फिलहाल सिविल अस्पताल में 35 डॉक्टर हैं। इनमें से बहुत से छुट्टी या दूसरी ड्यूटियों पर गए हुए हैं।
एसीएस के आदेशों पर चार डॉक्टरों को डेप्यूटेशन पर पीजीआई खानपुर भेजा है। शुक्रवार को चारों को रिलीव किया जाएगा। मनोचिकित्सक और फिजिशियन का सिविल अस्पताल में कोई विकल्प नहीं है। मरीजों के लिए अच्छी खबर नहीं है। इससे अस्पताल की व्यवस्था पर असर पड़ेगा। एसीएस के आदेशों को मानना पड़ेगा।
डॉ. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल पानीपत
सिविल अस्पताल से मनोचिकित्सक, दो क्लासिक सर्जन और एक फिजिशियन को पीजीआई खानपुर भेजा जा रहा है। एसीएस के आदेश के अनुसार डॉक्टरों की डेप्यूटेशन पर भेजा गया है। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के विकल्प के बारे में उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी।
डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सीएमओ पानीपत