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शिफ्ट करने की तैयारी पर मासाखोरों ने किया इनकार
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पानीपत। सनौली रोड पर मंडी के बाहर प्रदर्शन करते हुए मासाखोर।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। सनौली रोड स्थित पुरानी सब्जी मंडी के 400 मासाखोरों और 200 फड़ी वालों को नगर निगम किला क्षेत्र स्थित जन स्वास्थ्य विभाग के पुराने कार्यालय में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। निगम ने जन स्वास्थ्य विभाग के पुराने कार्यालय का ज्योग्रॉफिकल सर्वे के प्रोजेक्ट की ड्रांइग तक फाइनल कर ली है। निगम आयुक्त ने इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण भी कर लिया है, लेकिन मासाखोरों ने एलान कर दिया है कि वे जान दे देंगे, लेकिन हटेंगे नहीं।
पुरानी सब्जी मंडी में 154 फड़ियां हैं। इन पर 400 मासाखोर सब्जी बेचकर अपना रोजगार कमा रहे हैं। इनके अलावा 200 रेहड़ियां लगती हैं। इन 600 परिवारों ने नगर निगम को चेतावनी दी है कि अगर उनको जबरन हटाया गया तो नगर निगम और सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ देंगे। मासाखोरों ने पुरानी सब्जी मंडी से हटवाने का आरोपी वार्ड के पार्षद रविंद्र भाटिया पर लगाया है।
80 गांव के लोग और शहर की सभी कॉलोनियों से जुड़ी है सब्जी मंडी
मासाखोरों ने कहा कि सनौली रोड सब्जी मंडी से जिले के 80 गांव के ग्रामीण एवं किसान जुड़े हैं। यहां इन सभी गांव से सब्जी उगाने वाले किसान आते हैं। वहीं, गांव के लोग सब्जी खरीदने भी आते हैं। शहर की तकरीबन सभी कॉलोनियों के लोग भी सनौली रोड से जुड़े हैं। अगर उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया गया तो उनका रोजगार छीन जाएगा। इन सभी गांव और कॉलोनियों के लोगों पर भी सीधा असर पड़ेगा।
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पुरानी सब्जी मंडी में बननी है चार करोड़ रुपये की लागत से इमारत
सनौली रोड स्थित पुरानी सब्जी मंडी की जगह पर निगम ने व्यावसायिक इमारत का निर्माण करने जा रहा है। जिसकी लागत करीब चार करोड़ रुपये है। इसमें नीचे और ऊपर 16 शोरूम बनेंगे और इनके ऊपर रैन बसेेरा बनाया जाएगा। इस जगह पहले पुरानी सब्जी मंडी होती थी, जिसे अनाज मंडी स्थित नई सब्जी मंडी में शिफ्ट किया जा चुका है, हालांकि कुछ 500 मासाखोर और 200 फड़ी वाले अब भी यही हैं, जो इसका विरोध कर रहे हैं।
हमने किसी का विरोध नहीं किया
मैंने किसी मासाखोर का विरोध नहीं किया। सिर्फ वार्ड के विकास कार्यों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके लिए निगम ने टेंडर लगाया है। - रविंद्र भाटिया, वार्ड पार्षद
मर जाएंगे लेकिन हटेंगे नहीं
यहां करीब 400 मासाखोर हैं। करीब 200 रेहड़ी वाले भी हैं। सभी ने निर्णय लिया है कि यहां से नहीं हटेंगे। हम मर जाएंगे लेकिन जगह खाली नहीं करेंगे। - प्रेम सिंह, प्रधान, सब्जी मंडी
अभी चल रहा है काम: आयुक्त
मासाखोरों के लिए जो जगह चिह्नित की गई थी, उस पर काम जारी है। जल्द ही वहां मासाखोरों के लिए बैठने का प्रबंध किया जाएगा। - आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत
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पुरानी सब्जी मंडी में 154 फड़ियां हैं। इन पर 400 मासाखोर सब्जी बेचकर अपना रोजगार कमा रहे हैं। इनके अलावा 200 रेहड़ियां लगती हैं। इन 600 परिवारों ने नगर निगम को चेतावनी दी है कि अगर उनको जबरन हटाया गया तो नगर निगम और सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ देंगे। मासाखोरों ने पुरानी सब्जी मंडी से हटवाने का आरोपी वार्ड के पार्षद रविंद्र भाटिया पर लगाया है।
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80 गांव के लोग और शहर की सभी कॉलोनियों से जुड़ी है सब्जी मंडी
मासाखोरों ने कहा कि सनौली रोड सब्जी मंडी से जिले के 80 गांव के ग्रामीण एवं किसान जुड़े हैं। यहां इन सभी गांव से सब्जी उगाने वाले किसान आते हैं। वहीं, गांव के लोग सब्जी खरीदने भी आते हैं। शहर की तकरीबन सभी कॉलोनियों के लोग भी सनौली रोड से जुड़े हैं। अगर उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया गया तो उनका रोजगार छीन जाएगा। इन सभी गांव और कॉलोनियों के लोगों पर भी सीधा असर पड़ेगा।
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पुरानी सब्जी मंडी में बननी है चार करोड़ रुपये की लागत से इमारत
सनौली रोड स्थित पुरानी सब्जी मंडी की जगह पर निगम ने व्यावसायिक इमारत का निर्माण करने जा रहा है। जिसकी लागत करीब चार करोड़ रुपये है। इसमें नीचे और ऊपर 16 शोरूम बनेंगे और इनके ऊपर रैन बसेेरा बनाया जाएगा। इस जगह पहले पुरानी सब्जी मंडी होती थी, जिसे अनाज मंडी स्थित नई सब्जी मंडी में शिफ्ट किया जा चुका है, हालांकि कुछ 500 मासाखोर और 200 फड़ी वाले अब भी यही हैं, जो इसका विरोध कर रहे हैं।
हमने किसी का विरोध नहीं किया
मैंने किसी मासाखोर का विरोध नहीं किया। सिर्फ वार्ड के विकास कार्यों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके लिए निगम ने टेंडर लगाया है। - रविंद्र भाटिया, वार्ड पार्षद
मर जाएंगे लेकिन हटेंगे नहीं
यहां करीब 400 मासाखोर हैं। करीब 200 रेहड़ी वाले भी हैं। सभी ने निर्णय लिया है कि यहां से नहीं हटेंगे। हम मर जाएंगे लेकिन जगह खाली नहीं करेंगे। - प्रेम सिंह, प्रधान, सब्जी मंडी
अभी चल रहा है काम: आयुक्त
मासाखोरों के लिए जो जगह चिह्नित की गई थी, उस पर काम जारी है। जल्द ही वहां मासाखोरों के लिए बैठने का प्रबंध किया जाएगा। - आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत