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तीन माह बाद आरक्षण को लेकर धरने पर फिर बैठे जाट

Mon, 06 Jun 2016 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 06 Jun 2016 12:17 AM IST
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Jat, Aagitation, Reservation, Panipat, Haryana
जाट - फोटो : ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। आरक्षण की मांग को लेकर तीन माह बाद जाट एक बार फिर धरने  पर बैठ गए हैं। इस बार जाट मतलौडा कस्बे के भालसी रोड पर धरने पर बैठे हैं। जाटों के आरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठते ही प्रशासन व पुलिस ने कमर कस ली। शहर भी पूरी तरह से अलर्ट कर दिया। जाटों की चेतावनी के चलते बाजार व सड़कों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा पसरा रहा।

हालांकि जाटों ने शांतिपूर्वक धरना जारी रखने का भरोसा दिया है। वहीं प्रशासन व पुलिस इस बार किसी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। शहर समेत पूरे जिले में अर्धसैनिक बलों के साथ पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध कर रखे हैं।
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा पूर्व घोषित जाटों को  आरक्षण की मांग को लेकर धरना रविवार को शुरू हो गया। समिति पदाधिकारियों ने मतलौडा में भालसी रोड हवन यज्ञ में आहुति डालकर धरना शुरू किया। इसको लेकर प्रशासन व पुलिस की टुकड़ी धरनारत जाटों के चारों तरफ तैनात रही।
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अर्धसैनिक बलों की दो कंपनियों के साथ मधुबन से प्लाटून पहुंची
जाट आरक्षण आंदोलन के चलते रविवार को जिला संगीनों के साये में रहा।  शहर समेत पूरे जिले में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। पुलिस व अर्धसैनिक बलों ने जगह-जगह नाके लगाकर संदिग्ध लोगों और वाहनों की बारीकी से तलाशी ली।

जानकारों की माने तो जिले के करीब 16 सौ पुलिसकर्मियों के अलावा बीएसएफ व आईटीबीपी की एक-एक कंपनी के साथ मधुबन से दो प्लाटून पानीपत पहुंची है। ड्यूटी मजिस्ट्रेटों ने पुलिस अधिकारियों के साथ अपने-अपने क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकालने के साथ सुरक्षा के प्रबंध व्यापक रखें।

लोकल मार्गों पर बंद रही रोडवेज बसें  
जाट आरक्षण आंदोलन के चलते परिवहन विभाग किसी तरह की चूक नहीं  छोड़ना चाहता। सरकारी संपत्ति के नुकसान को देखते हुए जिले के लोकल मार्गों पर रविवार को रोडवेज बसें नहीं जा सकी।

खासकर मतलौडा व इसराना क्षेत्र के गांवों के लोगों को सरकारी बसें न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं रात को भी बसें न पहुंचने पर यात्रियों को सोमवार को अपने दैनिक कार्यों पर जाने की चिंता सताने लगी है। वहीं कई प्रमुख मार्गों पर भी बसें नहीं चल सकी। हालांकि रोडवेज अधिकारी किसी तरह के रूट बंद न करने का दावा कर रहे हैं।


रोडवेज डिपो पानीपत के यातायात प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि पानीपत डिपो की कोई भी बस आरक्षण आंदोलन के दौरान बंद नहीं रखी गई। चालक दल को किसी भी परिस्थिति के वक्त बस व यात्रियों को सकुशल उनके गंतव्य स्थत तक पहुंचाने की हिदायत दी गई हैं।
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