{"_id":"6aa1c6ca954e9e8fcb04ffa2","slug":"making-education-employment-oriented-is-essential-to-realize-the-dreams-of-the-martyrs-harpal-dhanda-panipat-news-c-244-1-pnp1001-163865-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए शिक्षा को रोजगारपरक बनाना जरूरी : हरपाल ढांडा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए शिक्षा को रोजगारपरक बनाना जरूरी : हरपाल ढांडा
विज्ञापन
आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल में पूर्व सैनिक को सम्मानित करते हरपाल ढांडा और रणदीप आर्य। स्रोत
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। आर्य बाल भारती विद्यालय के सभागार में वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध के बलिदानी रणवीर सिंह कादियान के शहीदी दिवस पर प्रदेश स्तरीय पूर्व सैनिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आयोजक मंडल द्वारा 105 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी हरपाल ढांडा मुख्यातिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधान रणदीप आर्य ने की।
हरपाल ढांडा ने कहा कि देश उन सभी ज्ञात-अज्ञात अमर शहीदों का हमेशा ऋणी रहेगा, जिन्होंने देश की आजादी की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने बताया कि रणवीर कादियान मात्र 18 वर्ष की आयु में 7वीं जाट रेजीमेंट में भर्ती हुए थे और 22 वर्ष की अल्पायु में 1965 की जंग में अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए वर्तमान शिक्षा प्रणाली को और अधिक व्यावहारिक व रोजगारपरक बनाने की जरूरत है, जिसमें शिक्षकों और अभिभावकों को भी योगदान देना होगा।
विद्यालय प्रधान रणदीप आर्य ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक सुधार करने होंगे। विशिष्ट अतिथि सूबेदार राजवीर शर्मा ने मांग उठाई कि गांव सिवाह के किसी सरकारी स्कूल या बस अड्डे का नाम अमर शहीद रणवीर के नाम पर रखा जाए और गांव में पूर्व सैनिक कल्याण भवन का निर्माण कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। आर्य बाल भारती विद्यालय के सभागार में वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध के बलिदानी रणवीर सिंह कादियान के शहीदी दिवस पर प्रदेश स्तरीय पूर्व सैनिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आयोजक मंडल द्वारा 105 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी हरपाल ढांडा मुख्यातिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधान रणदीप आर्य ने की।
हरपाल ढांडा ने कहा कि देश उन सभी ज्ञात-अज्ञात अमर शहीदों का हमेशा ऋणी रहेगा, जिन्होंने देश की आजादी की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने बताया कि रणवीर कादियान मात्र 18 वर्ष की आयु में 7वीं जाट रेजीमेंट में भर्ती हुए थे और 22 वर्ष की अल्पायु में 1965 की जंग में अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए वर्तमान शिक्षा प्रणाली को और अधिक व्यावहारिक व रोजगारपरक बनाने की जरूरत है, जिसमें शिक्षकों और अभिभावकों को भी योगदान देना होगा।
विज्ञापन
विद्यालय प्रधान रणदीप आर्य ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक सुधार करने होंगे। विशिष्ट अतिथि सूबेदार राजवीर शर्मा ने मांग उठाई कि गांव सिवाह के किसी सरकारी स्कूल या बस अड्डे का नाम अमर शहीद रणवीर के नाम पर रखा जाए और गांव में पूर्व सैनिक कल्याण भवन का निर्माण कराया जाए।

आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल में पूर्व सैनिक को सम्मानित करते हरपाल ढांडा और रणदीप आर्य। स्रोत
विज्ञापन