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डॉक्टरों की कमी में अस्पताल की फिर बिगड़ी तबीयत,
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Thu, 19 May 2016 12:35 AM IST
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सिविल अस्पताल में मरीजों का इलाज डॉक्टर की कमी से एक बार फिर बिगड़ गया है और इमरजेंसी में स्पेशलिस्टों का सहारा लेना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि स्पेशलिस्टों को इमरजेंसी वार्ड में लगाने पर ओपीडी के मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा है।
ऐसे में मरीजों को मायूस होकर वापस जाना पड़ रहा है। वहीं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टरों की कमी का राग अलापकर बैठ जाते हैं। सिविल अस्पताल से चार एमबीबीएस डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने व एक महिला एमबीबीएस डॉक्टर को स्थानांतरित करने के बाद सिविल अस्पताल में हालात खराब हो गए है।
स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को अपने मरीज छोड़ आपातकाल विभाग में ड्यूटी करनी पड़ रही है ऐसे में हर रोज सिविल अस्पताल में आने वाले ब्लड, यूरिन, बलगम टेस्ट व मनोरोग के मरीजों को बिना इलाज के ही घर लौटना पड़ रहा है।
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डॉ. गौरव कुमार, डॉ. विकास कुमार, डॉ. आयूषी और डॉ. वैशाली के नौकरी छोड़ने व डॉ. अपूर्वा को सेक्टर 25 में स्थानांतरित करने के बाद सिविल अस्पताल में कुल 38 डॉक्टर रह गए है। डॉ. अमित दहिया, डॉ. पूजा. डॉ. अरविंद, डॉ. अंकित व डॉ. अरविंद कुमार एमबीबीएस डॉक्टर हैं।
इनके पास आपातकाल विभाग का जिम्मा है। इन पांच डॉक्टरों में से हर रोज औसतन दो डॉक्टर छुट्टी पर रहते हैं या इन्हें किसी दूसरे विभाग की जिम्मेदारी दे दी जाती है। इसी कमी को पूरा करने के लिए सिविल अस्पताल प्रशासन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की ड्यूटी आपातकाल विभाग में लगा रहा है। सिविल अस्पताल का यह फैसला मरीजों के स्वास्थ्य पर काफी भारी पड़ रहा है।
चार डॉक्टर लीव विदाउट पे पर चले गए हैं। सेक्टर 29 स्थित पीएचसी में डॉक्टर की कमी को पूरा करने के लिए एक महिला डॉक्टर को वहां स्थानांतरित किया गया है। डॉक्टरों की कमी के कारण स्पेशलिस्टों को आपातकाल विभाग में लगाना पड़ रहा है।
डॉ. एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।
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ऐसे में मरीजों को मायूस होकर वापस जाना पड़ रहा है। वहीं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टरों की कमी का राग अलापकर बैठ जाते हैं। सिविल अस्पताल से चार एमबीबीएस डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने व एक महिला एमबीबीएस डॉक्टर को स्थानांतरित करने के बाद सिविल अस्पताल में हालात खराब हो गए है।
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स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को अपने मरीज छोड़ आपातकाल विभाग में ड्यूटी करनी पड़ रही है ऐसे में हर रोज सिविल अस्पताल में आने वाले ब्लड, यूरिन, बलगम टेस्ट व मनोरोग के मरीजों को बिना इलाज के ही घर लौटना पड़ रहा है।
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डॉ. गौरव कुमार, डॉ. विकास कुमार, डॉ. आयूषी और डॉ. वैशाली के नौकरी छोड़ने व डॉ. अपूर्वा को सेक्टर 25 में स्थानांतरित करने के बाद सिविल अस्पताल में कुल 38 डॉक्टर रह गए है। डॉ. अमित दहिया, डॉ. पूजा. डॉ. अरविंद, डॉ. अंकित व डॉ. अरविंद कुमार एमबीबीएस डॉक्टर हैं।
इनके पास आपातकाल विभाग का जिम्मा है। इन पांच डॉक्टरों में से हर रोज औसतन दो डॉक्टर छुट्टी पर रहते हैं या इन्हें किसी दूसरे विभाग की जिम्मेदारी दे दी जाती है। इसी कमी को पूरा करने के लिए सिविल अस्पताल प्रशासन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की ड्यूटी आपातकाल विभाग में लगा रहा है। सिविल अस्पताल का यह फैसला मरीजों के स्वास्थ्य पर काफी भारी पड़ रहा है।
चार डॉक्टर लीव विदाउट पे पर चले गए हैं। सेक्टर 29 स्थित पीएचसी में डॉक्टर की कमी को पूरा करने के लिए एक महिला डॉक्टर को वहां स्थानांतरित किया गया है। डॉक्टरों की कमी के कारण स्पेशलिस्टों को आपातकाल विभाग में लगाना पड़ रहा है।
डॉ. एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।