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पानीपत: एक हजार करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े का एक और मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Sun, 13 Sep 2020 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2020 12:00 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
एक हजार करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े का एक और मास्टरमाइंड विपुल गोयल 15 महीने बाद गिरफ्तार कर लिया गया। वह अलग-अलग धर्मशालाओं में छिपकर रह रहा था। कुछ दिन पहले ही असंल सुशांत सिटी स्थित अपने घर आया था, जिसकी सूचना मिलने पर शनिवार सुबह जीएसटी विभाग की टीम ने छापा मारकर उसे धर दबोचा और पुलिस को सौंपकर गिरफ्तार कराया। आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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बता दें कि सात लोगों ने जीएसटी स्कैम को अंजाम दिया था। आरोपियों से 80 करोड़ रुपये का रिफंड जीएसटी विभाग ने ले लिया था। इस मामले के मुख्य सरगना राजेश मित्तल सहित छह आरोपी पुलिस गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है।
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डीईटीसी सूरज सिह मलिक ने बताया कि पिछले साल जून के प्रथम सप्ताह में इस स्कैम का खुलासा हुआ था। फर्जी फर्मों का बिल बनाकर सौदेबाजी का खेल खेला जा रहा था। छह जून को आरोपियों की कार से 24 चेक बुक, साइन किए हुए ब्लैंक चेक, छह मोहरें भी मिली थीं।
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इनमें डीईटीसी (उप आबकारी कराधान आयुक्त), ईटीओ (आबकारी कराधान अधिकारी) के नाम की मोहर भी थीं। विभिन्न फर्मों के बिल की प्रतियां, लैपटॉप भी बरामद हुईं थीं। इस मामले में राजेश मित्तल, संजय भालौठिया, मनीष, इंद्र प्रताप, वकील सत्यनारायण, रणजीत और विपुल गोयल के खिलाफ थाना चांदनीबाग में केस दर्ज हुआ था। आरोपी बड़ी-बड़ी फर्मों से संपर्क कर उनका जीएसटी बचाने के लिए फर्जी फर्मों के अकाउंट नंबरों में पैसे जमा कराते थे।
टीम लगातार रख रही थी नजर
डीईटीसी के निर्देशन में ईटीओ अजय कुंडू लगातार विपुल गोयल पर नजर रखे हुए थे। दो दिन पहले ही टीम को सूचना मिली कि विपुल अपने घर अंसल में आया हुआ है।
इन फर्मों की चेक बुक मिली थी
श्री बाला सुंदरी वूलटेक्स, आरके इंटरनेशनल, गणेश टेक्सटाइल, मनीष वूलटेक्स, गीता यार्न, ऋद्धि सिद्धि ओवरसीज, मां करनी यार्न टेक्सटाइल, अंश हॉस्पिटलिटी, रामेश्वरम, सोनी टेक्सटाइल, मानसी बिंदल और विपुल जिंदल के नाम की चेक बुक बरामद की।