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जैन मुनि ने समझाया अमीरी व गरीबी का अंतर

Fri, 29 Apr 2016 11:43 PM IST
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panipat Updated Fri, 29 Apr 2016 11:43 PM IST
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 जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने कड़वे प्रवचन सत्संग में संगत को समस्या का समाधान और अमीरी व गरीबी के अंतर को समझाया। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान की तपस्या है और अमीरी व गरीबी मन का विषय है।
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उन्होंने कड़वे प्रवचनों के तीसरे दिन शिवाजी स्टेडियम में भरे पंडाल में संगत को अपने कड़वे प्रवचनों से गदगद कर दिया। मुनिश्री ने कहा कि जरूरी नहीं है कि अमीर व्यक्ति खुश या कोई गरीब व्यक्ति दुखी है। अमीर व्यक्ति भी दुखी हो सकता है और गरीब भी सुखी हो सकता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को समस्या आने पर डरना नहीं चाहिए, बल्कि समस्याओं को सुलझाना आना चाहिए।
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उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि एक महिला अपनी नौकरानी की बेटी को शादी में साड़ी देने के लिए दुकान पर जाती है। वह कहती है कि मेरी नौकरानी की बेटी की शादी है, आप जरा हल्की सी साड़ी दिखा देना। अगर वहीं मालकिन की लड़की शादी है तो नौकरानी दुकान पर जाकर कहती है कि अच्छी सी साड़ी दिखाना मेरी मालकिन की बेटी की शादी है। उन्होंने कहा कि वे धन से नहीं मन से अमीर बनें। आज आदमी चिंता में है कि उसके बेटों व बेटियों का क्या होगा। आदमी को बच्चों की नहीं अपनी चिंता करनी चाहिए। अपना चिंतन करना की अध्यात्म है।
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उन्होंने कहा कि जिस प्रकार टायर में पंक्चर हो तो जानने के लिए टायर को पानी में डुबोना पड़ता है, उसकी प्रकार मन में खोट है तो सत्संग में आना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि हंस अकेला आया है और अकेला ही जाएगी। खाली हाथ आए हैं और खाली हाथ जाना है।

उन्होंने कहा कि दिमाग को ठंडा रखो। जुबान में भी ठड़क आ जाएगी। लेकिन आज का आदमी दिमाग में हीटर लगाए हुए है। हर आदमी क्रोध से ग्रसित है। वह अन्याय व अनीति की वजह से न नींद ले पाता है और उसको न ही भूख लग पाती है। उनको देश की संस्कृति को अपनाना चाहिए, लेकिन देश में इसके उल्ट हो रहा है।


देशवासी दूसरे देशों की संस्कृति को अपना रहे हैं। इंडिया का मतलब शहरों का विकास और भारत का विश्वास गांवों में दिखता है। उन्होंने कहा कि वे गाय को पाले, गाय पूरे देश को पालेगी। अगर घर में गाय को नहीं रख सकते तो गोशाला में गाय को गोद ले लें। भारत की संस्कृति गाय की संस्कृति है।



अतिथियों ने अनावरण कर किया दीप प्रज्जवलित
शुक्रवार को कड़वे प्रवचन सत्संग का शुभारंभ सुरेंद्र जैन, सुखमाल जैन, विनय जैन, भूपेश जैन ने चित्र अनावरण व दीप प्रज्जवलन कर किया। गुुरु पूजा का अवसर अअजय जैन परिवार को प्राप्त हुआ। गुरुवर को शास्त्र भेंट करने का शोभाग्य दीपचंद मित्तल व गुरुदेव की आरती करने का काम कमल गर्ग परिवार को मिला। इस अवसर पर पार्षद दुष्यंत भट्ट, हरिओम तायल, अमरनाथ गुप्ता, सुभाष जैन, अतुल गुप्ता, गौतम राज सिंगला का श्री दिगंबर जैन पंचायत ने स्वागत किया। मंच संचालन संघस्थ सतीश भैय्या ने किया। इस मौके पर श्री दिगबंर जैन पंचायत के अध्यक्ष राकेश जैन, टोनी जैन, नीरज जैन, दीपक जैन, राजेश जैन, दीपेश जैन, मेहूल जैन, पंकज जैन व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश जैन मौजूद रहे।
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