फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   If outside NCR, the business of textile city will increase up to 10 thousand crores.

एनसीआर से हुए बाहर तो टेक्सटाइल नगरी का कारोबार 10 हजार करोड़ तक बढ़ेगा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jul 2022 02:12 AM IST
विज्ञापन
If outside NCR, the business of textile city will increase up to 10 thousand crores.
पानीपत। पानीपत शहर के एनसीआर से बाहर होते ही उद्योगों को संजीवनी मिलेगी। उद्यमियों को ग्रैप, ऑनलाइन मॉनीटरिंग और पीएनजी की बाध्यता से छुटकारा मिलेगा। उद्यमी बॉयलर में कोयले का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे उत्पादन भी सस्ता होगा और पानीपत के उद्यमी लुधियाना और गुजरात के उद्यमियों से प्रतिस्पर्धा भी कर पाएंगे। एनसीआर से बाहर होते ही पानीपत का टेक्सटाइल और डाइंग कारोबार 10 हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष बढ़ जाएगा। अब उद्यमियों की इसी माह दिल्ली में होने वाली एनसीआर कमेटी की मीटिंग पर नजर है। शहर को एनसीआर से बाहर करने का मुद्दा विधायक प्रमोद विज भी विधानसभा में उठा चुके हैं।
विज्ञापन

बाक्स
30 सितंबर तक पीएनजी पर शिफ्ट होने का अल्टीमेटम-
सरकार ने उद्यमियों की मांग पर शहर को एनसीआर से बाहर करने पर मोहर लगा दी है। सरकार ने इस प्रस्ताव को पास कर एनसीआर कमेटी के पास भेजा गया है। अगर कमेटी में ये प्रस्ताव पास होता है तो शहर के 12 हजार उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि यहां के उद्यमी एनसीआर के नियमों से परेशान हैं। नियमों के अनुसार उद्यमियों को 30 सितंबर तक पीएनजी पर शिफ्ट होना है। पीएनजी पर शिफ्ट नहीं होने वाले उद्योगों पर ताला लगाया जाएगा। अब तक शहर में महज 20 उद्योग ही पीएनजी पर शिफ्ट हो पाए हैं। अगर शहर पीएनजी से बाहर होगा तो ये उद्यमियों के लिए बड़ी सौगात होगी।
विज्ञापन

ग्रेप के कारण दो माह बंद रहते हैं उद्योग
नवंबर माह में प्रदूषण स्तर बढ़ जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एनसीआर में ग्रैप लागू कर देता है। उद्योगों पर दो माह तक ताला लग जाता है। लाखों लोग बेरोजगार हो जाते हैं। उद्यमियों को बीते वर्षों में 10 हजार करोड़ तक का नुकसान होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाहर से आएंगे निवेशक
एनसीआर के अंतर्गत आने वाले उद्यमी नियमों के कारण परेशान हैं। आए दिन उद्योगों में सीपीसीबी की छापामारी होती है। पीएनजी की बाध्यता के कारण उत्पादन तीन गुना तक महंगा हो गया है। उद्यमी एनसीआर से बाहर उद्योगों को शिफ्ट करना चाहते हैं। इसलिए गाजियाबाद, सोनीपत, नोयडा, दिल्ली और बागपत के उद्यमियों की निवेश करने के लिए पानीपत पहली पसंद होगी।
विकास कार्यों में होगा लाभ-
समलाखा में 31 गांव और 63 कॉलोनियां शामिल हैं। वहीं, इसराना तहसील के अंतर्गत करीब 13 कॉलोनियों और 29 गांव आते हैं। इसके अलावा बापौली तहसील में करीब 49 गांव आते हैं। जिनको एनसीआर में आने से विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। पुराने पेट्रोल और डीजल के वाहन बंद होने का नुकसान भी होगा।

उद्यमियों को काफी लाभ होगा- प्रीतम
एनसीआर से बाहर होने पर उद्यमियों को काफी लाभ होगा। कई नियम लागू नहीं होंगे। बाहर से भी निवेशक आएंगे। उत्पादन सस्ता होगा। हम दूसरे प्रदेश के उद्यमियों से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। सरकार ने उनकी मांगों को माना इसके लिए सरकार का आभार ।
प्रीतम सचदेवा, प्रधान पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed