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Panipat News: जीआईएस पर बनेगा शहर की नई वार्डबंदी का नया नक्शा
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पानीपत। फरवरी 2025 में संभावित निकाय चुनाव को लेकर तैयार की जा रही शहर की नई वार्डबंदी का फाइनल नक्शा परिसीमन के सिद्धांत से जीआईएस पर बनेगा।
जीआईएस यानी जियोग्राफिकल इन्फार्मेशन सिस्टम पर नई वार्डबंदी के तहत नए वार्डों की सीमाएं रेखांकित की जाएंगी। इसमें निगम क्षेत्र के चारों ओर की सीमाएं तो सामान्य रहेंगी लेकिन अंदर वार्डाें की सीमाएं बदल दी जाएंगी।
इससे शहरी और ग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत आने वाले वार्ड अलग अलग हो जाएंगे। जीआईएस में प्रति वार्ड संपत्तियों का जिक्र भी होगा, साथ में वोटर और जनसंख्या का डाटा भी भरा जाएगा। जब किसी भी दो वार्डों की सीमाओं की नई बांउड्री लाइन खींची जाएगी तब उनकी गलियों को अलग रखा जाएगा। जीआईएस पर आधारित डिजिटल शहर का नक्शा ऐसा होगा जिसमें वार्डों की सीमाओं के अंदर पूरी जानकारी होगी। यानी किसी गली में किसके मकान से वार्ड की सीमा शुुरू होती है। कहां से ये सीमा रेखा घूमते हुए किसी गली नुक्कड़ को पार कर वापस उसकी शुरुआती बिंदु पर मिले। यानी एक आम आदमी भी अपने वार्ड की भौगोलिक स्थिति को स्पष्ट तौर पर समझ सकेगा।
खास बात ये है कि परिवार पहचान पत्र पर आधारित इस वार्डबंदी के ड्रॉफ्ट में दो वार्ड बढ़ाए भी जा सकते हैं। हालांकि इसका फैसला एडहॉक कमेटी की बैठक में ही होगा। मौजूदा 26 वार्डों में से वार्ड नंबर 1, 2, 5, 6, 12, 24, 25 और 26 पूर्ण रूप से ग्रामीण जबकि वार्ड नंबर 8, 9, 10, 15, 17, 18, 19, 20 और 23 शहरी विस की सीमा में हैं। दोनों विधानसभाओं के मिक्स वार्डों में 3, 4, 7, 11, 13, 14, 16, 21 और 22 आते हैँ। नई वार्डबंदी में वार्ड 1, 2, 3, 6, 7, 8, 13, 14, 23, 25 और 26 को पूर्ण रूप से ग्रामीण विधानसभा और वार्ड नंबर 4, 5, 9, 10, 11, 12, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22 और 24 को पूर्ण रूप से शहरी विस में रखा जा रहा है।
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जीआईएस यानी जियोग्राफिकल इन्फार्मेशन सिस्टम पर नई वार्डबंदी के तहत नए वार्डों की सीमाएं रेखांकित की जाएंगी। इसमें निगम क्षेत्र के चारों ओर की सीमाएं तो सामान्य रहेंगी लेकिन अंदर वार्डाें की सीमाएं बदल दी जाएंगी।
इससे शहरी और ग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत आने वाले वार्ड अलग अलग हो जाएंगे। जीआईएस में प्रति वार्ड संपत्तियों का जिक्र भी होगा, साथ में वोटर और जनसंख्या का डाटा भी भरा जाएगा। जब किसी भी दो वार्डों की सीमाओं की नई बांउड्री लाइन खींची जाएगी तब उनकी गलियों को अलग रखा जाएगा। जीआईएस पर आधारित डिजिटल शहर का नक्शा ऐसा होगा जिसमें वार्डों की सीमाओं के अंदर पूरी जानकारी होगी। यानी किसी गली में किसके मकान से वार्ड की सीमा शुुरू होती है। कहां से ये सीमा रेखा घूमते हुए किसी गली नुक्कड़ को पार कर वापस उसकी शुरुआती बिंदु पर मिले। यानी एक आम आदमी भी अपने वार्ड की भौगोलिक स्थिति को स्पष्ट तौर पर समझ सकेगा।
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खास बात ये है कि परिवार पहचान पत्र पर आधारित इस वार्डबंदी के ड्रॉफ्ट में दो वार्ड बढ़ाए भी जा सकते हैं। हालांकि इसका फैसला एडहॉक कमेटी की बैठक में ही होगा। मौजूदा 26 वार्डों में से वार्ड नंबर 1, 2, 5, 6, 12, 24, 25 और 26 पूर्ण रूप से ग्रामीण जबकि वार्ड नंबर 8, 9, 10, 15, 17, 18, 19, 20 और 23 शहरी विस की सीमा में हैं। दोनों विधानसभाओं के मिक्स वार्डों में 3, 4, 7, 11, 13, 14, 16, 21 और 22 आते हैँ। नई वार्डबंदी में वार्ड 1, 2, 3, 6, 7, 8, 13, 14, 23, 25 और 26 को पूर्ण रूप से ग्रामीण विधानसभा और वार्ड नंबर 4, 5, 9, 10, 11, 12, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22 और 24 को पूर्ण रूप से शहरी विस में रखा जा रहा है।
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