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Panipat News: एक डिग्री बढ़ा अधिकतम तापमान, कल हो सकती है बारिश
Thu, 26 Mar 2026 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 26 Mar 2026 02:37 AM IST
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पानीपत। तेज धूप निकलने से जिले में बुधवार को अधिकतम तापमान एक डिग्री बढ़ गया। वहीं शाम को हवा की रफ्तार तेज हो गई। ऐसे में किसानों को गेहूं व सरसों की फसलों की बालियां गिरने के डर सताने लगा है। मौसम विशेषज्ञ ने शुक्रवार को बारिश के आसार जताए हैं, साथ ही आगामी कई दिन बादल छाए रहने की संभावना जताई है।
जिले में सोमवार को ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के बाद मंगलवार को दोपहर बाद बादलों की आवाजाही रही। बुधवार को सुबह ही मौसम साफ रहा। दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान मंगलवार से एक डिग्री बढ़कर 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार 19 किलोमीटर प्रतिघंटे रही। हवा की रफ्तार बढ़ने व बादलों की आवाजाही लगी रहने से किसानों को फसल उत्पादन कम होने की चिंता सता रही है। महराना निवासी अंकित ने बताया कि अभी उनकी सरसों की फसल को अच्छे से पकने में एक सप्ताह का समय लगेगा लेकिन पिछले दो दिन से हवा की रफ्तार बढ़ गई है। ऐसे में फसल पर आई बालियां झड़ने का डर लगा रहता है। मौसम में बार-बार बदलाव से फसल उत्पादन कम हो सकता है। इस समय की तेज हवा व बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक साबित होगी। क्योंकि हवा की रफ्तार से फसल जमीन पर बिछ जाएगी इससे गेहूं के दाने काले पड़ जाएंगे जिससे फसल का उचित दाम नहीं लग पाएगा और किसानों को नुकसान होगा।
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि वीरवार को मौसम साफ रहने के बाद शुक्रवार को बारिश के आसार जताए हैं वहीं आगामी कई दिन बादल छाए रहने की संभावना जताई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है। साथ ही लोगों को बदलते मौसम में अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।
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जिले में सोमवार को ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के बाद मंगलवार को दोपहर बाद बादलों की आवाजाही रही। बुधवार को सुबह ही मौसम साफ रहा। दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान मंगलवार से एक डिग्री बढ़कर 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार 19 किलोमीटर प्रतिघंटे रही। हवा की रफ्तार बढ़ने व बादलों की आवाजाही लगी रहने से किसानों को फसल उत्पादन कम होने की चिंता सता रही है। महराना निवासी अंकित ने बताया कि अभी उनकी सरसों की फसल को अच्छे से पकने में एक सप्ताह का समय लगेगा लेकिन पिछले दो दिन से हवा की रफ्तार बढ़ गई है। ऐसे में फसल पर आई बालियां झड़ने का डर लगा रहता है। मौसम में बार-बार बदलाव से फसल उत्पादन कम हो सकता है। इस समय की तेज हवा व बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक साबित होगी। क्योंकि हवा की रफ्तार से फसल जमीन पर बिछ जाएगी इससे गेहूं के दाने काले पड़ जाएंगे जिससे फसल का उचित दाम नहीं लग पाएगा और किसानों को नुकसान होगा।
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कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि वीरवार को मौसम साफ रहने के बाद शुक्रवार को बारिश के आसार जताए हैं वहीं आगामी कई दिन बादल छाए रहने की संभावना जताई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है। साथ ही लोगों को बदलते मौसम में अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।
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