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Panipat News: अब आधुनिक तरीके से होगी ड्रेन की सफाई
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पानीपत। निकासी में शहर की लाइफलाइन मानी जानी वाली ड्रेन नंबर एक की गंदगी को साफ करने का काम अब केरल प्रदेश की स्क्वास कंपनी अपनी आधुनिक तकनीक से करेगी। इनकी तकनीक से ड्रेन में बहने वाले गंदे पानी को बिल्कुल साफ किया जाएगा। इसकी स्लज को अलग निकाला जाएगा। इससे ड्रेन में गंदगी भी नहीं रहेगी, इसमें सिर्फ साफ पानी बहेगा और इसकी बदबू भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। नगर निगम ने इसके आधार पर सैंपल भरवाए। इनकी टेस्टिंग भी कराई, जो परीक्षण में सफलतापूर्वक सफल भी हुए हैं। अब निगम ने इस प्रोजेक्ट की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
दिल्ली में लगी नमामि गंगे की प्रदर्शन में केरल की स्कवास कंपनी ने नगर निगम को अपनी अत्याधुनिक तकनीक साझा की। जिसमें एक विशेष प्रकार के केमिकल के साथ गंदे पानी की मथनी कराई जाएगी। जिससे गंदा पानी साफ होकर अलग हो जाएगा और स्लज अलग हो सकेगी। इसकी लागत अब तक 40 लीटर गंदे पानी पर एक रुपये बताई गई है। अभी ये तकनीकी केवल मोबाइल तौर पर आधारित है यानी छोटे प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल की जा रही है लेकिन निगम इसे ड्रेन नंबर एक के लिए इस्तेमाल करेगा।
सबसे खास बात ये है कि केरल की इस आधुनिक तकनीक से गंदे पानी और इसकी स्लज को केमिकल और मधानी जैसी तकनीक से केवल 30 से 40 सैकंड में अलग अलग किया जा सकता है। इसमें पहले केमिकल को डालकर इसे अच्छे से मिलाया जाता है। इसके कई प्रारूप हैं। किसी में केमिकल के हिसाब से स्लज नीचे और पानी ऊपर होता है तो किसी में पानी नीचे और स्लज ऊपर आ जाती है लेकिन दोनों ही प्रारूप में पानी बिल्कुल साफ हो जाता है। इस पानी को दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। वहीं, स्लज को ड्रेन से निकालने को लेकर प्लान बनाया जा रहा है।
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बॉक्स
शहर संग 11 वार्डों की 55 कॉलोनियों के लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
यूं तो ड्रेन नंबर एक की गंदगी, बदबू हटने से शहर का सुंदरीकरण बढ़ेगा ही साथ में ड्रेन की पटरी के सहारे रोजाना आवागमन करने वाले लाखों लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा लेकिन सबसे ज्यादा फायदा ड्रेन किनारे बसे करीब 11 वार्डों की 55 कॉलोनियों के लोगों को होगा। जो अब तक ड्रेन की गंदगी और इसकी बदबू से परेशान थे। ड्रेन नंबर एक की शुरुआत वार्ड नंबर 24 के पास काबड़ी गांव से होती है। रेलवे लाइन के पश्चिम ओर वार्ड 24, 25 व 26 के गंदे पानी को ड्रेन में डाला जाता है। इसके बाद शहर के बीचों बीच से निकलने वाले ड्रेन नंबर एक से सटे वार्ड नंबर 1 से 7 की कॉलोनियों के लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा। सेक्टर 25 के आगे ड्रेन सिवाह चौटाला रोड तक जाती है। आगे डाडौला के पास इसे ड्रेन नंबर दो में छोड़ दिया जाता है।
वर्जन:
ये प्रोजेक्ट शहरवासियों के लिए निगम की ओर से सौगात होगी। आधुनिक तकनीक से ड्रेन की सफाई कराने, इसमें सिर्फ साफ पानी बहने का ये प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। जो पूर्ण रूप से केरल में इस्तेमाल हो रही तकनीक पर आधारित रहेगा। ड्रेन के गंदे पानी की सैंपलिंग कराई टेस्टिंग करवाई गई थी जो सफल हुई। अब से लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर निगम।
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दिल्ली में लगी नमामि गंगे की प्रदर्शन में केरल की स्कवास कंपनी ने नगर निगम को अपनी अत्याधुनिक तकनीक साझा की। जिसमें एक विशेष प्रकार के केमिकल के साथ गंदे पानी की मथनी कराई जाएगी। जिससे गंदा पानी साफ होकर अलग हो जाएगा और स्लज अलग हो सकेगी। इसकी लागत अब तक 40 लीटर गंदे पानी पर एक रुपये बताई गई है। अभी ये तकनीकी केवल मोबाइल तौर पर आधारित है यानी छोटे प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल की जा रही है लेकिन निगम इसे ड्रेन नंबर एक के लिए इस्तेमाल करेगा।
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सबसे खास बात ये है कि केरल की इस आधुनिक तकनीक से गंदे पानी और इसकी स्लज को केमिकल और मधानी जैसी तकनीक से केवल 30 से 40 सैकंड में अलग अलग किया जा सकता है। इसमें पहले केमिकल को डालकर इसे अच्छे से मिलाया जाता है। इसके कई प्रारूप हैं। किसी में केमिकल के हिसाब से स्लज नीचे और पानी ऊपर होता है तो किसी में पानी नीचे और स्लज ऊपर आ जाती है लेकिन दोनों ही प्रारूप में पानी बिल्कुल साफ हो जाता है। इस पानी को दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। वहीं, स्लज को ड्रेन से निकालने को लेकर प्लान बनाया जा रहा है।
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शहर संग 11 वार्डों की 55 कॉलोनियों के लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
यूं तो ड्रेन नंबर एक की गंदगी, बदबू हटने से शहर का सुंदरीकरण बढ़ेगा ही साथ में ड्रेन की पटरी के सहारे रोजाना आवागमन करने वाले लाखों लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा लेकिन सबसे ज्यादा फायदा ड्रेन किनारे बसे करीब 11 वार्डों की 55 कॉलोनियों के लोगों को होगा। जो अब तक ड्रेन की गंदगी और इसकी बदबू से परेशान थे। ड्रेन नंबर एक की शुरुआत वार्ड नंबर 24 के पास काबड़ी गांव से होती है। रेलवे लाइन के पश्चिम ओर वार्ड 24, 25 व 26 के गंदे पानी को ड्रेन में डाला जाता है। इसके बाद शहर के बीचों बीच से निकलने वाले ड्रेन नंबर एक से सटे वार्ड नंबर 1 से 7 की कॉलोनियों के लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा। सेक्टर 25 के आगे ड्रेन सिवाह चौटाला रोड तक जाती है। आगे डाडौला के पास इसे ड्रेन नंबर दो में छोड़ दिया जाता है।
वर्जन:
ये प्रोजेक्ट शहरवासियों के लिए निगम की ओर से सौगात होगी। आधुनिक तकनीक से ड्रेन की सफाई कराने, इसमें सिर्फ साफ पानी बहने का ये प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। जो पूर्ण रूप से केरल में इस्तेमाल हो रही तकनीक पर आधारित रहेगा। ड्रेन के गंदे पानी की सैंपलिंग कराई टेस्टिंग करवाई गई थी जो सफल हुई। अब से लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर निगम।