{"_id":"58b4730e4f1c1bbd5683232d","slug":"panipat-41-bank-strike-consumer","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 41 बैंकों में से सरकारी और उसके सहयोगी रहेंगे बंद, ग्राहक होंगे परेशान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 41 बैंकों में से सरकारी और उसके सहयोगी रहेंगे बंद, ग्राहक होंगे परेशान
पानीपत/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Feb 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
बैंक में भीड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर 28 फरवरी को देशभर के बैंक के ऑफिसर रैंक के अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। इससे बैंकों में कार्य ठप रहेगा। लीड बैंक के मैनेजर राकेश वर्मा ने बताया कि ऑफिसर रैंक के अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे तो बैंकों में काम ही नहीं होगा।
बैंक के प्रबंधक जब तक अपने कंप्यूटर में पासवर्ड डालकर लॉग-इन नहीं करेंगे, बैंकों में कार्य नहीं होगा। हरियाणा बैंक यूनियन के रीजनल सेक्रेटरी यशपाल शर्मा ने बताया कि बैंक अपने यहां रिक्त पदों पर तुरंत भर्तियां करने, आउटसोर्सिंग बंद करने, नोटबंदी से बैंकों को हुए नुकसान की पूर्ति करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद बैंकों को बहुत नुकसान हुआ है। यूनियनों ने सरकार और आरबीआई से नुकसान की भरपाई करने की मांग की थी। यह पूरी नहीं की गई। बैंकों में बहुत से पद खाली हैं। इस वजह से कर्मचारियों को अधिक कार्य करना पड़ता है। उस कार्य का उन्हें अलग से कोई भुगतान नहीं मिलता।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद बैंकों में काम का दबाव बढ़ गया है। नोटबंदी के दौरान कर्मचारियों ने ज्यादा काम किया, लेकिन उन्हें इसका अलग से कोई भुगतान नहीं किया गया। इससे बैंक कर्मी परेशान हैं।
कैश निकालने वालों की लगी लाइन
सरकारी और उसके सहयोगी बैंक मंगलवार को बंद रहेंगे। इसकी जानकारी होते ही पानीपत में उपभोक्ता एटीएम से कैश निकालने पहुंच गए। इस वजह कई जगह लाइन लग गईं। हालांकि, कुछ निजी बैंक अपनी सेवा 28 फरवरी को भी देते रहेंगे।
करोड़ों के लेन-देन पर पड़ेगा असर
नोटबंदी के बाद पहली बार देशव्यापी सरकारी और उसके सहयोगी बैंकों की हड़ताल होने से जिले में करोड़ों का लेनदेन प्रभावित होगा। पानीपत के सभी बैंकों में हर रोज करीब 600 से 700 करोड़ का लेन-देन होता है। सरकार और आरबीआई ने नेट बैंकिंग, मोबाइल एप आदि कैशलेस माध्यमों को प्रमोट किया है।
इस वजह से संभावना जताई जा रही कि इस बार की हड़ताल का आधा ही असर दिखेगा। हड़ताल का सबसे बड़ा असर छोटे उद्योगपतियों और मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों पर देखने को मिलेगा।
पांच दिन में से एक ही दिन बैंक खुले
शुक्रवार 24 फरवरी को बैंकों में महाशिवरात्रि का अवकाश था। 25 को महीने का चौथे शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहे। 26 को रविवार था। इसके बाद 27 फरवरी को बैंक खुले। अब 28 फरवरी को बैंक कर्मी हड़ताल पर हैं। इसलिए पांच दिनों में केवल एक ही दिन बैंक खुले।
जिले के करीब 41 बैंकों में से सरकारी व उसके सहयोगी रहेंगे बंद
पानीपत जिले में कुल 41 बैंक और उनकी 243 शाखाएं है। इनमेें से सरकारी और उसकी सहयोगी बैंकों में आज काम नहीं होगा। सभी बैंक बंद होने से पूरे की व्यवस्था चरमरा जाएगी। चूंकि हर रोज करीब 600 से 700 करोड़ का लेन-देन होता है। अब मंगलवार को बैंक बंद से लोगों को कैश में अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है।
