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Panipat News: दो मंदिरों से गुरु ग्रंथ साहिब उठा ले गए निहंग
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पानीपत। हरिबाग कॉलोनी और सेठी चौक स्थित दो मंदिरों से रविवार को कुछ निहंग गुरु ग्रंथ साहिब उठाकर ले गए। मंदिर प्रबंधन व स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो निहंगों ने तलवार लहरा दी। इसके बाद पुराना औद्योगिक थाने में कई घंटे तक चली दोनों पक्षों की पंचायत में भी कोई समाधान नहीं निकला।
निहंगों ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब रखने के नियम होते हैं और मंदिरों में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। निहंगों ने कहा कि वह नियमों के तहत रखने की व्यवस्था करने पर ही गुरु ग्रंथ साहिब को दे सकते हैं। जानकारी के अनुसार हरिबाग कॉलोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में दोपहर करीब डेढ़ बजे कुछ लोग मंदिर में आए। मंदिर के पुजारी ने उनसे पूछा तो उन्होंने हाल की बुकिंग कराने की बात कही। इसके बाद उन्होंने मंदिर में रखे तीन दरबार साहब को उठा लिया। इसका पता चलते लोग एकजुट होना शुरू हो गए। लोगों ने इसका विरोध किया तो निहंगों ने तलवार निकाल ली। वे इसके बाद वे गाड़ियों में दरबार साहिब को ले गए। इसके बाद वह सेठी चौक स्थित मंदिर पहुंचे और वहां से भी गुरु ग्रंथ साहिब ले गए। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को पुराना औद्योगिक थाना में बुलाया।
गुरु ग्रंथ साहिब की हो रही थी बेअदगी : सिख समुदाय से तसदीप सिंह ने कहा कि मंदिरों में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी होने की सूचना मिली थी। गुरुओं की सेवा भी ठीक से नहीं की जा रही थी। नियमानुसार गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शनों के लिए प्रवेश की अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। दरबार साहिब के साथ कोई और देवी देवता की फोटो या मूर्ति नहीं होनी चाहिए। दरबार साहिब के ऊपर निशान साहिब होना चाहिए। मंदिर प्रबंधन ने एक सप्ताह का समय दिया है। वे व्यवस्था होने पर गुरु ग्रंथ साहिब को विराजमान कर देंगे।
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निहंगों ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब रखने के नियम होते हैं और मंदिरों में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। निहंगों ने कहा कि वह नियमों के तहत रखने की व्यवस्था करने पर ही गुरु ग्रंथ साहिब को दे सकते हैं। जानकारी के अनुसार हरिबाग कॉलोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में दोपहर करीब डेढ़ बजे कुछ लोग मंदिर में आए। मंदिर के पुजारी ने उनसे पूछा तो उन्होंने हाल की बुकिंग कराने की बात कही। इसके बाद उन्होंने मंदिर में रखे तीन दरबार साहब को उठा लिया। इसका पता चलते लोग एकजुट होना शुरू हो गए। लोगों ने इसका विरोध किया तो निहंगों ने तलवार निकाल ली। वे इसके बाद वे गाड़ियों में दरबार साहिब को ले गए। इसके बाद वह सेठी चौक स्थित मंदिर पहुंचे और वहां से भी गुरु ग्रंथ साहिब ले गए। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को पुराना औद्योगिक थाना में बुलाया।
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गुरु ग्रंथ साहिब की हो रही थी बेअदगी : सिख समुदाय से तसदीप सिंह ने कहा कि मंदिरों में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी होने की सूचना मिली थी। गुरुओं की सेवा भी ठीक से नहीं की जा रही थी। नियमानुसार गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शनों के लिए प्रवेश की अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। दरबार साहिब के साथ कोई और देवी देवता की फोटो या मूर्ति नहीं होनी चाहिए। दरबार साहिब के ऊपर निशान साहिब होना चाहिए। मंदिर प्रबंधन ने एक सप्ताह का समय दिया है। वे व्यवस्था होने पर गुरु ग्रंथ साहिब को विराजमान कर देंगे।
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