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Panipat News: संयुक्त राष्ट्र में इसराना के युवा ने पीएम मोदी संग वैश्विक मंच किया साझा
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पानीपत। अमेरिका, न्यूयॉर्क के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित प्रतिष्ठित यूएन समिट ऑफ द फ्यूचर के वैश्विक मंच पर इसराना हलके के युवा परमजीत जागलान ने अपनी जगह पक्की कर ली है। परमजीत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और दुनिया भर के कई राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों के साथ मंच साझा किया। संयुक्त राष्ट्र में इसराना के युवा परमजीत जागलान का क्षेत्रीय सदस्य के रूप में चयनित किए गए हैं।
सम्मेलन में परमजीत जगलान ने एक युवा प्रतिनिधि के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने वैश्विक स्तर पर बदलाव की वकालत की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र युवा कार्यालय के सहायक महासचिव फेलिप पाउलियर जैसे प्रमुख व्यक्तियों के साथ सहयोग किया। उन्होंने पैक्ट फॉर द फ्यूचर के अध्याय चार के तहत युवा सशक्तिकरण की वकालत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवा आवाजें केवल सुनी न जाएं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सबसे आगे हों। जागलान का मानना है कि युवाओं को न केवल भागीदार के रूप में बल्कि नीति निर्धारण में सक्रिय नेताओं के रूप में भूमिका निभानी चाहिए और यही उनके चर्चा का प्रमुख विषय रहा।
परमजीत जगलान ने इंटर-पार्लियामेंटरी यूनियन के साथ मिलकर काम किया। संसदीय मामलों में युवाओं की भागीदारी की आवश्यकता पर बल देने के लिए डॉ. टुलिया अक्सन के साथ सहयोग किया। दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देश का प्रतिनिधित्व करते हुए उनका संदेश स्पष्ट था कि युवा नेताओं को राष्ट्रीय और वैश्विक नीतियों को आकार देने में प्रमुख निर्णयकर्ता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम जैसे लोग, जो उन जगहों से आते हैं जहां अनसुना रहना सामान्य बात है। बदलाव की इच्छा को अच्छी तरह समझते हैं। भविष्य हमारा है और हमारी आवाजों को इसे आकार देना होगा।
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जागलान के नेतृत्व और युवा सशक्तिकरण के लिए उनकी अथक वकालत को नजरअंदाज नहीं किया गया। उन्हें एशिया और प्रशांत क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले संयुक्त राष्ट्र प्रमुख समूह युवा के क्षेत्रीय सदस्य के रूप में चुना गया। शिखर सम्मेलन में उनके प्रयास विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र युवा कार्यालय के साथ उनके सहयोग, उनके व्यापक मिशन को दर्शाते रहे कि वे वैश्विक युवा और नेतृत्व के अवसरों को भारत वापस लाना चाहते हैं ।
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सम्मेलन में परमजीत जगलान ने एक युवा प्रतिनिधि के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने वैश्विक स्तर पर बदलाव की वकालत की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र युवा कार्यालय के सहायक महासचिव फेलिप पाउलियर जैसे प्रमुख व्यक्तियों के साथ सहयोग किया। उन्होंने पैक्ट फॉर द फ्यूचर के अध्याय चार के तहत युवा सशक्तिकरण की वकालत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवा आवाजें केवल सुनी न जाएं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सबसे आगे हों। जागलान का मानना है कि युवाओं को न केवल भागीदार के रूप में बल्कि नीति निर्धारण में सक्रिय नेताओं के रूप में भूमिका निभानी चाहिए और यही उनके चर्चा का प्रमुख विषय रहा।
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परमजीत जगलान ने इंटर-पार्लियामेंटरी यूनियन के साथ मिलकर काम किया। संसदीय मामलों में युवाओं की भागीदारी की आवश्यकता पर बल देने के लिए डॉ. टुलिया अक्सन के साथ सहयोग किया। दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देश का प्रतिनिधित्व करते हुए उनका संदेश स्पष्ट था कि युवा नेताओं को राष्ट्रीय और वैश्विक नीतियों को आकार देने में प्रमुख निर्णयकर्ता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम जैसे लोग, जो उन जगहों से आते हैं जहां अनसुना रहना सामान्य बात है। बदलाव की इच्छा को अच्छी तरह समझते हैं। भविष्य हमारा है और हमारी आवाजों को इसे आकार देना होगा।
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जागलान के नेतृत्व और युवा सशक्तिकरण के लिए उनकी अथक वकालत को नजरअंदाज नहीं किया गया। उन्हें एशिया और प्रशांत क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले संयुक्त राष्ट्र प्रमुख समूह युवा के क्षेत्रीय सदस्य के रूप में चुना गया। शिखर सम्मेलन में उनके प्रयास विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र युवा कार्यालय के साथ उनके सहयोग, उनके व्यापक मिशन को दर्शाते रहे कि वे वैश्विक युवा और नेतृत्व के अवसरों को भारत वापस लाना चाहते हैं ।