{"_id":"6670cdb8965fcedc070e4754","slug":"newborns-born-with-a-hole-in-the-heart-panipat-news-c-244-1-pnp1003-119742-2024-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: गर्भावस्था में महिलाएं कर रहीं धूम्रपान, दिल में सुराख के साथ पैदा हो रहे नवजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: गर्भावस्था में महिलाएं कर रहीं धूम्रपान, दिल में सुराख के साथ पैदा हो रहे नवजात
विज्ञापन
पानीपत। बदलते परिवेश के साथ समाज में धूम्रपान का चलन बढ़ा है। युवाओं के साथ छोटी उम्र में बच्चे धूम्रपान के आदी हो रहे हैं। अब महिलाओं में भी धूम्रपान का चलन बढ़ रहा है। जिले की 10 प्रतिशत महिलाएं धूम्रपान की आदती हैं और 30 प्रतिशत महिलाएं पैसिक स्मोकिंग के जरिए धुएं के संपर्क में रहती हैं। इसलिए नवजात दिल में सुराख के साथ पैदा हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साढ़े चार साल में 101 बच्चों को चिह्नित उनकी दिल में छेद की सर्जरी कराई है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने 1.25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। डॉक्टरों ने महिलाओं को धूम्रपान और पैसिव स्मोकिंग से बचने की ठोस हिदायतें दी हैं। गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान या पैसिव स्मोकिंग के जरिए धुएं के अत्यधिक संपर्क में रहने से नवजात दिल में सुराख के साथ पैदा हो रहे हैं। हालांकि यह आनुवांशिक भी हो सकता है। जिन माता-पिता को पैदा होने के साथ हृदय संबंधी बीमारी होती है। ये स्थिति उन बच्चों की भी हो सकती है। जिले में इस प्रकार के केसों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जिसकी वजह धूम्रपान को माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पिछले साढ़े चार साल में ऐसे 101 बच्चों को स्कूलों से चिह्नित किया जो इस बीमारी के साथ जी रहे थे। इन बच्चों का चंडीगढ़ पीजीआई में निशुल्क इलाज कराकर नया जीवन दिया गया। इनके इलाज पर लगभग 1.25 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं । सात बच्चों की सर्जरी अभी बाकी है। इन बच्चों की सर्जरी की अनुमति के लिए फाइल मुख्यालय भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि जल्द इन बच्चों को भी नया जीवन मिलेगा।
साल- सर्जरी
2021-22- 28
2022-23 38
2023-24 25
2024-25 अब तक 10
कुल- 101
बॉक्स
दिल में छेद के लक्षण
- दूध पीते समय बच्चों को अधिक पसीना आना।
- उम्र के हिसाब से वजन विकास में वृद्धि न होना।
- सांस तेजी से चलती हो और बच्चा रोते हुए नीला पड़ जाए ।
- थोड़ी देर खेलने पर थक जाए ।
- हृदय गति असामान्य रहती हो।
- बच्चों को का रंग नीला पड़ जाता है ।
- नाखून और होंठ भी नीले पड़ जाते हैं।
बॉक्स
गर्भ में पल रहे बच्चे पर धुंए का सबसे बुरा प्रभाव : डॉ. सुखदीप
वैसे तो धूम्रपान हर वर्ग आयु वाले इंसान के लिए बेहद खतरनाक है लेकिन ये महिलाओं के लिए और अधिक खतरनाक साबित हो रहा है। गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने से गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा असर पड़ता है। उसके बीमारियों के साथ पैदा होने का भय अधिक बढ़ जाता है। बच्चे के जन्मजात दिल में सुराख के साथ पैदा होने का ये भी बढ़ा कारण है।
विज्ञापन
डॉ. सुखदीप कौर, इमरजेंसी मेडिसिन, नागरिक अस्पताल
बॉक्स
बच्चों को चिह्नित कर करवा रहे इलाज : डॉ. ललित
