{"_id":"5d546c7c8ebc3e6cd2582cbf","slug":"meter-reading-civic-facilities-panipat-news-knl2444839","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बिजली मीटर में गलत रिंडिंग समस्या होगी खत्म, लगेंगे स्मार्ट मीटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बिजली मीटर में गलत रिंडिंग समस्या होगी खत्म, लगेंगे स्मार्ट मीटर
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शहरवासियों के बिजली के बिल में अब गलत रीडिंग जुड़कर नहीं नहीं आएगी। बिजली निगम अब डिजिटल मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाने जा रहा है। इससे नियमित समय पर बिजली बिलों की रीडिंग अपने आप विभाग के सर्वे में चली जाएगी। सर्वे का काम पूरा होने के बाद स्मार्ट मीटरों के लिए अब टेंडर भी पास हो चुुुके हैं।
योजना के तहत पहले चरण में शहर के करीब एक लाख मीटर बदले जाने हैं। जिसमें सनौली रोड सब डिवीजन, सब अर्बन, सिटी और मॉडल टॉउन डिवीजन के डिजिटल मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाएं जाएंगे। इनमें लगे जीपीएस की वजह से मीटरों की रीडिंग ऑनलाइन तरीके से सर्वर में पहुंच जाएगी, जिससे बिल जनरेट होगा। इसके साथ ही इन स्मार्ट मीटरों का उपभोक्ता की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह निशुल्क लगाए जाएंगे। अब मीटरों की रीडिंग लेने के लिए बिजली कर्मचारियों को घर-घर व गली-गली नहीं घूमना पड़ेेगा। इससे बिजली निगम कर्मचारियों के साथ उपभोक्ताओं का भी समय बचेगा और उनका वर्कलोड भी कम होगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी बिल ठीक करवाने के लिए निगम के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उनके मीटर और रीडिंग का पूरा रिकॉर्ड सर्वर रूम से लिया जा सकेगा। अधिकारियों को मानना है कि स्मार्ट मीटर बदलवाने के लिए निगम सर्वे करवा चुका है। उसमें अभी कई फीडरों को शामिल नहीं किया गया है। इन फीडरों पर भी अगले 15 दिनों में सर्वे का काम जल्द पूरा करवा लिया जाएगा।
बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार इस योजना से बिजली चोरी में भी बड़ी राहत मिलेगी। फीडर के बिजली लोड के अनुसार कॉलोनी या गांव में बिजली आपूर्ति का भली भांति अंदाजा लगाया जा सकेगा। बिजली किस फीडर पर कहां चोरी हो रही है, ये भी पता चल सकेेगा। अधिकारी बताते हैं कि बिजली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने से जहां लाइन नुकसान कम होगा, वहां बिजली की ट्रिपिंग समस्या में भी सुधार होगा, जिससे लोगों को पूरी और समय पर बिजली उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
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पायलेट बेस पर सिटी डिविजन-
सनौली रोड सब डिविजन एसडीओ रामेंद्र मलिक और सिटी सब-डिविजन एसडीओ आदित्य कूूंडू ने बतया कि निगम का यह प्रोजेक्ट पायलेट बेस पर सिटी डिवीजन से शुरू किया गया था। इससे पहले किला सब-डिविजन में स्मार्ट मीटर लगाए गए थे। इसके बाद प्रोजेक्ट अब दोबारा शुरू होने जा रहा है।
पहले चरण में बदले जाएंगे करीब एक लाख स्मार्ट मीटर
बिजली निगम के एसडीओ आदित्य कुंडू ने बताया कि पहले चरण में सनौली रोड सब डिवीजन के एरिया में करीब 30 हजार स्मार्ट मीटर, पहले से लगे डिजिटल मीटरों की जगह बदले जाएंगे। सिटी डिवीजन के अंतर्गत किला सब डिवीजन में पहले से करीब 10 हजार स्मार्ट मीटर लगे हैं। इसलिए यहां अब करीब 18 हजार स्मार्ट मीटर बदलवाए जाएंगे। वहीं सब अर्बन और मॉडल टॉउन में भी करीब 30 हजार स्मार्ट मीटर बदले जाने हैं।
जो बचेगा वो बाद में
एसडीओ बताते हैं कि इस प्रोजेक्ट के बाद जिस एरिया में जो भी उपभोक्ताओं का क्षेत्र डिजिटल मीटर वाला बचेगा, वहां बाद में स्मार्ट मीटर लगाएं जाएंगे। इनमें मॉडल टॉउन और सिटी डिवीजन का कुछ एरिया रह जाएगा। इनमें आवश्यकता अनुसार मीटर मंगवाए कर बदलवाए जाने पड़ेंगे। इसके अगले चरण में पूरे जिले के अंतर्गत जितना भी एरिया बचेेेगा जहां डिजिटल मीटर होंगे, वहां भी बदलवाए जाने हैं।
ये होगा फायदा
ऑनलाइन मीटर रीडिंग सर्वर तक पहुंचेगी।
ऑटोमैटिक डिस्कनेक्टिंग का पता चलेगा।
बिल ठीक करवाने के लिए उपभोक्तओं को बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
रीडिंग संबंधित पूरा रिकार्ड ऑनलाइन होगा।
बिजली चोरी में सुधार होगा।
बिजली उपभोक्तओं ओर निगम कर्मचारियों को समय बचेेगा।
- वर्जन-
जल्द बदले जाएंगे स्मार्ट मीटर
