{"_id":"647f7902a5f082bd180dcf36","slug":"mistakes-in-property-id-link-and-d-link-billions-due-panipat-news-c-244-1-pnp1004-436-2023-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: प्रॉपर्टी आईडी लिंक और डी-लिंक में गड़बड़झाला, अरबों बकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: प्रॉपर्टी आईडी लिंक और डी-लिंक में गड़बड़झाला, अरबों बकाया
विज्ञापन
पानीपत। निगम में प्रॉपर्टी आईडी को लिंक और डी-लिंक करने में बड़ा गड़बड़झाला है। बकायादार निगम को ठेंगा दिखा रहे हैं। शहर के ऐसे 123 लोग पर निगम का 1.66 अरब रुपये बकाया है। इसमें से कुछ की निगम अधिकारी प्रॉपर्टी आईडी डी-लिंक कराकर उसे माफ कराने की तैयारी कर रहे हैं। इसे बड़ा घोटाले बताया जा रहा है। इनकी आज भी विजिलेंस में जांच चल रही है।
उन्होंने निगम के बकायादारों की सूची के साथ कहा कि नगर निगम अधिकारी आज भी बड़े बकायादारों की प्रॉपर्टी का टैक्स कम कराने पर जुटे हैं। जबकि इनकी रिकवरी की कार्रवाई शून्य है। इनमें विशेष तौर पर शहर के शॉपिंग मॉल हैं। जीटी रोड पर एक शॉपिंग माॅल ऐसा भी है, जिसके बकाया 10.55 करोड़ को कुछ लाख में समेटने की तैयारी की जा रही है।
निगम में कम प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी पर कई साल पहले तत्कालीन निगम आयुक्त सुशील कुमार को सस्पेंड को कर दिया था।निगम में इसके बाद भी प्रॉपर्टी रिकवरी तेज नहीं हुई। सामान्य प्रॉपर्टी पिछले कई साल से विवादों में हैं। निगम अधिकारी लाख दावों के बाद भी इनको ठीक नहीं कर पा रहे हैं। अब बड़ा मामला बड़ी प्रॉपर्टी के टैक्स का है। इन पर निगम का कोई ध्यान नहीं है। अधिकारी इनकी रिकवरी कर लेते हैं तो शहर में कई बड़ी परियोजना लाई जा सकती हैं। पूर्व पार्षद जोगिंद्र स्वामी का आरोप है कि निगम अधिकारी खुद क्रिकेट खेल रहे हैं और नेता उनको खेलने के लिए पिच रहे रहे हैं।
विज्ञापन
मित्तल मॉल की आईडी, एग्रो मॉल से जोड़ी
निगम अधिकारियों ने मित्तल मॉल की प्रॉपर्टी आईडी को एग्रो मॉल से जोड़ दिया है। जिस पर अब करीब 5.33 करोड़ बकाया रह गया है। पीवीआर पर करीब 22 लाख बकाया है। सर्राफ मॉल पर करीब 10.55 करोड़ बकाया है। इसके अलावा 30 लाख से दस करोड़ से ज्यादा तक सैकड़ों बकायादार हैं। सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट ने बताया कि इस प्रकार की सूचनाओं पर की जांच कराई जाएगी। प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस अपना रही है। अगर ऐसा कोई मामला आता है तो सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा।
वर्जन :
प्राॅपर्टी आईडी लिंक-डीलिंक से टैक्स कम नहीं होता। पूरा सिस्टम ऑनलाइन है। 30 जुलाई तक प्राॅपर्टी टैक्स के ब्याज पर छूट चल रही है। इसके बाद नोटिस भेजकर रिकवरी की जाएगी।
विनोद नेहरा, डीएमसी, नगर निगम।
विज्ञापन
उन्होंने निगम के बकायादारों की सूची के साथ कहा कि नगर निगम अधिकारी आज भी बड़े बकायादारों की प्रॉपर्टी का टैक्स कम कराने पर जुटे हैं। जबकि इनकी रिकवरी की कार्रवाई शून्य है। इनमें विशेष तौर पर शहर के शॉपिंग मॉल हैं। जीटी रोड पर एक शॉपिंग माॅल ऐसा भी है, जिसके बकाया 10.55 करोड़ को कुछ लाख में समेटने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
निगम में कम प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी पर कई साल पहले तत्कालीन निगम आयुक्त सुशील कुमार को सस्पेंड को कर दिया था।निगम में इसके बाद भी प्रॉपर्टी रिकवरी तेज नहीं हुई। सामान्य प्रॉपर्टी पिछले कई साल से विवादों में हैं। निगम अधिकारी लाख दावों के बाद भी इनको ठीक नहीं कर पा रहे हैं। अब बड़ा मामला बड़ी प्रॉपर्टी के टैक्स का है। इन पर निगम का कोई ध्यान नहीं है। अधिकारी इनकी रिकवरी कर लेते हैं तो शहर में कई बड़ी परियोजना लाई जा सकती हैं। पूर्व पार्षद जोगिंद्र स्वामी का आरोप है कि निगम अधिकारी खुद क्रिकेट खेल रहे हैं और नेता उनको खेलने के लिए पिच रहे रहे हैं।
विज्ञापन
मित्तल मॉल की आईडी, एग्रो मॉल से जोड़ी
निगम अधिकारियों ने मित्तल मॉल की प्रॉपर्टी आईडी को एग्रो मॉल से जोड़ दिया है। जिस पर अब करीब 5.33 करोड़ बकाया रह गया है। पीवीआर पर करीब 22 लाख बकाया है। सर्राफ मॉल पर करीब 10.55 करोड़ बकाया है। इसके अलावा 30 लाख से दस करोड़ से ज्यादा तक सैकड़ों बकायादार हैं। सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट ने बताया कि इस प्रकार की सूचनाओं पर की जांच कराई जाएगी। प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस अपना रही है। अगर ऐसा कोई मामला आता है तो सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा।
वर्जन :
प्राॅपर्टी आईडी लिंक-डीलिंक से टैक्स कम नहीं होता। पूरा सिस्टम ऑनलाइन है। 30 जुलाई तक प्राॅपर्टी टैक्स के ब्याज पर छूट चल रही है। इसके बाद नोटिस भेजकर रिकवरी की जाएगी।
विनोद नेहरा, डीएमसी, नगर निगम।