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Panipat News: आतंकियों व उपद्रवियों के निशाने पर पानीपत, तीन बार हो चुका बम धमाके
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पानीपत। पानीपत सालों से आतंकियों व उपद्रवियों के निशाने पर है। पानीपत में पिछले 18 साल में तीन बार बम विस्फोट हो चुका है। इन आतंकी घटनाओं में 68 लोगों की मौत हो चुकी है। रेलवे का करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। 2016 में लगातार दो बार ट्रेन की बोगियों में बम ब्लास्ट किए गए, गनीमत रही कि इसमें जान का नुकसान नहीं हुआ। रेलवे ने मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। कई क्राइम ब्रांच ने इन मामलों की जांच की लेकिन दोनों ही घटनाओं में रेलवे व एसआईटी की जांच सीफर रही। आज तक इन घटनाओं का कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सका है। अब बुधवार सुबह पानीपत में गोहाना रोड पुल के पास एक्सप्रेस ट्रेन को पलटने का प्रयास किया गया, 10 मिनट पहले यहां पहुंचे लोको पायलट की सूझ बूझ से यह हादसा टल गया। रेलवे ट्रेक पर लोहे का एंगल रखकर वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया गया था।
बॉक्स
इन धमाकों से दहली टेक्सटाइल नगरी
18 फरवरी 2007 को पानीपत में दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में बम धमाका हुआ था। इससे समझौता एक्सप्रेस की दो बोगियों में भीषण आग लग गई थी। इसमें 68 लोग जिंदा जल गए थे। करीब 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। मरने वालों में 12 बच्चे भी थे। आज भी 10-12 यात्रियों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। मरने वालों में अधिकतर पाकिस्तान के रहने वाले थे। इनको महराना के पस कब्रिस्तान में दफनाया गया था।
12 मई 2016 में पैसेंजर ट्रेन में ब्लास्ट:
12 मई रात सवा आठ बजे पुरानी दिल्ली से चलकर पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंची 64451 पैसेंजर ट्रेन में करीब 8.05 बजे उस वक्त धमाका हुआ था जब ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर चार से यार्ड में ले जाया जा रहा था। आगे वाली रैक में जोरदार धमाके के साथ आग लग गई थी। इसमें जान का नुकसान नहीं हुआ लेकिन बोगी पूरी तरह से जल गई। जांच में सामने आया कि आतंकियों ने ट्रेन में टाइम बम रखा था ।
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16 जनवरी 2016 पैसेंजर ट्रेन में ब्लास्ट:
16 जनवरी 2016 को शाम को पानीपत से अंबाला जाने वाली पैसेंजर ट्रेन की बोगी में ब्लास्ट हुआ। हादसे के वक्त ट्रेन में 20-30 यात्री थे। जांच में यह बैट्री बम पाया गया । यहां पुलिस को सेल भी बरामद हुए थे। आईबी ने मामले की जांच की आज तक ट्रेन में बम रखने वाले का सुराग नहीं लगा है। रेलवे स्टेशन की ओर बैट्री ले जाते हुए एक युवक सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हो गया था।
29 जनवरी, 2025:
उपद्रवियों ने गोहाना रोड पुल के पास ट्रैक पर 20 फीट लंंबा लोहे का एंगल रखकर ट्रेन को पलटने का प्रयास किया। बुधवार सुबह साढ़े तीन बजे लोको पायलट ने इसे देख लिया और इसकी सूचना रेलवे के बड़े अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने नेताजी एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया गया। नेताजी एक्सप्रेस को यहां 3.50 मिनट पर पहुंचना था। इसलिए बड़ा हादसा टल गया।
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इन धमाकों से दहली टेक्सटाइल नगरी
18 फरवरी 2007 को पानीपत में दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में बम धमाका हुआ था। इससे समझौता एक्सप्रेस की दो बोगियों में भीषण आग लग गई थी। इसमें 68 लोग जिंदा जल गए थे। करीब 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। मरने वालों में 12 बच्चे भी थे। आज भी 10-12 यात्रियों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। मरने वालों में अधिकतर पाकिस्तान के रहने वाले थे। इनको महराना के पस कब्रिस्तान में दफनाया गया था।
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12 मई 2016 में पैसेंजर ट्रेन में ब्लास्ट:
12 मई रात सवा आठ बजे पुरानी दिल्ली से चलकर पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंची 64451 पैसेंजर ट्रेन में करीब 8.05 बजे उस वक्त धमाका हुआ था जब ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर चार से यार्ड में ले जाया जा रहा था। आगे वाली रैक में जोरदार धमाके के साथ आग लग गई थी। इसमें जान का नुकसान नहीं हुआ लेकिन बोगी पूरी तरह से जल गई। जांच में सामने आया कि आतंकियों ने ट्रेन में टाइम बम रखा था ।
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16 जनवरी 2016 पैसेंजर ट्रेन में ब्लास्ट:
16 जनवरी 2016 को शाम को पानीपत से अंबाला जाने वाली पैसेंजर ट्रेन की बोगी में ब्लास्ट हुआ। हादसे के वक्त ट्रेन में 20-30 यात्री थे। जांच में यह बैट्री बम पाया गया । यहां पुलिस को सेल भी बरामद हुए थे। आईबी ने मामले की जांच की आज तक ट्रेन में बम रखने वाले का सुराग नहीं लगा है। रेलवे स्टेशन की ओर बैट्री ले जाते हुए एक युवक सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हो गया था।
29 जनवरी, 2025:
उपद्रवियों ने गोहाना रोड पुल के पास ट्रैक पर 20 फीट लंंबा लोहे का एंगल रखकर ट्रेन को पलटने का प्रयास किया। बुधवार सुबह साढ़े तीन बजे लोको पायलट ने इसे देख लिया और इसकी सूचना रेलवे के बड़े अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने नेताजी एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया गया। नेताजी एक्सप्रेस को यहां 3.50 मिनट पर पहुंचना था। इसलिए बड़ा हादसा टल गया।