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Panipat News: निरंकारी संत समागम 16 नवंबर से समालखा में होगा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2024 05:59 AM IST
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Nirankari Sant Samagam will be held in Samalkha from 16th November.
समालखा (पानीपत)। संत निरंकारी मिशन का 77वां समागम 16 से 18 नवंबर को संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल भोड़वाल माजरी समालखा में होगा। इसमें प्रदेश और देशभर से अनुयायी पहुंचेंगे। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज और सत्कार योग निरंकारी राजपिता रमित ने रविवार को संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर कस्सी चलाकर सेवा कार्यों का विधिवत रूप से शुभारंभ किया।
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सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने कहा कि संसार में अनेक लोग रहते हैं। जिनकी अलग-अलग भाषा, वेश-भूषा, खान-पान, जाति, धर्म और संस्कृति आदि है। इतनी विभिन्नताओं के बाद भी एक बात सामान्य है कि हम सब इंसान हैं। कैसा भी हमारा रंग हो, भेष हो, देश हो या खान-पान, सबकी रगों में एक सा रक्त बहता है। हम सब परमात्मा की संतान हैं। इसी भाव को अनेक संतों ने अलग-अलग समय और स्थानों पर अपनी भाषा और शैली में समस्त संसार एक परिवार के संदेश के रूप में व्यक्त किया।
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पिछले लगभग 95 वर्षों से संत निरंकारी मिशन भी इसी संदेश को न केवल प्रेषित कर रहा है। सतगुरु माता ने फरमाया कि सेवा करते समय सेवा को भेदभाव की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। अपितु सदैव निरिच्छत, निष्काम भाव से ही की जानी चाहिए। सेवा तभी वरदान साबित होती है जब उसमें कोई किंतु, परंतु नहीं होता। उसकी कोई समय सीमा नहीं होनी चाहिए। यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। सेवा सदैव सेवाभाव से युक्त होकर ही करनी चाहिए। इस अवसर पर मिशन की कार्यकारिणी के सभी सदस्य, केंद्रीय सेवादल के अधिकारी और सत्संग के अन्य हजारों अनुयायी मौजूद रहे।
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600 एकड़ में है समागम स्थल
समागम स्थल 600 एकड़ में फैला हुआ है। यहां पर लाखों संतों के रहने, खाने-पीने, स्वास्थ्य और आने-जाने के साथ-साथ अन्य कई प्रकार की व्यवस्थाएं की जाती हैं। जिसके लिए पूरा महीना अनेक स्थानों से आकर भक्त निष्काम भाव से सेवारत रहते हैं। इस पावन संत समागम में हर वर्ग के संत व सेवादार अपने प्रियजनों संग सम्मिलित होकर एकत्व के इस दिव्य रूप का आनंद प्राप्त करेंगे। इस वर्ष के समागम का विषय विस्तार असीम की ओर है।
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