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प्राध्यापकाें का अवकाश, पढ़ाई प्रभावित
अमर उजाला, पानीपत
Updated Wed, 27 Nov 2013 12:26 AM IST
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पानीपत। हसला के नेतृत्व में स्कूल प्राध्यापकों ने सामूहिक अवकाश लेकर
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मांगों को लेकर नारेबाजी की और सरकार पर अड़ियल रवैया अपनाने का आरोप
लगाया। प्राध्यापकों के सामूहिक अवकाश के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई
प्रभावित रही। हसला ने हड़ताल को शत प्रतिशत सफल बताया।
हसला के बैनर तले स्कूल प्राध्यापकों ने मंगलवार को दो दिन का सामूहिक अवकाश लिया और आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल स्थित बोर्ड के मूल्यांकन केंद्र पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदेश महासचिव डॉ. रविंद्र डिकाडला ने कहा कि प्राध्यापकों की मांगें जायज हैं।
हसला उनकी मांगों का समर्थन करती है और लगातार विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे कई बार अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचा चुके हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है। सरकार की आंखें खोलने के लिए प्राध्यापकों ने सामूहिक रूप से अवकाश रखने का कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्राध्यापक अपने स्तर पर विद्यार्थियों की क्षति को एक्सट्रा कक्षा लेकर पूरा करने को तैयार हैं। सरकार को उनकी मांगों को लागू कर देना चाहिए।
जिला प्रधान रामनिवास शर्मा ने कहा कि शिक्षा मंत्री शिक्षकों को जरूरत से अधिक देने की बात कहती है तो वे इस बात को साबित करें। सरकार कड़ा कानून अपनाने की बात भी कहती है। प्राध्यापकों की मांगों को लागू न करने से बड़ा कानून उनकी नजर में नहीं हो सकता।
इस मौके पर बलवान सिंह, देवेंद्र राठी, बलिंद्र सिंह, साहब सिंह रंगा, अनीता वर्मा, सुनीता और निर्मल मौजूद रहे।ं
हसला के बैनर तले स्कूल प्राध्यापकों ने मंगलवार को दो दिन का सामूहिक अवकाश लिया और आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल स्थित बोर्ड के मूल्यांकन केंद्र पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदेश महासचिव डॉ. रविंद्र डिकाडला ने कहा कि प्राध्यापकों की मांगें जायज हैं।
हसला उनकी मांगों का समर्थन करती है और लगातार विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे कई बार अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचा चुके हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है। सरकार की आंखें खोलने के लिए प्राध्यापकों ने सामूहिक रूप से अवकाश रखने का कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्राध्यापक अपने स्तर पर विद्यार्थियों की क्षति को एक्सट्रा कक्षा लेकर पूरा करने को तैयार हैं। सरकार को उनकी मांगों को लागू कर देना चाहिए।
जिला प्रधान रामनिवास शर्मा ने कहा कि शिक्षा मंत्री शिक्षकों को जरूरत से अधिक देने की बात कहती है तो वे इस बात को साबित करें। सरकार कड़ा कानून अपनाने की बात भी कहती है। प्राध्यापकों की मांगों को लागू न करने से बड़ा कानून उनकी नजर में नहीं हो सकता।
इस मौके पर बलवान सिंह, देवेंद्र राठी, बलिंद्र सिंह, साहब सिंह रंगा, अनीता वर्मा, सुनीता और निर्मल मौजूद रहे।ं