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निगम से हटाए आउटसोर्स वाले 11 जेई, 10 सिविल और एक इलेक्ट्रिकल जेई की सेवाएं समाप्त
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पानीपत। नगर निगम ने मंगलवार को आउटसोर्स के तहत लगाए 11 जेई हटा दिए हैं। इनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इनमें से 10 जूनियर इंजीनियर सिविल वर्क्स के लिए लगाए गए थे जबकि एक को इलेक्ट्रिकल विंग के लिए भर्ती किया गया था। इनमें से पांच जेई प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में कार्यरत थे, जो आवेदनों पर रिपोर्ट करते थे। दूसरी ओर एक जेई स्ट्रीट लाइट ठीक करने वाली मैनपावर टीम पर तैनात था। बाकी पांच जेई में से दो लेवल-एक और दो समेत एक अन्य प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्य करता था। इनमें से ज्यादातर जेई की भर्ती करीब एक साल पहले की गई थी। बाकी कुछ जेई पिछले तीन साल से निगम में कार्यरत थे। इनको हटाने का कारण इनकी निगम में आवश्यकता न होना बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि जेई स्तर के पद की भर्ती शहरी स्थानीय निकाय में डायरेक्टर स्तर पर होती है। लेकिन इनकी भर्ती आयुक्त स्तर पर की गई थी इसलिए इनको हटाया गया है। दूसरा आवश्यकता से अधिक मैनपावर होने के बावजूद भी काम सही ढंग और समय पर न होना भी इस कार्रवाई की वजह माना जा रहा है। चर्चा यह भी है कि इनको हटाने के बाद अब निगम की स्ट्रीट लाइट वाली मैनपावर को भी हटाया जाएगा। बताया जा रहा है कि वैसे तो इस 44 सदस्यीय टीम को लाइट ठीक करने के लिए केवल एक साल के लिए भर्ती किया गया था, लेकिन इनको लगे हुए अब दो साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है। इसलिए अगला नंबर अब इनका है।
नगर निगम की सदन की बैठक में ही अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इसे स्पष्ट कर दिया था कि जिनकी आवश्यकता नहीं है, उनको हटाया जाएगा। इनमें सबसे पहले आउटसोर्स पर लगे इन 11 जेई का नंबर था, तो दूसरी जगह 44 स्ट्रीट लाइट रिपेयर करने वाली मैनपावर का। दूसरी ओर ये भी बताया जा रहा है कि निगम ने ये टीम नेताओं की सिफारिश पर भर्ती की थी।
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बताया जा रहा है कि जेई स्तर के पद की भर्ती शहरी स्थानीय निकाय में डायरेक्टर स्तर पर होती है। लेकिन इनकी भर्ती आयुक्त स्तर पर की गई थी इसलिए इनको हटाया गया है। दूसरा आवश्यकता से अधिक मैनपावर होने के बावजूद भी काम सही ढंग और समय पर न होना भी इस कार्रवाई की वजह माना जा रहा है। चर्चा यह भी है कि इनको हटाने के बाद अब निगम की स्ट्रीट लाइट वाली मैनपावर को भी हटाया जाएगा। बताया जा रहा है कि वैसे तो इस 44 सदस्यीय टीम को लाइट ठीक करने के लिए केवल एक साल के लिए भर्ती किया गया था, लेकिन इनको लगे हुए अब दो साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है। इसलिए अगला नंबर अब इनका है।
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नगर निगम की सदन की बैठक में ही अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इसे स्पष्ट कर दिया था कि जिनकी आवश्यकता नहीं है, उनको हटाया जाएगा। इनमें सबसे पहले आउटसोर्स पर लगे इन 11 जेई का नंबर था, तो दूसरी जगह 44 स्ट्रीट लाइट रिपेयर करने वाली मैनपावर का। दूसरी ओर ये भी बताया जा रहा है कि निगम ने ये टीम नेताओं की सिफारिश पर भर्ती की थी।
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