जिले में बिजली निगम द्वारा जल्द ही स्मार्ट मीटर बदले जाने हैं। इससे गलत बिल और गलत रीडिंग की समस्या का स्थायी समाधान होगा। इसके लिए सर्वे पूरा किया जा चुका है, आगामी प्रक्रिया जारी है। इससे उपभोक्ताओं के साथ बिजली निगम के कर्मचारियों का भी समय बचेगा।
रामेंद्र मलिक, एसडीओ, सनौली रोड सब-डिवीजन।
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योजना के तहत पहले चरण में शहर के करीब एक लाख मीटर बदले जाने हैं। जिसमें सनौली रोड सब डिवीजन, सब अर्बन, सिटी और मॉडल टॉउन डिवीजन के डिजिटल मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाएं जाएंगे। इनमें लगे जीपीएस की वजह से मीटरों की रीडिंग ऑनलाइन तरीके से सर्वर में पहुंच जाएगी, जिससे बिल जनरेट होगा। इसके साथ ही इन स्मार्ट मीटरों का उपभोक्ता की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह निशुल्क लगाए जाएंगे। अब मीटरों की रीडिंग लेने के लिए बिजली कर्मचारियों को घर-घर व गली-गली नहीं घूमना पड़ेेगा। इससे बिजली निगम कर्मचारियों के साथ उपभोक्ताओं का भी समय बचेगा और उनका वर्कलोड भी कम होगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी बिल ठीक करवाने के लिए निगम के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उनके मीटर और रीडिंग का पूरा रिकॉर्ड सर्वर रूम से लिया जा सकेगा। अधिकारियों को मानना है कि स्मार्ट मीटर बदलवाने के लिए निगम सर्वे करवा चुका है। उसमें अभी कई फीडरों को शामिल नहीं किया गया है। इन फीडरों पर भी अगले 15 दिनों में सर्वे का काम जल्द पूरा करवा लिया जाएगा।
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बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार इस योजना से बिजली चोरी में भी बड़ी राहत मिलेगी। फीडर के बिजली लोड के अनुसार कॉलोनी या गांव में बिजली आपूर्ति का भली भांति अंदाजा लगाया जा सकेगा। बिजली किस फीडर पर कहां चोरी हो रही है, ये भी पता चल सकेेगा। अधिकारी बताते हैं कि बिजली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने से जहां लाइन नुकसान कम होगा, वहां बिजली की ट्रिपिंग समस्या में भी सुधार होगा, जिससे लोगों को पूरी और समय पर बिजली उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
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पायलेट बेस पर सिटी डिविजन-
सनौली रोड सब डिविजन एसडीओ रामेंद्र मलिक और सिटी सब-डिविजन एसडीओ आदित्य कूूंडू ने बतया कि निगम का यह प्रोजेक्ट पायलेट बेस पर सिटी डिवीजन से शुरू किया गया था। इससे पहले किला सब-डिविजन में स्मार्ट मीटर लगाए गए थे। इसके बाद प्रोजेक्ट अब दोबारा शुरू होने जा रहा है।
पहले चरण में बदले जाएंगे करीब एक लाख स्मार्ट मीटर
बिजली निगम के एसडीओ आदित्य कुंडू ने बताया कि पहले चरण में सनौली रोड सब डिवीजन के एरिया में करीब 30 हजार स्मार्ट मीटर, पहले से लगे डिजिटल मीटरों की जगह बदले जाएंगे। सिटी डिवीजन के अंतर्गत किला सब डिवीजन में पहले से करीब 10 हजार स्मार्ट मीटर लगे हैं। इसलिए यहां अब करीब 18 हजार स्मार्ट मीटर बदलवाए जाएंगे। वहीं सब अर्बन और मॉडल टॉउन में भी करीब 30 हजार स्मार्ट मीटर बदले जाने हैं।
जो बचेगा वो बाद में
एसडीओ बताते हैं कि इस प्रोजेक्ट के बाद जिस एरिया में जो भी उपभोक्ताओं का क्षेत्र डिजिटल मीटर वाला बचेगा, वहां बाद में स्मार्ट मीटर लगाएं जाएंगे। इनमें मॉडल टॉउन और सिटी डिवीजन का कुछ एरिया रह जाएगा। इनमें आवश्यकता अनुसार मीटर मंगवाए कर बदलवाए जाने पड़ेंगे। इसके अगले चरण में पूरे जिले के अंतर्गत जितना भी एरिया बचेेेगा जहां डिजिटल मीटर होंगे, वहां भी बदलवाए जाने हैं।
ये होगा फायदा
ऑनलाइन मीटर रीडिंग सर्वर तक पहुंचेगी।
ऑटोमैटिक डिस्कनेक्टिंग का पता चलेगा।
बिल ठीक करवाने के लिए उपभोक्तओं को बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
रीडिंग संबंधित पूरा रिकार्ड ऑनलाइन होगा।
बिजली चोरी में सुधार होगा।
बिजली उपभोक्तओं ओर निगम कर्मचारियों को समय बचेेगा।
- वर्जन-
जल्द बदले जाएंगे स्मार्ट मीटर
जिले में बिजली निगम द्वारा जल्द ही स्मार्ट मीटर बदले जाने हैं। इससे गलत बिल और गलत रीडिंग की समस्या का स्थायी समाधान होगा। इसके लिए सर्वे पूरा किया जा चुका है, आगामी प्रक्रिया जारी है। इससे उपभोक्ताओं के साथ बिजली निगम के कर्मचारियों का भी समय बचेगा।
रामेंद्र मलिक, एसडीओ, सनौली रोड सब-डिवीजन।