{"_id":"67a12426c94b202ef003147c","slug":"increased-risk-of-cancer-most-patients-getting-oral-cancer-panipat-news-c-244-1-pnp1003-131623-2025-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: कैंसर का बढ़ा खतरा, मुख कैंसर के मिल रहे सर्वाधिक मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: कैंसर का बढ़ा खतरा, मुख कैंसर के मिल रहे सर्वाधिक मरीज
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। अनियमित खानपान, बढ़ता प्रदूषण और धूम्रपान जैसी लत से कैंसर जैसी बीमारी जिले में निरंतर पांव पसार रही है। इनमें युवाओं को हो रहा मुख कैंसर और महिलाओं में गर्भाश्य और स्तन कैंसर चिंताजनक है। लोगों में यह खतरनाक बीमारी तेजी के साथ साल दर साल बढ़ती जा रही है। पिछले पांच साल में कैंसर के एक हजार से अधिक मरीज मिल चुके हैं।
जिले में सबसे अधिक मुंह की कैंसर के मरीज हैं। इसके बाद महिलाओं में गर्भाश्य और स्तन कैंसर के मामले अधिक हैं। जीटी रोड बड़ौली गांव स्थित निजी कॉलेज में कैंसर की हर महीने 50 सर्जरी कैंसर की होती हैं। यह आंकड़ा हर किसी के लिए चिंता पैदा करने वाला है। चिकित्सकों का भी मानना है कि खान-पान बदलने के साथ लोगों के रहन-सहन और एक्साइज न करना कैंसर बढ़ने का बड़ा कारण है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 2023 व 2024 में कैंसर के लगभग 450 नए कैंसर के मरीज मिले हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास कैंसर के रोगियों का पूरा आंकड़ा नहीं है। विभाग के पास उन रोगियों का ही आंकड़ा है जो रोहतक पीजीआई में इलाज के लिए अपना फ्री बस पास बनवाते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक लोगों में कैंसर को लेकर जागरूकता की कमी है। जो ज्यादातर मामलों में जानलेवा साबित हो रही है। जिले के कैंसर रोगियों को इलाज के लिए पीजीआई और दिल्ली के अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले आठ वर्ष के दौरान जिले में कैंसर के 1532 केस आए हैं। हालांकि इसे निजी अस्पताल संचालक सही नहीं मानते। उनके अनुसार जिले में कैंसर के पांच हजार से अधिक रोगी हैं।
विज्ञापन
बॉक्स
औद्योगिक नगरी में प्रारंभिक जांच तक की सुविधा नहीं
पानीपत में कैंसर की प्रारंभिक जांच तक की सुविधा नहीं है। ऐसे में कैंसर की आशंका होने पर मरीजों को रोहतक पीजीआई, चंडीगढ़ पीजीआई या दिल्ली के अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। औद्योगिक नगरी होने के कारण यहां जांच की नितांत आवश्यकता है। दरअसल यहां प्रदूषण अधिक है। यह भी बीमारी का प्रमुख कारण माना जाता है।
फ्री बस पास नहीं लिया तो कैंसर मरीजों में गिनती नहीं
रोहतक पीजीआई में कैंसर की पुष्टि होने के बाद यदि कोई मरीज जिला नागरिक अस्पताल से फ्री बस पास की पर्ची नहीं लेता तो उसकी गिनती पानीपत के कैंसर मरीजों में नहीं की जाती है। ऐसे मरीजों का आकड़ा रोहतक पीजीआई में ही दर्ज किया जाता है।
प्रदूषण से बढ़ रहा कैंसर : डॉ. पूजा
कैंसर के मामले बढ़ने का मुख्य कारण जीवनशैली का आधुनिक होना है। हमारा खानपान बदल गया है। प्रदूषण बहुत अधिक बढ़ गया है। खानों में केमिकल है। धूम्रपान का चलन भी बहुत अधिक बढ़ा है। इसलिए कैंसर बहुत अधिक बढ़ रही है। महिलाओं में स्तन व गर्भाश्य कैंसर का खतरा बढ़ा है। हमें व्हाइट फूड से दूरी बनानी होगी। सरकार को कैंसर जांच की सुविधा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में करनी चाहिए।
डॉ. पूजा बब्बर, कंसलटेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजी
रोहतक कराते हैं जांच- सिविल सर्जन
कैंसर जैसी बीमारी बढ़ना खतरनाक है। जिला नागरिक अस्पताल में इसकी सीधी जांच तो नहीं है, लेकिन सामान्य जांच में इस तरह के संकेत मिलने पर मरीज को पीजीआई रेफर किया जाता है। इसी के आधार पर उसका इलाज किया जाता है।
- डाॅ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन, पानीपत।