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जल संरक्षण के लिए सम्मानित होंगी पंचायतें
अमर उजाला, पानीपत
Updated Wed, 08 Jan 2014 11:30 PM IST
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पानीपत। जन स्वास्थ्य विभाग ने पानी बचाने वाली जिला की 12 ग्राम पंचायतों को सम्मानित करने की योजना बनाई है। विभाग की सूची में शामिल इन ग्राम पंचायतों को यह विशेष सम्मान गणतंत्र दिवस के अवसर पर होगा।
जन स्वास्थ्य विभाग ने लगातार गिरते जा रहे भूमिगत जल स्तर को गंभीरता से लेते हुए कई तरह की महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई हैं। विभाग की योजना के तहत जल संरक्षण अभियान मेें अपना भरपूर योगदान देने वाली ग्राम पंचायतों को विशेष अवसरों पर सम्मानित किया जा रहा है। इसी योजना के तहत जिला की 12 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।
जल संरक्षण अभियान के तहत जन स्वास्थ्य विभाग मीठा जल बचाने वाली ग्राम पंचायतों को गणतंत्र दिवस पर नकद पुरस्कार देकर सम्मानित करेगा। सभी ग्राम पंचायतों को इस कार्यक्रम में पहुंचने वाले मुख्य अतिथि द्वारा दिया जाएगा।
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पानीपत ब्लॉक में गढ़ी सिकंदरपुर और खलीला प्रहलादपुर।
समालखा ब्लॉक मेें नामुंडा, गढ़ी सिकंदरपुर और करहंस।
मतलौडा ब्लॉक में लोहारी, रेर कलां और दरियापुर।
इसराना ब्लॉक में बिजावा और भाऊपुर।
बापौली ब्लॉक में सनौली कलां और पसीना कलां।
योजना के तहत 20 से 50 हजार रुपये तक सम्मान दिया जाएगा। जिस गांव की आबादी दो हजार से कम है उसे 20 हजार, दो से तीन हजार आबादी वाले गांव को 30 हजार, तीन से चार हजार आबादी वाले गांव को 40 हजार और चार हजार से ज्यादा आबादी वाले गांव को 50 हजार का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
विभाग की सम्मानित सूची में शामिल होने वाली ग्राम पंचायतों को विभाग की ओर से तय नियम और शर्ताें को पूरा करना पड़ता है। जो गांव सूची में शामिल है, उसके हर घर में टोंटी होना जरूरी है। इसके अलावा गांव के लगभग 75 प्रतिशत घरोें में पानी के वैध कनेक्शन जरूरी है।
लगातार गिरता जा रहा भूमिगत जल स्तर सभी के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। जन स्वास्थ्य विभाग पानी को बचाने के लिए गंभीर है। विभाग का मानना है कि अगर इसी तरह से ही भूमिगत जल का दोहन होता रहा तो वह दिन दूर नहीं पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ सकता है। आने वाली पीढ़ियों को इससे भारी परेशानी हो सकती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पानी बचाने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई है। विभाग का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्राें में भी पानी का खूब दोहन होता है। लोग व्यर्थ में ही टोंटियों को खुला छोड़ देते हैं। इससे नालियों में पानी व्यर्थ ही बहता है। सम्मानित होने की चाह में ग्राम पंचायत इस बात का ध्यान रखने लगी है। हर घर में टाेंटी होने के बाद संबंधित गांव में प्रयोग होने वाले पानी का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा बच जाता है।
वर्जन
जल संरक्षण योजना के तहत पानी बचाने वाली ग्राम पंचायतों को विशेष अवसरों पर सम्मानित किया जाता है। योजना के तहत गणतंत्र दिवस पर भी ग्राम पंचायताें को सम्मानित किया जाएगा। सम्मान पाने वाली दौड़ में अभी 12 पंचायतों को शामिल किया है।
एसके गर्ग, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग, पानीपत
जन स्वास्थ्य विभाग ने लगातार गिरते जा रहे भूमिगत जल स्तर को गंभीरता से लेते हुए कई तरह की महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई हैं। विभाग की योजना के तहत जल संरक्षण अभियान मेें अपना भरपूर योगदान देने वाली ग्राम पंचायतों को विशेष अवसरों पर सम्मानित किया जा रहा है। इसी योजना के तहत जिला की 12 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।
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जल संरक्षण अभियान के तहत जन स्वास्थ्य विभाग मीठा जल बचाने वाली ग्राम पंचायतों को गणतंत्र दिवस पर नकद पुरस्कार देकर सम्मानित करेगा। सभी ग्राम पंचायतों को इस कार्यक्रम में पहुंचने वाले मुख्य अतिथि द्वारा दिया जाएगा।
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पानीपत ब्लॉक में गढ़ी सिकंदरपुर और खलीला प्रहलादपुर।
समालखा ब्लॉक मेें नामुंडा, गढ़ी सिकंदरपुर और करहंस।
मतलौडा ब्लॉक में लोहारी, रेर कलां और दरियापुर।
इसराना ब्लॉक में बिजावा और भाऊपुर।
बापौली ब्लॉक में सनौली कलां और पसीना कलां।
योजना के तहत 20 से 50 हजार रुपये तक सम्मान दिया जाएगा। जिस गांव की आबादी दो हजार से कम है उसे 20 हजार, दो से तीन हजार आबादी वाले गांव को 30 हजार, तीन से चार हजार आबादी वाले गांव को 40 हजार और चार हजार से ज्यादा आबादी वाले गांव को 50 हजार का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
विभाग की सम्मानित सूची में शामिल होने वाली ग्राम पंचायतों को विभाग की ओर से तय नियम और शर्ताें को पूरा करना पड़ता है। जो गांव सूची में शामिल है, उसके हर घर में टोंटी होना जरूरी है। इसके अलावा गांव के लगभग 75 प्रतिशत घरोें में पानी के वैध कनेक्शन जरूरी है।
लगातार गिरता जा रहा भूमिगत जल स्तर सभी के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। जन स्वास्थ्य विभाग पानी को बचाने के लिए गंभीर है। विभाग का मानना है कि अगर इसी तरह से ही भूमिगत जल का दोहन होता रहा तो वह दिन दूर नहीं पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ सकता है। आने वाली पीढ़ियों को इससे भारी परेशानी हो सकती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पानी बचाने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई है। विभाग का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्राें में भी पानी का खूब दोहन होता है। लोग व्यर्थ में ही टोंटियों को खुला छोड़ देते हैं। इससे नालियों में पानी व्यर्थ ही बहता है। सम्मानित होने की चाह में ग्राम पंचायत इस बात का ध्यान रखने लगी है। हर घर में टाेंटी होने के बाद संबंधित गांव में प्रयोग होने वाले पानी का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा बच जाता है।
वर्जन
जल संरक्षण योजना के तहत पानी बचाने वाली ग्राम पंचायतों को विशेष अवसरों पर सम्मानित किया जाता है। योजना के तहत गणतंत्र दिवस पर भी ग्राम पंचायताें को सम्मानित किया जाएगा। सम्मान पाने वाली दौड़ में अभी 12 पंचायतों को शामिल किया है।
एसके गर्ग, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग, पानीपत