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सड़कों पर उतरा इंडिया गठबंधन : मुख्य चुनाव आयुक्त का फूंका पुतला
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जीटी रोड पर प्रदर्शन करते कांग्रेस नेता। संवाद
पानीपत। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने वीरवार को काला दिवस पर जीटी रोड विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने जिला सचिवालय के सामने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। कांग्रेसियों ने जीटी रोड कांग्रेस भवन के सामने स्थित संविधान चौक से होते हुए जिला सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान करीब आधे घंटे तक जीटी रोड पर जाम जैसी स्थिति बनी रही। इससे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विरोध प्रदर्शन जिला प्रभारी अशोक मेहता की देखरेख में किया। कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ सहयोगी दलों सीपीएम, सीपीआई और शिवसेना के नेताओं ने भी भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने वोट चोरी बंद करो और चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करो के नारे लगाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष रमेश मलिक ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के मतदाता के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर है। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के सवालों पर चुनाव आयोग सार्वजनिक व तथ्यात्मक जवाब दें। दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित शीर्ष विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की घटना पर भी उन्होंने कड़ा रोष जताया। कांग्रेस नेता सचिन कुंडू, दिवांशु बुद्धिराजा और शहर अध्यक्ष सरदार बलजीत सिंह ने कहा कि देश का युवा निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया में विश्वास रखता है। संवैधानिक संस्थाओं की साख ही लोकतंत्र की बुनियाद है, इसलिए विरोध दबाने के बजाय संवाद और पारदर्शिता का रास्ता चुना जाना चाहिए। वहीं, सीपीएम के सुनील दत्त, डॉ. सुरेंद्र मलिक और सीपीआई के पवन सैनी एडवोकेट ने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, तब तक गठबंधन का आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर पूर्व विधायक बलवीर वाल्मीकि, सुभाष बठला, दीपक खटकड़, कंवर सिंह छौक्कर, धर्मेंद्र अहलावत, सुरेंद्र गौड़, ओमवीर पंवार, अनिल मलिक सींक, नारायणदत्त शर्मा, डॉ. जगबीर, जयभगवान, एडवोकेट सुरभि शर्मा और सविता गर्ग मौजूद रही। ब्यूरो
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विरोध प्रदर्शन जिला प्रभारी अशोक मेहता की देखरेख में किया। कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ सहयोगी दलों सीपीएम, सीपीआई और शिवसेना के नेताओं ने भी भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने वोट चोरी बंद करो और चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करो के नारे लगाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
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जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष रमेश मलिक ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के मतदाता के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर है। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के सवालों पर चुनाव आयोग सार्वजनिक व तथ्यात्मक जवाब दें। दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित शीर्ष विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की घटना पर भी उन्होंने कड़ा रोष जताया। कांग्रेस नेता सचिन कुंडू, दिवांशु बुद्धिराजा और शहर अध्यक्ष सरदार बलजीत सिंह ने कहा कि देश का युवा निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया में विश्वास रखता है। संवैधानिक संस्थाओं की साख ही लोकतंत्र की बुनियाद है, इसलिए विरोध दबाने के बजाय संवाद और पारदर्शिता का रास्ता चुना जाना चाहिए। वहीं, सीपीएम के सुनील दत्त, डॉ. सुरेंद्र मलिक और सीपीआई के पवन सैनी एडवोकेट ने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, तब तक गठबंधन का आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर पूर्व विधायक बलवीर वाल्मीकि, सुभाष बठला, दीपक खटकड़, कंवर सिंह छौक्कर, धर्मेंद्र अहलावत, सुरेंद्र गौड़, ओमवीर पंवार, अनिल मलिक सींक, नारायणदत्त शर्मा, डॉ. जगबीर, जयभगवान, एडवोकेट सुरभि शर्मा और सविता गर्ग मौजूद रही। ब्यूरो
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