प्रतिदिन जिले में 600 से 700 करोड़ का लेन-देन होता है। 28 फरवरी को ऑफिसर रैंक के अधिकारियों की हड़ताल रहने से बैंक में कोई काम नहीं होगा। हालांकि, इस हड़ताल का आधा ही असर देखने को मिल सकता है। क्योंकि, नोटबंदी के बाद से कैशलेस ट्रांजेक्शन तेजी से बढ़ा है।
राकेश वर्मा, मैनेजर, जिला अग्रणी बैंक।
विज्ञापन
बैंक के प्रबंधक जब तक अपने कंप्यूटर में पासवर्ड डालकर लॉग-इन नहीं करेंगे, बैंकों में कार्य नहीं होगा। हरियाणा बैंक यूनियन के रीजनल सेक्रेटरी यशपाल शर्मा ने बताया कि बैंक अपने यहां रिक्त पदों पर तुरंत भर्तियां करने, आउटसोर्सिंग बंद करने, नोटबंदी से बैंकों को हुए नुकसान की पूर्ति करने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद बैंकों को बहुत नुकसान हुआ है। यूनियनों ने सरकार और आरबीआई से नुकसान की भरपाई करने की मांग की थी। यह पूरी नहीं की गई। बैंकों में बहुत से पद खाली हैं। इस वजह से कर्मचारियों को अधिक कार्य करना पड़ता है। उस कार्य का उन्हें अलग से कोई भुगतान नहीं मिलता।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद बैंकों में काम का दबाव बढ़ गया है। नोटबंदी के दौरान कर्मचारियों ने ज्यादा काम किया, लेकिन उन्हें इसका अलग से कोई भुगतान नहीं किया गया। इससे बैंक कर्मी परेशान हैं।
कैश निकालने वालों की लगी लाइन
सरकारी और उसके सहयोगी बैंक मंगलवार को बंद रहेंगे। इसकी जानकारी होते ही पानीपत में उपभोक्ता एटीएम से कैश निकालने पहुंच गए। इस वजह कई जगह लाइन लग गईं। हालांकि, कुछ निजी बैंक अपनी सेवा 28 फरवरी को भी देते रहेंगे।
करोड़ों के लेन-देन पर पड़ेगा असर
नोटबंदी के बाद पहली बार देशव्यापी सरकारी और उसके सहयोगी बैंकों की हड़ताल होने से जिले में करोड़ों का लेनदेन प्रभावित होगा। पानीपत के सभी बैंकों में हर रोज करीब 600 से 700 करोड़ का लेन-देन होता है। सरकार और आरबीआई ने नेट बैंकिंग, मोबाइल एप आदि कैशलेस माध्यमों को प्रमोट किया है।
इस वजह से संभावना जताई जा रही कि इस बार की हड़ताल का आधा ही असर दिखेगा। हड़ताल का सबसे बड़ा असर छोटे उद्योगपतियों और मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों पर देखने को मिलेगा।
पांच दिन में से एक ही दिन बैंक खुले
शुक्रवार 24 फरवरी को बैंकों में महाशिवरात्रि का अवकाश था। 25 को महीने का चौथे शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहे। 26 को रविवार था। इसके बाद 27 फरवरी को बैंक खुले। अब 28 फरवरी को बैंक कर्मी हड़ताल पर हैं। इसलिए पांच दिनों में केवल एक ही दिन बैंक खुले।
जिले के करीब 41 बैंकों में से सरकारी व उसके सहयोगी रहेंगे बंद
पानीपत जिले में कुल 41 बैंक और उनकी 243 शाखाएं है। इनमेें से सरकारी और उसकी सहयोगी बैंकों में आज काम नहीं होगा। सभी बैंक बंद होने से पूरे की व्यवस्था चरमरा जाएगी। चूंकि हर रोज करीब 600 से 700 करोड़ का लेन-देन होता है। अब मंगलवार को बैंक बंद से लोगों को कैश में अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है।
प्रतिदिन जिले में 600 से 700 करोड़ का लेन-देन होता है। 28 फरवरी को ऑफिसर रैंक के अधिकारियों की हड़ताल रहने से बैंक में कोई काम नहीं होगा। हालांकि, इस हड़ताल का आधा ही असर देखने को मिल सकता है। क्योंकि, नोटबंदी के बाद से कैशलेस ट्रांजेक्शन तेजी से बढ़ा है।
राकेश वर्मा, मैनेजर, जिला अग्रणी बैंक।