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Panipat News: एमकेएम ने दिल्ली में होने वाली महापंचायत को कसी कमर
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पानीपत। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान और मजदूर संगठनों की बैठक शुक्रवार को शिव वर्मा स्मारक भवन गीता कॉलोनी में हुई। जिसमें 14 मार्च को रामलीला मैदान दिल्ली में होने वाली किसान, मजदूर की महापंचायत की तैयारी को लेकर चर्चा की गई।
भारतीय किसान यूनियन के पूर्व प्रधान जयकरण कादियान व अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक ने कहा कि दो वर्ष पहले किसान आंदोलन के बाद सरकार द्वारा तीन कृषि कानून को वापस लिया गया और अन्य मांगों को लेकर भविष्य में पूरा करना था, लेकिन नहीं किया। किसान, मजदूर की अनदेखी की गई है। इसके खिलाफ देश के किसान, मजदूर में भारी गुस्सा है।
किसानों की मांग है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य फसल खरीद गारंटी कानून तुरंत लागू करें। बिजली संशोधन बिल 2022 रद्द करें, आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ बनाए गए सभी पुलिस मुकदमे वापस लिए जाएं। मजदूरों के खिलाफ बनाए गए लेबर कोड रद्द करो, सरकारी विभागों का निजीकरण बंद हो किसान मजदूर के कर्ज माफ किए जाएं। किसान आंदोलनों पर जारी पुलिस दमन बंद किया जाए। बढ़ती महंगाई व भ्रष्टाचार पर रोक लगे। समाज में धर्म जाति और क्षेत्रवाद के नाम पर नफरत फैलाने वाली देशद्रोही सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संयुक्त किसान मोर्चा तालमेल कमेटी ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि पिछले दिनों हरियाणा के अंदर ओलावृष्टि के चलते किसानों की नष्ट फसलों का का तुरंत सर्वे कर किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए। संगठनों से अपील की कि फुड डालो राज करो की नीति का कड़ा जवाब दिया जाएं। बैठक की अध्यक्षता जिला संयोजक जयकरण कादियान ने की। संचालन सह संयोजक सुनील दत्त ने किया। इस मौके पर एंटक मजदूर संगठन के राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप, जिला प्रधान पवन सैनी एडवोकेट, मजदूर संगठन सीटू जिला प्रधान सुनील दत्त, कोषाध्यक्ष नवीन सपड़ा व अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के जिला उप प्रधान अंग्रेज सिंह उपस्थित रहे।
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भारतीय किसान यूनियन के पूर्व प्रधान जयकरण कादियान व अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक ने कहा कि दो वर्ष पहले किसान आंदोलन के बाद सरकार द्वारा तीन कृषि कानून को वापस लिया गया और अन्य मांगों को लेकर भविष्य में पूरा करना था, लेकिन नहीं किया। किसान, मजदूर की अनदेखी की गई है। इसके खिलाफ देश के किसान, मजदूर में भारी गुस्सा है।
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किसानों की मांग है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य फसल खरीद गारंटी कानून तुरंत लागू करें। बिजली संशोधन बिल 2022 रद्द करें, आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ बनाए गए सभी पुलिस मुकदमे वापस लिए जाएं। मजदूरों के खिलाफ बनाए गए लेबर कोड रद्द करो, सरकारी विभागों का निजीकरण बंद हो किसान मजदूर के कर्ज माफ किए जाएं। किसान आंदोलनों पर जारी पुलिस दमन बंद किया जाए। बढ़ती महंगाई व भ्रष्टाचार पर रोक लगे। समाज में धर्म जाति और क्षेत्रवाद के नाम पर नफरत फैलाने वाली देशद्रोही सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संयुक्त किसान मोर्चा तालमेल कमेटी ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि पिछले दिनों हरियाणा के अंदर ओलावृष्टि के चलते किसानों की नष्ट फसलों का का तुरंत सर्वे कर किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए। संगठनों से अपील की कि फुड डालो राज करो की नीति का कड़ा जवाब दिया जाएं। बैठक की अध्यक्षता जिला संयोजक जयकरण कादियान ने की। संचालन सह संयोजक सुनील दत्त ने किया। इस मौके पर एंटक मजदूर संगठन के राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप, जिला प्रधान पवन सैनी एडवोकेट, मजदूर संगठन सीटू जिला प्रधान सुनील दत्त, कोषाध्यक्ष नवीन सपड़ा व अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के जिला उप प्रधान अंग्रेज सिंह उपस्थित रहे।
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