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डॉक्टर 30 जनवरी तक कर सकेंगे एमएलआर ऑनलाइन
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:31 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग ने साल 2015 की एमएलआर (मेडिकल लीगल रिपोर्ट) और पीएमआर (पोस्टमार्टम रिपोर्ट) ऑनलाइन करने की तिथि 30 जनवरी कर दी है।
एक माह का अतिरिक्त समय मिलने से डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है। इसके बाद डॉक्टर एक बार फिर से एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करने में जुट गए हैं। उल्लेखनीय है कि डॉक्टर अभी तक 70 प्रतिशत एमएलआर और 40 प्रतिशत पीएमआर कर चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने डाक्टरों की मांग को मानते हुए एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करने की अवधि को बढ़ा दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में डाक्टरों की परेशानी के चलते यह कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करने की अंतिम तिथि 30 जनवरी कर दी है।
30 जनवरी तक डाक्टरों को 2015 की एमएलआर और पीएमआर अपडेट करनी है। स्वास्थ्य विभाग के कड़े निर्देशों के बाद डाक्टर एमएलआर ऑनलाइन करने में जुट गए है। लगभग सभी डाक्टरों ने जनवरी माह की अपनी छुट्टिया कैंसिल कर दी हैं। अब डॉक्टरों के सामने कंप्यूटरों की कमी बड़ी समस्या बन गई है। सिविल अस्पताल में 17 डाक्टरों के लिए मात्र एक कंप्यूटर है। डाक्टर बारी-बारी से आकर एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार 30 जनवरी तक एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन नहीं करने वाले डॉक्टरों को चार्जसीट दी जाएगी।
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ऑपरेटर को नहीं आती मेडिकल की भाषा
सिविल अस्पताल में तैनात ऑपरेटर मेडिकल की भाषा समझने में भी सक्षम नहीं है। इस कारण डाक्टरों को एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करवाने में काफी परेशानिया हो रही है। आपेरटर के द्वारा शब्दों को लिखने में काफी समय की बर्बादी हो रही है। ऐसे में ऑपरेटर को मेडिकल की भाषा नहीं आना मुसीबत बन गई है।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने डॉक्टरों की साल के आखिरी माह की परेशानी को बताया था। इसे लेकर माई सिटी के अंक में प्रमुखता से समाचार भी प्रकाशित किया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस बात को निदेशालय स्तर पर उठाया। इसके बाद निदेशालय ने डॉक्टरों की एमएलआर व पीएमआर ऑनलाइन करने की तारीख को एक माह आगे किया।
स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के सामने डाक्टरों की परेशानियों को रखा था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करने की अवधि बढ़ा दी है। अब एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करने की अवधि 30 जनवरी हो गई है। 30 जनवरी तक एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन नहीं होने पर डाक्टर चार्जचीज होंगे। अब डाक्टर जी-जान से एमएलआर और पीएमआर को ऑनलाइन करने में जुट गए हैं।
डॉ. एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।
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एक माह का अतिरिक्त समय मिलने से डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है। इसके बाद डॉक्टर एक बार फिर से एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करने में जुट गए हैं। उल्लेखनीय है कि डॉक्टर अभी तक 70 प्रतिशत एमएलआर और 40 प्रतिशत पीएमआर कर चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने डाक्टरों की मांग को मानते हुए एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करने की अवधि को बढ़ा दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में डाक्टरों की परेशानी के चलते यह कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करने की अंतिम तिथि 30 जनवरी कर दी है।
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30 जनवरी तक डाक्टरों को 2015 की एमएलआर और पीएमआर अपडेट करनी है। स्वास्थ्य विभाग के कड़े निर्देशों के बाद डाक्टर एमएलआर ऑनलाइन करने में जुट गए है। लगभग सभी डाक्टरों ने जनवरी माह की अपनी छुट्टिया कैंसिल कर दी हैं। अब डॉक्टरों के सामने कंप्यूटरों की कमी बड़ी समस्या बन गई है। सिविल अस्पताल में 17 डाक्टरों के लिए मात्र एक कंप्यूटर है। डाक्टर बारी-बारी से आकर एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार 30 जनवरी तक एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन नहीं करने वाले डॉक्टरों को चार्जसीट दी जाएगी।
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ऑपरेटर को नहीं आती मेडिकल की भाषा
सिविल अस्पताल में तैनात ऑपरेटर मेडिकल की भाषा समझने में भी सक्षम नहीं है। इस कारण डाक्टरों को एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करवाने में काफी परेशानिया हो रही है। आपेरटर के द्वारा शब्दों को लिखने में काफी समय की बर्बादी हो रही है। ऐसे में ऑपरेटर को मेडिकल की भाषा नहीं आना मुसीबत बन गई है।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने डॉक्टरों की साल के आखिरी माह की परेशानी को बताया था। इसे लेकर माई सिटी के अंक में प्रमुखता से समाचार भी प्रकाशित किया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस बात को निदेशालय स्तर पर उठाया। इसके बाद निदेशालय ने डॉक्टरों की एमएलआर व पीएमआर ऑनलाइन करने की तारीख को एक माह आगे किया।
स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के सामने डाक्टरों की परेशानियों को रखा था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करने की अवधि बढ़ा दी है। अब एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन करने की अवधि 30 जनवरी हो गई है। 30 जनवरी तक एमएलआर और पीएमआर ऑनलाइन नहीं होने पर डाक्टर चार्जचीज होंगे। अब डाक्टर जी-जान से एमएलआर और पीएमआर को ऑनलाइन करने में जुट गए हैं।
डॉ. एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।