{"_id":"668c071e9da785e33c0cf7dd","slug":"panipat-agriculture-minister-gave-instructions-to-suspend-municipal-corporation-assistant-2024-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat: कृषि मंत्री ने नगर निगम के सहायक को निलंबित करने के दिए निर्देश, व्यापारी की शिकायत पर कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat: कृषि मंत्री ने नगर निगम के सहायक को निलंबित करने के दिए निर्देश, व्यापारी की शिकायत पर कार्रवाई
Mon, 08 Jul 2024 09:04 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 08 Jul 2024 09:04 PM IST
सार
कष्ट निवारण समिति की बैठक में व्यापारी विनय की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। आरोप लगाया है कि दुकान का नियमित किराया जमा करने के बाद भी निगम ने लाखों का बकाया दिखाया है।
विज्ञापन
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के पानीपत में नगर निगम का अजीबो गरीब मामला सोमवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर के सामने पहुंचा। एक व्यापारी निगम को दुकान का किराया समय पर जमा कराता रहा और जब सरकार की पॉलिसी के अनुसार रजिस्ट्री कराने लगा तो उसकी तरफ 78 लाख रुपये बकाया दिखा दिया गया।
विज्ञापन
मंत्री ने रिपोर्ट मांगी तो निगम ने इसे ऑडिट में राशि निकलने का जवाब दिया। कृषि मंत्री ने इस मामले में गंभीर आरोप लगने के बाद नगर निगम पानीपत के तत्कालीन रेंट (किराया शाखा) क्लर्क सोनू का निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि सहायक सोनू का पिछले दिनों तबादला कर दिया गया है। मंत्री ने इसके साथ टीडीआई प्रबंधन को स्थानीय लोगों की समस्या का समाधान करने के आदेश दिए हैं। अगली बैठक में समाधान न होने पर प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
जबकि डीसी ने इस मामले में सुनवाई करते हुए पहले टीडीआई प्रबंधन पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने सोमवार को पानीपत में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक ली। उनके सामने पटल पर 15 शिकायतें रखी गईं। उन्होंने 10 का मौके पर समाधान किया और बाकी पांच शिकायतों काे अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया। इन 15 में आठ शिकायत पिछले बैठक की लंबित थी।
बैठक में व्यापारी विनय जैन ने बताया कि उसको नगर निगम की एक दुकान 1996 में अलॉट हुई थी। वह शुरु से ही इसका पूरा किराया जमा कराता रहा। निगम ने इस दौरान 2001, 06, 11, 16 और 2021 में किराया बढ़ाया। वह नियमानुसार किराया जमा कराता रहा।
वह सरकार की पॉलिसी अनुसार पिछले दिनों दुकान की रजिस्ट्री कराने के लिए नो ड्यूज लेने गया तो तत्कालीन सहायक सोनू ने उनको 78 लाख रुपये फीस जमा कराने का नोटिस थमा दिया। उन्होंने अपनी बात रखी तो वह आनाकानी करने लगा। विनय जैन ने उन पर पैसे मांगने समेत कई गंभीर आरोप लगाए। वार्ड-20 के पार्षद लोकेश नांगरू दुकानदार विनय जैन के समर्थन में बैठक में आगे आ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के 10 मामले शहर में हैं। निगम अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं।
कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने निगम अधिकारियों से जवाब मांगा। डीएमसी अरुण भार्गव ने बताया कि ऑडिट में विनय जैन की तरफ 78 लाख रुपये जमा कराना आया है। नियमानुसार इसको जमा कराने पर ही एनओसी दी जा सकती है। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि जब दुकानदार समय पर पूरा किराया जमा कराता रहा है तो वह ब्याज क्यों जमा कराए।
निगम 18 प्रतिशत ब्याज लगा रहा है, इससे कम रेट पर तो बाजार में कोई भी दे देगा। कृषि मंत्री ने अधिकारियों के साथ मंथन कर इसका ब्याज व बकाया खत्म कर एनओसी देने और क्लर्क सोनू को निलंबित करने के आदेश दिए। नियम आयुक्त ने बताया कि सोनू का पिछले दिनों पानीपत से तबादला हो गया है। मंत्री ने कहा कि संबंधित निकाय अधिकारी को पत्र लिखकर उनका निलंबन करने के बारे में अवगत कराएं।