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एलपीजी से भरा कैप्सूल पलटा, आठ घंटे अटकी रहीं सांसें
amar ujala beuro panipat
Updated Wed, 19 Oct 2016 11:35 PM IST
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जीटी रोड पर टोल प्लाजा के पास एलपीजी से भरा कैप्सूल टैंकर पलट गया। इससे बड़ी मात्रा में गैस रिसने लगी। चालक कृपा शंकर टैंकर को लोनी गाजियाबाद से लेकर ऊना हिमाचल प्रदेश जा रहा था। हादसा टोल की लेन पर आने के दौरान सेफ्टी पिन टूटने से हुआ। प्रशासन, रिफाइनरी और पुलिस अधिकारियों ने चार हाइड्रा मशीनों की मदद से करीब साढ़े नौ घंटे बाद कैप्सूल टैंकर को हटवाया जा सका। इस दौरान चार घंटे तक दिल्ली-चंडीगढ़ लेन पूरी तरह से बंद रही। पांच घंटे वाहन को रूट डायवर्ट कर निकाला गया। रिफाइनरी अधिकारियों ने टैंकर को गुढ़ा स्थित डिपो में खाली कराया है।
हादसा मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे हुआ। जीटी रोड टोल प्लाजा पर दिल्ली-चंडीगढ़ लेन पर एलपीजी गैस से भरा कैप्सूल टैंकर पलट गया। पुलिस के अनुसार चालक कृपा शंकर एलपीजी गैस का कैप्सूल टैंकर लोनी गाजियाबाद से लेकर ऊना हिमाचल प्रदेश जा रहा था। जीटी रोड टोल प्लाजा पर लेन में टैंकर ले जाने लगा तो सेफ्टी पिन टूट गई और टैंकर पलट गया। इससे टैंकर का वॉल्व डैमेज हो गई और एलपीजी रिसने लगी।
टोल प्लाजा प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। डीएसपी दलबीर सिंह, ट्रैफिक थाना बाबरपुर प्रभारी इंस्पेक्टर भारत भूषण मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने करनाल लेन के ट्रैफिक को बंद कर और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया। एडीसी राजीव मेहता, एसडीएम विवेक चौधरी और तहसीलदार जीवेंद्र मलिक मौके पर पहुंचे। गैस का रिसाव होने के कारण काई भी टैंकर के पास नहीं जा सका। इसके बाद डीएसपी देशराज, डीएसपी आत्माराम लांबा और एसएचओ थाना शहर सुरेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने रिफाइनरी अधिकारियों को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची तकनीकी टीम ने गैस रिसाव को तो कम कर दिया, लेकिन कैप्सूल टैंकर को नहीं हाटा सके।
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टोल प्लाजा पर मिले दो सिलेंडर, मंगवानी पड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी
हादसे के वक्त टोल प्लाजा पर दो ही गैस सिलेंडर मिले। अधिकारियों ने दमकल विभाग की नौ गाड़ियों को बुलाया लिया। इनमें से सात गाड़ियां पानीपत और दो रिफाइनरी से आईं। फॉम वाली गाड़ी के लिए रिफाइनरी से अनुमति नहीं मिल सकी।
हाइड्रा मशीन को लेकर गहमा-गहमी
जीटी रोड पर पलटे कैप्सूल टैंकर को उठाना सबसे बड़ी चुनौती थी। खाली टैंकर का वजन ही 17 टन था। सात टन गाड़ी के केबिन का। इस तरह से करीब 45 टन वजन हो गया। अधिकारियों ने करनाल से हाइड्रा मशीन मंगवाई। इसकी कैपेसिटी 40 टन मिली। एक मशीन से टैंकर हटाना मुश्किल लगा। इसके बाद कुराड़ गांव से 25 टन क्षमता की दूसरी हाइड्रा मशीन मंगवाई। यहां भी अधिकारी रिस्क मानकर आगे नहीं आए। अधिकारियों ने 15-15 टन क्षमता की दो अन्य हाइड्रा मशीनों को मंगवाया। इसके बाद ही अधिकारियों ने सुबह करीब साढ़े नौ बजे कैप्सूल टैंकर को जीटी रोड से हटवाया।
ढाबे और होटलों के गैस चूल्हे कराए बंद
प्रशासनिक अधिकारियों ने कैप्सूल टैंकर को गुढ़ा गांव स्थित आईओसीएल के गैस गोदाम में ले जाने का निर्णय लिया। गैस का रिसाव पूरी तरह से बंद न होने के करण टोल प्लाजा से लेकर गोदाम तक के सभी ढाबों और होटलों के चूल्हे बंद करा दिया गए। अधिकारियों को डर था कि कहीं छोटी सी चिंगारी से बड़ा हादसा न हो जाए।
जीटी रोड चार घंटे रहा बंद
एलपीजी का कैप्सूल टैंकर पलट ने की जानकारी मिलते ही करनाल लेन के यातायात को पीछे ही रोक दिया गया। इसके चलते एलिवेटेड हाईवे और जीटी रोड पर जाम लग गया। सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए। अधिकारियों ने बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे करनाल लेन के ट्रैफिक को यमुना एनक्लेव और सेक्टर-18 से होकर रवाना किया। करनाल लेन के बाकी ट्रैफिक को रोहतक बाईपास से रिफाइनरी रोड पर डायवर्ट कर दिया गया। ट्रैफिक डायवर्ट होने से टोल कंपनी को कुछ ही घंटों में
करीब दो लाख रुपये का नुकसान हो गया।
जीटी रोड टोल प्लाजा के पास गैस का एक टैंकर पलट गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जीटी रोड और एलिवेटेड हाईवे के ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया था।
भारत भूषण, प्रभारी, थाना ट्रैफिक बाबरपुर, पानीपत।
पुलिस और रिफाइनरी अधिकारियों की मदद से टैंकर को कई घंटे की मशक्कत के बाद हटा दिया गया है। इस दौरान यातायात प्रभावित रहा। गैस रिसाव न्यूनतम स्तर का होने के कारण हादसा नहीं हो सका।
राजीव मेहता, एडीसी पानीपत।
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हादसा मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे हुआ। जीटी रोड टोल प्लाजा पर दिल्ली-चंडीगढ़ लेन पर एलपीजी गैस से भरा कैप्सूल टैंकर पलट गया। पुलिस के अनुसार चालक कृपा शंकर एलपीजी गैस का कैप्सूल टैंकर लोनी गाजियाबाद से लेकर ऊना हिमाचल प्रदेश जा रहा था। जीटी रोड टोल प्लाजा पर लेन में टैंकर ले जाने लगा तो सेफ्टी पिन टूट गई और टैंकर पलट गया। इससे टैंकर का वॉल्व डैमेज हो गई और एलपीजी रिसने लगी।
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टोल प्लाजा प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। डीएसपी दलबीर सिंह, ट्रैफिक थाना बाबरपुर प्रभारी इंस्पेक्टर भारत भूषण मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने करनाल लेन के ट्रैफिक को बंद कर और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया। एडीसी राजीव मेहता, एसडीएम विवेक चौधरी और तहसीलदार जीवेंद्र मलिक मौके पर पहुंचे। गैस का रिसाव होने के कारण काई भी टैंकर के पास नहीं जा सका। इसके बाद डीएसपी देशराज, डीएसपी आत्माराम लांबा और एसएचओ थाना शहर सुरेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने रिफाइनरी अधिकारियों को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची तकनीकी टीम ने गैस रिसाव को तो कम कर दिया, लेकिन कैप्सूल टैंकर को नहीं हाटा सके।
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टोल प्लाजा पर मिले दो सिलेंडर, मंगवानी पड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी
हादसे के वक्त टोल प्लाजा पर दो ही गैस सिलेंडर मिले। अधिकारियों ने दमकल विभाग की नौ गाड़ियों को बुलाया लिया। इनमें से सात गाड़ियां पानीपत और दो रिफाइनरी से आईं। फॉम वाली गाड़ी के लिए रिफाइनरी से अनुमति नहीं मिल सकी।
हाइड्रा मशीन को लेकर गहमा-गहमी
जीटी रोड पर पलटे कैप्सूल टैंकर को उठाना सबसे बड़ी चुनौती थी। खाली टैंकर का वजन ही 17 टन था। सात टन गाड़ी के केबिन का। इस तरह से करीब 45 टन वजन हो गया। अधिकारियों ने करनाल से हाइड्रा मशीन मंगवाई। इसकी कैपेसिटी 40 टन मिली। एक मशीन से टैंकर हटाना मुश्किल लगा। इसके बाद कुराड़ गांव से 25 टन क्षमता की दूसरी हाइड्रा मशीन मंगवाई। यहां भी अधिकारी रिस्क मानकर आगे नहीं आए। अधिकारियों ने 15-15 टन क्षमता की दो अन्य हाइड्रा मशीनों को मंगवाया। इसके बाद ही अधिकारियों ने सुबह करीब साढ़े नौ बजे कैप्सूल टैंकर को जीटी रोड से हटवाया।
ढाबे और होटलों के गैस चूल्हे कराए बंद
प्रशासनिक अधिकारियों ने कैप्सूल टैंकर को गुढ़ा गांव स्थित आईओसीएल के गैस गोदाम में ले जाने का निर्णय लिया। गैस का रिसाव पूरी तरह से बंद न होने के करण टोल प्लाजा से लेकर गोदाम तक के सभी ढाबों और होटलों के चूल्हे बंद करा दिया गए। अधिकारियों को डर था कि कहीं छोटी सी चिंगारी से बड़ा हादसा न हो जाए।
जीटी रोड चार घंटे रहा बंद
एलपीजी का कैप्सूल टैंकर पलट ने की जानकारी मिलते ही करनाल लेन के यातायात को पीछे ही रोक दिया गया। इसके चलते एलिवेटेड हाईवे और जीटी रोड पर जाम लग गया। सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए। अधिकारियों ने बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे करनाल लेन के ट्रैफिक को यमुना एनक्लेव और सेक्टर-18 से होकर रवाना किया। करनाल लेन के बाकी ट्रैफिक को रोहतक बाईपास से रिफाइनरी रोड पर डायवर्ट कर दिया गया। ट्रैफिक डायवर्ट होने से टोल कंपनी को कुछ ही घंटों में
करीब दो लाख रुपये का नुकसान हो गया।
जीटी रोड टोल प्लाजा के पास गैस का एक टैंकर पलट गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जीटी रोड और एलिवेटेड हाईवे के ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया था।
भारत भूषण, प्रभारी, थाना ट्रैफिक बाबरपुर, पानीपत।
पुलिस और रिफाइनरी अधिकारियों की मदद से टैंकर को कई घंटे की मशक्कत के बाद हटा दिया गया है। इस दौरान यातायात प्रभावित रहा। गैस रिसाव न्यूनतम स्तर का होने के कारण हादसा नहीं हो सका।
राजीव मेहता, एडीसी पानीपत।