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पानीपत में भी राहुल गांधी का जादू नहीं चला

Sat, 17 May 2014 12:59 AM IST
हरेंद्र रापरिया, अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
हरेंद्र रापरिया, अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत Updated Sat, 17 May 2014 12:59 AM IST
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Panipat also didn't spell Rahul Gandhi
कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पानीपत में की गई रैली और वहां पर जनता से की अपील भी पार्र्टी के प्रत्याशी डॉ. अरविंद शर्मा के काम नहीं आई।
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डॉ. शर्मा करीब साढे़ तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से भाजपा प्रत्याशी अश्वनी चोपड़ा के हाथों मात खा गए। करनाल सीट से दो बार सांसद रहे डॉ. शर्मा की हार से कार्यकर्ताओं को करारा झटका लगा है।

दो बार करनाल तथा उससे पहले एक बार सोनीपत से सांसद रहे डॉ. अरविंद शर्मा कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोक रहे थे। शुरूआत में ही डॉ. का चुनाव प्रचार तेज रहा।

भाजपा उम्मीदवार की घोषणा न होने के कारण कांग्रेस का चुनाव प्रचार और तेज होता चला गया। इसी बीच भाजपा ने अश्वनी चोपड़ा को उम्मीदवार घोषित कर दिया।

उनके मैदान में उतरते ही फील्ड में हवा बदलने लगी। भाजपा को ग्रामीण इलाकों में जोरदार समर्थन मिलने के कारण कांग्रेस प्रत्याशी व समर्थकों में बैचेनी फैल गइ।
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उनका खेमा भले ही जीत के दावे करे लेकिन उन्हें अंदरखाने हार का डर सता रहा था। ऐसे में भागदौड़ कर कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को 31 मार्च को पानीपत में सभा करने के लिए राजी कर लिया।
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सोनिया गांधी की रैली के लिए एसपीजी ने पानीपत में मोर्चा संभाल लिया मगर ऐन मौके पर उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। इससे कांग्रेस के खेमे में भगदड़ सी मच गई।

कांग्रेसियों द्वारा आलाकमान से गुहार लगाने के बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पानीपत में सभा करने की हामी भर ली।

राहुल गांधी ने छह अप्रैल को पानीपत मेगा मित्तल मैदान के पास वाले मैदान में डॉ. अरविंद्र शर्मा के समर्थन में रैली को संबोधित करते हुए उन्हें भारी अंतर से जीतने से की जोरदार अपील की।

रैली में राहुल गांधी ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि राजनीति में डॉ. शर्मा जैसे कर्मर्ठ, ईमानदार व मेहनती नेता की जरूरत है। राहुल की रैली ने जोशभर दिया और चुनाव प्रचार तेज कर दिया और इससे डॉ. शर्मा के समर्थक हौसले में आ गए थे।

मतदान तक कांग्रेसी इस सीट पर जीत के दावे करते आ रहे थे लेकिन शुक्रवार को हुई मतगणना ने दावाें की हवा निकाल दी।

कांग्रेस के स्टार प्रचारक राहुल गांधी द्वारा प्रचार किए जाने के बाद भी डॉ. शर्मा की हार ने युवा कांग्रेसियाें की चिंता बढ़ा दी है। अब वे चाह कर भी कुछ नहीं बोल पा रहे।

एक कांग्रेसी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जब राहुल गांधी जैसे स्टार प्रचारक द्वारा रैली करने के बाद इतनी करारी हार मिलती तो फिर बोलने को कुछ बचता ही नहीं।


लगातार दूसरी बार राहुल की अपील को नकारा
राहुल गांधी का पानीपत की जनता पर जादू नहीं चला। चुनाव पर नजर डालें तो 2009 के विधानसभा चुनाव में पानीपत की समालखा विधानसभा सीट पर  प्रत्याशी एवं युवा कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष संजय छौक्कर के पक्ष में रैली करते हुए उन्हें भारी मत से जिताने की अपील की थी लेकिन संजय छौक्कर 13 हजार से अधिक मत के अंतर से हजकां प्रत्याशी धर्म सिंह छौक्कर से मात खा गए। दूसरी बार 2014 में पानीपत में डॉ. अरविंद शर्मा के समर्थन में रैली कि तो उनका हश्र भी संजय छौक्कर जैसा ही हुआ।
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