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आशा वर्करों ने की समान काम, वेतन की मांग
ब्यूरो/ अमर उजाला पानीपत
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:08 AM IST
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पानीपत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आशा वर्करों ने समान काम, समान वेतन व अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन के मार्फत प्रदेश सरकार को मांगपत्र सौंपा। वर्करों ने मांगों को समय पर लागू न होने पर 20 जनवरी की राष्ट्र व्यापी हड़ताल में शामिल होने की चेतावनी दी।
इस दौरान आशा वर्कर्स एसोसिएशन ने सीटू की अगुवाई में सोमवार को लघु सचिवालय पर रोष प्रदर्शन किया। एसोसिएशन की पूर्व राज्य सचिव सुमन शर्मा ने कहा कि लंबे समय से सरकार आशा वर्कर की मांगों को अनदेखा कर रही है।
उन्होंने कहा कि तमाम परियोजनाओं वर्कर्स 20 जनवरी को हड़ताल करते हुए ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थायी बनाने और पर्याप्त बजट में बढ़ोतरी करने की मांग की।
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इसके अलावा आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग का स्थायी कर्मचारी घोषित करने, 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, एक हजार रुपये महीना फिक्स मानदेय बिना शर्त लागू करने, 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने,
सभी सामाजिक सुरक्षा लाभों सहित स्वास्थ्य बीमा व इलाज की सुविधा के साथ मातृत्व अवकाश की सुविधा की मंाग की। उन्होंने मांग की की सिविल अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर आशाओं के लिए रेस्ट रूम का प्रबंध किया जाएं।
स्वास्थ्य के ढांचे में संस्थागत सुधार किया जाएं। सभी पीएचसी, सीएचसी पर महिला व बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध करवाए जाएं। सभी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाई जाएं। आशाओं को वर्ष में दो बार ड्रेस व साथ में दो जोड़ी जूते दिए जाएं।
एंबुलेंस सेवा को दुरुस्त किया जाएं और आशाओं को स्टाफ का दर्जा दिया जाएं व सीएचसी व सामान्य अस्पतालों के अंदर आशाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार हों। इस मौके पर जिला प्रधान पिंकी,
पूर्व राज्य सचिव सुमन शर्मा, जिला सचिव सुशीला, सीटू जिला प्रधान आनंद ज्वाहरा, सीटू उपप्रधान सुनील दत्त, राज्य कमेटी सदस्य नीलम आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान आशा वर्कर्स एसोसिएशन ने सीटू की अगुवाई में सोमवार को लघु सचिवालय पर रोष प्रदर्शन किया। एसोसिएशन की पूर्व राज्य सचिव सुमन शर्मा ने कहा कि लंबे समय से सरकार आशा वर्कर की मांगों को अनदेखा कर रही है।
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उन्होंने कहा कि तमाम परियोजनाओं वर्कर्स 20 जनवरी को हड़ताल करते हुए ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थायी बनाने और पर्याप्त बजट में बढ़ोतरी करने की मांग की।
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इसके अलावा आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग का स्थायी कर्मचारी घोषित करने, 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, एक हजार रुपये महीना फिक्स मानदेय बिना शर्त लागू करने, 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने,
सभी सामाजिक सुरक्षा लाभों सहित स्वास्थ्य बीमा व इलाज की सुविधा के साथ मातृत्व अवकाश की सुविधा की मंाग की। उन्होंने मांग की की सिविल अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर आशाओं के लिए रेस्ट रूम का प्रबंध किया जाएं।
स्वास्थ्य के ढांचे में संस्थागत सुधार किया जाएं। सभी पीएचसी, सीएचसी पर महिला व बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध करवाए जाएं। सभी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाई जाएं। आशाओं को वर्ष में दो बार ड्रेस व साथ में दो जोड़ी जूते दिए जाएं।
एंबुलेंस सेवा को दुरुस्त किया जाएं और आशाओं को स्टाफ का दर्जा दिया जाएं व सीएचसी व सामान्य अस्पतालों के अंदर आशाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार हों। इस मौके पर जिला प्रधान पिंकी,
पूर्व राज्य सचिव सुमन शर्मा, जिला सचिव सुशीला, सीटू जिला प्रधान आनंद ज्वाहरा, सीटू उपप्रधान सुनील दत्त, राज्य कमेटी सदस्य नीलम आदि मौजूद रहे।