{"_id":"de35e8a41d9131402fdaed386452af51","slug":"holika-dahan-will-not-impede-the-bhadra","type":"story","status":"publish","title_hn":"होलिका दहन में भद्रा नहीं बनेगी बाधक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होलिका दहन में भद्रा नहीं बनेगी बाधक
अमर उजाला, पानीपत
Updated Fri, 14 Mar 2014 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को होली पर्व श्रद्धाभाव और धूमधाम से मनेगा। इस बार होलिका दहन में भद्रा बाधक नहीं बनेगी। होली पर्व के साथ-साथ इस बार चैतन्य महाप्रभु का जन्म दिन भी शुभ संयोग रहेगा।
होलिका दहन 16 मार्च, रविवार को होगा।
इस बार भद्रा योग होलिका दहन में बाधक नहीं बनेगा। होलिका दहन इस बार श्रेष्ठ मुहूर्त में होगा। होली के दिन भद्रा योग सुबह 9:59 बजे खत्म हो जाएगा। 15 मार्च, शनिवार को रात 9:19 बजे भद्रा योग शुरू होगा जो अगले दिन 16 मार्च रविवार सुबह 9:59 बजे खत्म हो जाएगा। भद्रा योग में होलिका दहन करना वर्जित होता है।
रात्रि 10:06 बजे तक शुभ मुहूर्त
16 मार्च को गोधूलि वेला से रात्रि 10:06 तक होलिका दहन का समय श्रेष्ठ है। प्राप्त 9:59 मिनट के बाद भद्रा रहित समय शुरू होगा। इस समय से पहले और बाद में होलिका दहन को ज्यादा शुभ नहीं माना जाएगा। दिनभर विधि पूर्वक होली की पूजा अर्चना चलेगी।
विज्ञापन
चैतन्य महाप्रभु संकीर्तन जाप करेगा दोष नष्ट
धर्मशास्त्रियों ने बताया कि इसी दिन चैतन्य महाप्रभु का जन्म हुआ था। होलिका दहन के अनंतर चैतन्य महाप्रभु के नाम का महामंत्र संकीर्तन करने से कलयुग के सभी प्रकार के दोषों का नाश होता है। इस बार यह शुभ योग बना है। आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि वैसे धार्मिक पर्व वाले दिन कोई भी योग होना बहुत बड़ी बात होती है। चैतन्य महाप्रभु को कष्ट मिटाने वाला देव माना जाता है।
प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगी मुक्ति
इस समय आए दिन प्राकृतिक आपदाएं सभी के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। कहीं पर तेज हवाआें के साथ बारिश हो रही है तो कहीं पर ओलावृष्टि फसलोें पर भारी पड़ रही है। श्री गंगाधाम के प्रमुख एवं ज्योतिषाचार्य निरंजन पाराशर ने बताया कि होलिका दहन के बाद इस तरह की प्राकृतिक आपदाआें से मुक्ति मिलेगी। होलिका दहन के समय भद्रा बाधित न होना यही संकेत कर रहा है।
विज्ञापन
होलिका दहन 16 मार्च, रविवार को होगा।
इस बार भद्रा योग होलिका दहन में बाधक नहीं बनेगा। होलिका दहन इस बार श्रेष्ठ मुहूर्त में होगा। होली के दिन भद्रा योग सुबह 9:59 बजे खत्म हो जाएगा। 15 मार्च, शनिवार को रात 9:19 बजे भद्रा योग शुरू होगा जो अगले दिन 16 मार्च रविवार सुबह 9:59 बजे खत्म हो जाएगा। भद्रा योग में होलिका दहन करना वर्जित होता है।
विज्ञापन
रात्रि 10:06 बजे तक शुभ मुहूर्त
16 मार्च को गोधूलि वेला से रात्रि 10:06 तक होलिका दहन का समय श्रेष्ठ है। प्राप्त 9:59 मिनट के बाद भद्रा रहित समय शुरू होगा। इस समय से पहले और बाद में होलिका दहन को ज्यादा शुभ नहीं माना जाएगा। दिनभर विधि पूर्वक होली की पूजा अर्चना चलेगी।
विज्ञापन
चैतन्य महाप्रभु संकीर्तन जाप करेगा दोष नष्ट
धर्मशास्त्रियों ने बताया कि इसी दिन चैतन्य महाप्रभु का जन्म हुआ था। होलिका दहन के अनंतर चैतन्य महाप्रभु के नाम का महामंत्र संकीर्तन करने से कलयुग के सभी प्रकार के दोषों का नाश होता है। इस बार यह शुभ योग बना है। आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि वैसे धार्मिक पर्व वाले दिन कोई भी योग होना बहुत बड़ी बात होती है। चैतन्य महाप्रभु को कष्ट मिटाने वाला देव माना जाता है।
प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगी मुक्ति
इस समय आए दिन प्राकृतिक आपदाएं सभी के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। कहीं पर तेज हवाआें के साथ बारिश हो रही है तो कहीं पर ओलावृष्टि फसलोें पर भारी पड़ रही है। श्री गंगाधाम के प्रमुख एवं ज्योतिषाचार्य निरंजन पाराशर ने बताया कि होलिका दहन के बाद इस तरह की प्राकृतिक आपदाआें से मुक्ति मिलेगी। होलिका दहन के समय भद्रा बाधित न होना यही संकेत कर रहा है।