फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   I had promised to come home after a week, but sacrifices were made on the first day

Panipat News: एक हफ्ते बाद घर आने का था वादा, पहले दिन हो गए बलिदान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 02:39 AM IST
विज्ञापन
I had promised to come home after a week, but sacrifices were made on the first day
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

पानीपत। कारगिल का युद्ध शुरू हुआ तो हर किसी की धड़कन बढ़ गई थी। मेरे पति ऋषिपाल त्यागी की कारगिल में तैनाती थी।
उनसे युद्ध शुरू होने से पहले फोन पर बात की तो उन्होंने एक सप्ताह बाद छुट्टी आने की बात कही थी। उन्होंने युद्ध के पहले दिन अपना बलिदान दे दिया। यह बात सनौली खुर्द निवासी गीता देवी ने बताई।
ऋषिपाल त्यागी का जन्म 1966 को हुआ। वे 1985 में 23 राजपूत बटालियन में भर्ती हुए थे और कारगिल युद्ध के दौरान 28 मई 1999 को बलिदान हुए थे। उन्होंने गोला बारूद के साथ दुश्मनों को कड़ा जवाब दिया था। वे और उनके साथी लगातार जवाब से दुश्मनों पर हावी होते जा रहे थे। दुश्मनों ने उन पर निशाना साधा। एक गोला उन पर आकर गिरा। उन्होंने घायल होने पर भी अपनी पोस्ट को नहीं छोड़ा और लगातार हमलावर रहे। कुछ समय बाद उनको अचानक कई गोली लगीं जिससे वह बलिदान हो गए।
विज्ञापन

गीता देवी ने बताया कि उनके पति ऋषिपाल त्यागी छुट्टी के दिनों में सेना के बारे में बताते थे। वे कहते थे कि वे देश की सेवा, सुरक्षा के लिए सेना में भर्ती हुए हैं। उन पर देश का सबसे बड़ा कर्ज है। वे सेना में देश सेवा कर यह कर्ज निभाएंगे। उन पर घर परिवार से पहले देश सेवा की जिम्मेदारी है। अगर देश की सेवा करते उनके प्राण भी चले जाएं तो कभी दुखी न होना बल्कि गर्व महसूस करना। उनकी ये बात आज भी याद आती हैं और गर्व महसूस होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed