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Panipat News: अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज पर मुद्रा लोन में किया 12.43 लाख का गबन, केस दर्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Mar 2023 02:24 AM IST
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Officials embezzled 12.43 lakh in Mudra loan on fake documents, case registered
समालखा। इंडियन ओवरसीज बैंक के दो अधिकारियों ने अपने परिजनों और रिश्तेदारों को मुद्रा व कार लोन देकर 12.43 लाख रुपये का गबन कर दिया। यह मामला एक शिकायत सामने आने के बाद जांच में खुला। समालखा पुलिस ने इसमें धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि अधिकारियों ने यूपी के अपने परिजनों व रिश्तेदारों का लोन मंजूर किया है, जबकि उनका पता समालखा का दिया गया। बैंक ने उनका पता जांचा तो स्पष्ट नहीं हुआ।
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इंडियन ओवरसीज बैंक दिल्ली एनसीआर के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक वीपी मिश्रा ने पुलिस को शिकायत दी है कि आजाद विहार, गाजियाबाद-यूपी निवासी गौरव कुमार समालखा शाखा में सहायक प्रबंधक और एल्डीको-टू कॉलोनी, रायबरेली, लखनऊ-यूपी निवासी दीपक कुमार मिश्रा सहायक प्रबंधक अधिकारी / क्रेडिट अधिकारी) हैं। दोनों संयुक्त रूप से बैंक के दिशानिर्देशों के अनुपालन में क्रेडिट सुविधा स्वीकृत करने के पात्र हैं। उन्होंने बैंक को ठगने की मंशा या मिलीभगत से दीपक कुमार मिश्रा के रिश्तेदार और मित्र की कर्जमाफी मंजूर की है। इस तथ्य को योगेश गुप्ता बैंक के सामने लेकर आए। उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने समालखा शाखा से कोई ऋण नहीं लिया। शाखा के अधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने धोखाधड़ी से लिया था। योगेश गुप्ता के नाम पर पांच विभिन्न ऋण स्वीकृत किए गए। इनमें 17 मार्च 2021 को 1.99 लाख का मुद्रा ऋण दिया गया। गौरव कुमार ने ऋण सीमा के दिशानिर्देशों का पालन किए बिना इसे स्वीकृत कर दिया। जबकि योगेश कुमार ने कहा कि उन्होंने ऋण नहीं लिया था। संगीता मिश्रा के दो ऋण स्वीकृत किए गए। इनमें व्यवसाय के लिए मुद्रा और दूसरा वाहन ऋण है। मुद्रा ऋण तीन मई 2019 को 1.65 लाख रुपये का जारी किया गया। केवाईसी अनुपालन के बिना संपत्ति का निर्माण नहीं किया जाता। रिकॉर्ड में उल्लिखित पता ट्रेस करने योग्य नहीं है। मुद्रा ऋण की आय एक चालू खाते में जमा कर दी। मुद्रा ऋण के पांच महीने के अंतराल के बाद एक और ऋण संगीता मिश्रा को आमिर अहमद से सेकेंड हैंड वाहन खरीदने के लिए 4.90 लाख रुपये का स्वीकृत किया गया। रिकॉर्ड में उपलब्ध आरसी जाली लगा दी गई। किरण मिश्रा को 1.94 लाख मुद्रा ऋण स्वीकृत किया गया। संगीता मिश्रा को स्वीकृत ऋण को चार महीने बाद 13 जनवरी 2020 को दीपक कुमार मिश्रा और गौरव कुमार ने उसे संशोधित किया। उक्त ऋण बिना केवाईसी अनुपालन के दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना स्वीकृत कर दिया गया। रिकॉर्ड में उल्लिखित पता बाग वाला मोहल्ला समालखा का पता नहीं लगाया जा सकता है। आमिर अहमद को मुद्रा ऋण दे दिया गया। वह दीपक कुमार मिश्रा का दोस्त हैं।
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