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Panipat News: आठ गांवों में 15 दिन से पेयजल नहीं, टैंकरों का सहारा
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पानीपत/ सनौली। बाढ़ प्रभावित गांव नवादा आर, नवादा पार, जलालपुर द्वितीय, पत्थरगढ़, राणा माजरा, झांबा, तामशाबाद व सनौली खुर्द में लोग पीने के पानी को तरस गए हैं। प्रशासन पिछले 14 दिन से यहां टैंकर से पानी की सफाई कर रहा है। लोगों के लिए नहाने का पानी नहीं है। पशुपालक पशुओं को नहीं नहला पा रहे। नहाने की कमी से यहां बीमारियां फैल रही हैं। इन गांवों में हर तीसरा व्यक्ति चर्म रोगी है। वहीं दूसरी ओर उफान पर चल रही यमुना नदी ने कुछ राहत दी है। यमुना का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान को छूकर चेतावनी स्तर से नीचे आ गया है। जलस्तर में एक मीटर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि खेत अभी पानी से लबालब हैं। ऐसे में किसानों की चिंता कम नहीं हुई है।
दो दिन पहले पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में वर्षा के चलते हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में अधिकतम 251987 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया गया था। यमुना का जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा था। सोमवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु 231 मीटर से 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। यहां से खतरे का निशान 231.50 मीटर से महज 15 सेंटीमीटर दूर रह गया था। यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण किनारे पर स्थित मंदिर, गोशाला और हजारों एकड़ किसानों की फसलें जलमग्न हो गई थीं।
गांव नवादा आर-सनौली कलां सड़क पुरानी खान के पास बाढ़ में टूट गई। सड़क कई हिस्से पानी में बह गए। नवादा आर व सनौली कलां का संपर्क कटा हुआ है। नवादा आर में आठवीं कक्षा तक का प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय है। नौवीं से 12वीं कक्षा तक की करीब 40 छात्राएं सनौली कलां के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाती हैं। नवादा आर से सनौली कलां एक किलोमीटर दूर है। गांव की 45 छात्रा 15 दिन से स्कूल नहीं जा पा रही हैं।
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गांव नवादा आर के सरपंच जोगिंद्र, पूर्व सरपंच ताहिर, रामरतन एडवोकेट, सालिम, जगदीश व जगबीर ने कहा कि उनके गांव के जलघर को जल्द चालू किया जाए। गांव से सनौली कलां जाने वाली टूटी पड़ी सडक की तुरंत मरम्मत कराई जाए ताकि छात्राएं स्कूल जा सके। गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर कई दिनों तक कैंप लगाकर गांव के बीमार लोगों को दवा दी जाए।
हथिनीकुंड बैराज से 11 जुलाई को 3.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद हजारों बीघा फसलें बर्बाद हो गई थी। धीरे-धीरे यमुना सामान्य हो रही थी। प्रशासन की ओर से फसलों के नुकसान के आकलन के लिए सर्वे शुरू हो गया था। अब दोबारा बाढ़ के खतरे के बाद फसलों के सर्वे का काम रुक गया।
नायब तहसीलदार कैलाश चंद्र ने बताया कि सरकार की ओर से आदेश मिलते ही सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा। सर्वे की जिम्मेदारी पटवारियों को दी गई है। फिलहाल यमुना का जलस्तर गिर रहा है। हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे हैं।
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दो दिन पहले पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में वर्षा के चलते हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में अधिकतम 251987 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया गया था। यमुना का जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा था। सोमवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु 231 मीटर से 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। यहां से खतरे का निशान 231.50 मीटर से महज 15 सेंटीमीटर दूर रह गया था। यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण किनारे पर स्थित मंदिर, गोशाला और हजारों एकड़ किसानों की फसलें जलमग्न हो गई थीं।
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गांव नवादा आर-सनौली कलां सड़क पुरानी खान के पास बाढ़ में टूट गई। सड़क कई हिस्से पानी में बह गए। नवादा आर व सनौली कलां का संपर्क कटा हुआ है। नवादा आर में आठवीं कक्षा तक का प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय है। नौवीं से 12वीं कक्षा तक की करीब 40 छात्राएं सनौली कलां के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाती हैं। नवादा आर से सनौली कलां एक किलोमीटर दूर है। गांव की 45 छात्रा 15 दिन से स्कूल नहीं जा पा रही हैं।
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गांव नवादा आर के सरपंच जोगिंद्र, पूर्व सरपंच ताहिर, रामरतन एडवोकेट, सालिम, जगदीश व जगबीर ने कहा कि उनके गांव के जलघर को जल्द चालू किया जाए। गांव से सनौली कलां जाने वाली टूटी पड़ी सडक की तुरंत मरम्मत कराई जाए ताकि छात्राएं स्कूल जा सके। गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर कई दिनों तक कैंप लगाकर गांव के बीमार लोगों को दवा दी जाए।
हथिनीकुंड बैराज से 11 जुलाई को 3.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद हजारों बीघा फसलें बर्बाद हो गई थी। धीरे-धीरे यमुना सामान्य हो रही थी। प्रशासन की ओर से फसलों के नुकसान के आकलन के लिए सर्वे शुरू हो गया था। अब दोबारा बाढ़ के खतरे के बाद फसलों के सर्वे का काम रुक गया।
नायब तहसीलदार कैलाश चंद्र ने बताया कि सरकार की ओर से आदेश मिलते ही सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा। सर्वे की जिम्मेदारी पटवारियों को दी गई है। फिलहाल यमुना का जलस्तर गिर रहा है। हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे हैं।