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Panipat News: कार का क्लेम न देने पर ब्याज सहित देना होगा पैसा
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पानीपत। आवारा पशु के सामने आने से हुई दुर्घटना में कार क्षतिग्रस्त होने पर बीमा कंपनी से क्लेम देने से इंकार कर दिया। इसके बाद उपभोक्ता ने आयोग की शरण ली तो आयोग ने बीमा कंपनी को क्लेम का पूरा पैसा 3.18 लाख रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार और मुकदमे में खर्च के लिए 5500 रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं।
समालखा के सुधीर ने आयोग में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उनके पास वरना कार है। जिसका उन्होंने 3.18 की राशि पर बीमा कराया था। 19 सितंबर 2019 की रात वह पानीपत से समालखा लौट रहे थे, तभी गांव करहंस के पास सड़क पर अचानक आवारा पशु आ गया। आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगाए, जिससे उनकी कार ट्रक से टकरा गई और पीछे से आई दूसरी गाड़ी ने धक्का दे दिया। हादसे में वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
उन्होंने तुरंत ही कंपनी को सूचना दी। कंपनी ने सर्वे और फॉरेंसिक जांच के बाद दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वाहन की क्षति दुर्घटना से मेल नहीं खाती और उसे करीब 15 घंटे तक बिना निगरानी छोड़ा गया था। जिस पर आयोग ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। आयोग के अध्यक्ष डॉ आरके डोगरा, सदस्य विनीत कौशिक ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए आयोग ने बीमा कंपनी को छह प्रतिशत ब्याज के साथ पूरा पैसा देने के आदेश दिए हैं।
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समालखा के सुधीर ने आयोग में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उनके पास वरना कार है। जिसका उन्होंने 3.18 की राशि पर बीमा कराया था। 19 सितंबर 2019 की रात वह पानीपत से समालखा लौट रहे थे, तभी गांव करहंस के पास सड़क पर अचानक आवारा पशु आ गया। आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगाए, जिससे उनकी कार ट्रक से टकरा गई और पीछे से आई दूसरी गाड़ी ने धक्का दे दिया। हादसे में वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
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उन्होंने तुरंत ही कंपनी को सूचना दी। कंपनी ने सर्वे और फॉरेंसिक जांच के बाद दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वाहन की क्षति दुर्घटना से मेल नहीं खाती और उसे करीब 15 घंटे तक बिना निगरानी छोड़ा गया था। जिस पर आयोग ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। आयोग के अध्यक्ष डॉ आरके डोगरा, सदस्य विनीत कौशिक ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए आयोग ने बीमा कंपनी को छह प्रतिशत ब्याज के साथ पूरा पैसा देने के आदेश दिए हैं।
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