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नोटबंदी ः कैश कम आया, मांग रही ज्यादा
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:22 PM IST
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पानीपत
- फोटो : bureau
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बैंकों में नोट बदलवाने और निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मरीज दिनभर परेशान रहे। बैंकों में कैश और व्यवस्था न होने के कारण दिनभर पैसे एक्सचेंज कराने या जमा कराने वाले परेशान होते रहे। मुख्य डाकघर में सरकार की नई हिदायता के अनुसार अंगुली पर स्याही लगानी शुरू कर दी गई है। जबकि, बैंकों ने अब तक इसे उपयोग में लाना शुरू नहीं किया है।
बुधवार को जिले में 516 करोड़ रुपये कैश जमा हुए, जबकि 22 करोड़ 70 लाख रुपये एक्सचेंज किए गए। बैंकों और डाकघर में बुधवार को भी हालात नहीं सुधरे। लोग पैसे बदलवाने के लिए सुबह ही बैंकों के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए। शहर समेत जिले के बैंक, एटीएम और डाकघरों में हालत बेकाबू ही रहे। लोगों ने डीबीसी बैंक में तो हंगामा किया और शाखा प्रबंधक पर मनमर्जी करने के आरोप लगाए।
कैश आया, लेकिन मिले दो से चार हजार तक ही
जिले में नया कैश आने के बाद भी अधिकतर बैंकों में 4500 की जगह सिर्फ दो या चार हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। बैंक के बाहर खड़े लोगों का कहना है कि वे फार्म तो 4000 हजार या 4500 रुपये का भर रहे हैं, लेकिन किसी को दो तो किसी को चार हजार रुपये ही दिए जा रहे है। रामबाबू, कृष्णलाल, जयराम और केशव सिंह ने बताया कि वे सुबह से यूको बैंक के बाहर खड़े हैं।
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उन्होंने पैसे एक्सचेंज कराने के लिए 4500 का फार्म भरा था, लेकिन बैंक में उसको दो हजार रुपये का एक नोट दिया गया है। घर का राशन खत्म है। बाजार में दो हजार का नोट लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। दुकानदार भी खुले पैसे मांग रहे हैं। बैंक प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि बैंक के 100 के नोट खत्म हो गए हैं। ऐसे में चार
हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं।
बैंकों और एटीएम के बाहर लगीं लाइनें
दिन गुजरने के साथ ही बैंकों और एटीएम के बाहर लगी कतार बढ़ने लगी हैं। इससे बैंकों के कर्मचारी परेशान हैं। हर रोज काम बढ़ रहा है। अधिकारी और कर्मचारी हर रोज बड़ी संख्या में ट्रांजेक्शन कर रहे हैं। एटीएम पर भी यहीं स्थिति बनी हुई है। जिले के अधिकतर बैंकों में कुछ ही घंटों में कैश खत्म हो गया।
डाकघर में स्याही लगना शुरू
जिले में स्याही लगाने के निर्देश मिलने के बाद किसी भी बैंक में स्याही नहीं लगाई गई। लेकिन, जिले के सभी डाकघरों में यह काम सुचारु रूप से किया गया। आईडी और एक्सचेंज करने आए सभी व्यक्तियों की जांच कर ही उन्हें पैसे दिए जा रहे हैं। मुख्य डाकघर के पोस्ट मास्टर अनिल शर्मा ने बताया कि स्याही लगाने के निर्देश आने के बाद से डाकघर में स्याही का इंतजाम कर लिया गया था।
उसका उपयोग आदेशानुसार किया जा रहा है। डाकघर में बुधवार को करीब 45 लाख का नया कैश पहुंचा। इसमें दस, बीस, पचास और दो हजार के नोट हैं।
जिले के बैंकों में लेन-देन सामान्य रूप से चल रहा है। बुधवार को 516 करोड़ रुपये का कैश जमा हुआ है और 22 करोड़ 70 लाख रुपये एक्सचेंज किए गए। लगभग सभी बैंकों के एटीएम चल रहे हैं। एटीएम में कैश खत्म होते ही लोड कर दिया जाता है। बैंकों में पैसे एक्सचेंज कराने वालों को स्याही लगाने के आदेश नहीं आए हैं। यह सब फिलहाल मेट्रो सिटी के लिए लागू किया गया है। जिले में दो या चार दिन में पैसे एक्सचेंज कराने वालों को स्याही लगानी शुरू कर दी जाएगी।
राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।
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बुधवार को जिले में 516 करोड़ रुपये कैश जमा हुए, जबकि 22 करोड़ 70 लाख रुपये एक्सचेंज किए गए। बैंकों और डाकघर में बुधवार को भी हालात नहीं सुधरे। लोग पैसे बदलवाने के लिए सुबह ही बैंकों के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए। शहर समेत जिले के बैंक, एटीएम और डाकघरों में हालत बेकाबू ही रहे। लोगों ने डीबीसी बैंक में तो हंगामा किया और शाखा प्रबंधक पर मनमर्जी करने के आरोप लगाए।
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कैश आया, लेकिन मिले दो से चार हजार तक ही
जिले में नया कैश आने के बाद भी अधिकतर बैंकों में 4500 की जगह सिर्फ दो या चार हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। बैंक के बाहर खड़े लोगों का कहना है कि वे फार्म तो 4000 हजार या 4500 रुपये का भर रहे हैं, लेकिन किसी को दो तो किसी को चार हजार रुपये ही दिए जा रहे है। रामबाबू, कृष्णलाल, जयराम और केशव सिंह ने बताया कि वे सुबह से यूको बैंक के बाहर खड़े हैं।
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उन्होंने पैसे एक्सचेंज कराने के लिए 4500 का फार्म भरा था, लेकिन बैंक में उसको दो हजार रुपये का एक नोट दिया गया है। घर का राशन खत्म है। बाजार में दो हजार का नोट लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। दुकानदार भी खुले पैसे मांग रहे हैं। बैंक प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि बैंक के 100 के नोट खत्म हो गए हैं। ऐसे में चार
हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं।
बैंकों और एटीएम के बाहर लगीं लाइनें
दिन गुजरने के साथ ही बैंकों और एटीएम के बाहर लगी कतार बढ़ने लगी हैं। इससे बैंकों के कर्मचारी परेशान हैं। हर रोज काम बढ़ रहा है। अधिकारी और कर्मचारी हर रोज बड़ी संख्या में ट्रांजेक्शन कर रहे हैं। एटीएम पर भी यहीं स्थिति बनी हुई है। जिले के अधिकतर बैंकों में कुछ ही घंटों में कैश खत्म हो गया।
डाकघर में स्याही लगना शुरू
जिले में स्याही लगाने के निर्देश मिलने के बाद किसी भी बैंक में स्याही नहीं लगाई गई। लेकिन, जिले के सभी डाकघरों में यह काम सुचारु रूप से किया गया। आईडी और एक्सचेंज करने आए सभी व्यक्तियों की जांच कर ही उन्हें पैसे दिए जा रहे हैं। मुख्य डाकघर के पोस्ट मास्टर अनिल शर्मा ने बताया कि स्याही लगाने के निर्देश आने के बाद से डाकघर में स्याही का इंतजाम कर लिया गया था।
उसका उपयोग आदेशानुसार किया जा रहा है। डाकघर में बुधवार को करीब 45 लाख का नया कैश पहुंचा। इसमें दस, बीस, पचास और दो हजार के नोट हैं।
जिले के बैंकों में लेन-देन सामान्य रूप से चल रहा है। बुधवार को 516 करोड़ रुपये का कैश जमा हुआ है और 22 करोड़ 70 लाख रुपये एक्सचेंज किए गए। लगभग सभी बैंकों के एटीएम चल रहे हैं। एटीएम में कैश खत्म होते ही लोड कर दिया जाता है। बैंकों में पैसे एक्सचेंज कराने वालों को स्याही लगाने के आदेश नहीं आए हैं। यह सब फिलहाल मेट्रो सिटी के लिए लागू किया गया है। जिले में दो या चार दिन में पैसे एक्सचेंज कराने वालों को स्याही लगानी शुरू कर दी जाएगी।
राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।