साढ़े चार साल में 110 ऐसे बच्चों को चिह्नित किया गया है। जो जन्मजात दिल में सुराख के साथ पैदा हुए थे। इनका निशुल्क इलाज भी करवाया गया है। जांच में सामने आया है कि जिन बच्चों की माताएं धूम्रपान की आदी हैं उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के दिल में सुराख होने का भय अधिक बढ़ जाता है। शिक्षा विभाग की मदद से ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है जिनके दिल में छेद है।
डॉ. ललित वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साढ़े चार साल में 101 बच्चों को चिह्नित उनकी दिल में छेद की सर्जरी कराई है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने 1.25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। डॉक्टरों ने महिलाओं को धूम्रपान और पैसिव स्मोकिंग से बचने की ठोस हिदायतें दी हैं। गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान या पैसिव स्मोकिंग के जरिए धुएं के अत्यधिक संपर्क में रहने से नवजात दिल में सुराख के साथ पैदा हो रहे हैं। हालांकि यह आनुवांशिक भी हो सकता है। जिन माता-पिता को पैदा होने के साथ हृदय संबंधी बीमारी होती है। ये स्थिति उन बच्चों की भी हो सकती है। जिले में इस प्रकार के केसों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जिसकी वजह धूम्रपान को माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पिछले साढ़े चार साल में ऐसे 101 बच्चों को स्कूलों से चिह्नित किया जो इस बीमारी के साथ जी रहे थे। इन बच्चों का चंडीगढ़ पीजीआई में निशुल्क इलाज कराकर नया जीवन दिया गया। इनके इलाज पर लगभग 1.25 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं । सात बच्चों की सर्जरी अभी बाकी है। इन बच्चों की सर्जरी की अनुमति के लिए फाइल मुख्यालय भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि जल्द इन बच्चों को भी नया जीवन मिलेगा।
विज्ञापन
साल- सर्जरी
2021-22- 28
2022-23 38
2023-24 25
2024-25 अब तक 10
कुल- 101
बॉक्स
दिल में छेद के लक्षण
- दूध पीते समय बच्चों को अधिक पसीना आना।
- उम्र के हिसाब से वजन विकास में वृद्धि न होना।
- सांस तेजी से चलती हो और बच्चा रोते हुए नीला पड़ जाए ।
- थोड़ी देर खेलने पर थक जाए ।
- हृदय गति असामान्य रहती हो।
- बच्चों को का रंग नीला पड़ जाता है ।
- नाखून और होंठ भी नीले पड़ जाते हैं।
बॉक्स
गर्भ में पल रहे बच्चे पर धुंए का सबसे बुरा प्रभाव : डॉ. सुखदीप
वैसे तो धूम्रपान हर वर्ग आयु वाले इंसान के लिए बेहद खतरनाक है लेकिन ये महिलाओं के लिए और अधिक खतरनाक साबित हो रहा है। गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने से गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा असर पड़ता है। उसके बीमारियों के साथ पैदा होने का भय अधिक बढ़ जाता है। बच्चे के जन्मजात दिल में सुराख के साथ पैदा होने का ये भी बढ़ा कारण है।
विज्ञापन
डॉ. सुखदीप कौर, इमरजेंसी मेडिसिन, नागरिक अस्पताल
बॉक्स
बच्चों को चिह्नित कर करवा रहे इलाज : डॉ. ललित
साढ़े चार साल में 110 ऐसे बच्चों को चिह्नित किया गया है। जो जन्मजात दिल में सुराख के साथ पैदा हुए थे। इनका निशुल्क इलाज भी करवाया गया है। जांच में सामने आया है कि जिन बच्चों की माताएं धूम्रपान की आदी हैं उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के दिल में सुराख होने का भय अधिक बढ़ जाता है। शिक्षा विभाग की मदद से ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है जिनके दिल में छेद है।
डॉ. ललित वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन