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Panipat News: कर्ज लेकर डॉलर कमाने गया था अमेरिका, कफन में लिपटकर लौटा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। डॉलर कमाने का सपना लेकर अमेरिका गए नगला -पार के अभिमन्यु का शव मौत के 28 दिन बाद शनिवार को उसके पैतृक गांव नंगला पार पहुंचा। अभिमन्यु के शव के साथ परिवार के अरमान भी कफन में लिपटकर वापस लौट आए। परिजनों ने पहले 30 लाख रुपये कर्ज लेकर उसे अमेरिका भेजा था। अब इतने ही रुपये का कर्ज लेकर उसका शव भारत लाने का इंतजाम किया। जैसे ही अभिमन्यु का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों की आंखें नम हो गई। पत्नी बेसुध होकर गिर गई। वहीं चार बच्चे भी पिता के शव से लिपटकर रोने लगे।
सनौली खंड के नगला-पार निवासी संजय ने बताया कि उसका भाई अभिमन्यु नवंबर 2023 में 30 लाख रुपये खर्च कर कनाडा गया था। वहां से डंकी रूट में माध्यम से वह अमेरिका चला गया था। कनाडा से अमेरिका पहुंचने के लिए उसे छह माह से अधिक का समय लगा। वह अमेरिका में एक स्टोर पर काम कर रहा था। इसके बाद परिजनों को उम्मीद जगी थी अब अब वह अच्छी कमाई करेगा और अमेरिका पहुंचने में जो खर्च हुआ वह जल्द पूरा हो जाएगा लेकिन 18 अप्रैल को अचानक दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई थी। उसके साथियों ने इसकी सूचना परिजनों को दे दी थी। इसके बाद से ही परिजन उसका शव लाने के लिए प्रयास कर रहे थे। अभिमन्यु का शव लाने के लिए परिजनों ने हरियाणा सरकार से भी गुहार लगाई थी। लेकिन सरकार से कोई मदद नहीं मिलने पर परिवार को खुद ही पैसों का इंतजाम करना पड़ा। परिजनों ने 30 लाख रुपये कर्ज पर लेकर शव को भारत लाने का इंतजाम किए। शुक्रवार को अभिमन्यु का शव गांव में पहुंचा।जैसे ही शव गांव में पहुंचा तो परिजनों में मातम पसर गया। संजय शर्मा ने बताया कि अभिमन्यु की शादी 15 साल पहले हुई थी। उसके चार बच्चे हैं। इनमें 14 साल का रुद्र सबसे बड़ा है।
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सनौली। डॉलर कमाने का सपना लेकर अमेरिका गए नगला -पार के अभिमन्यु का शव मौत के 28 दिन बाद शनिवार को उसके पैतृक गांव नंगला पार पहुंचा। अभिमन्यु के शव के साथ परिवार के अरमान भी कफन में लिपटकर वापस लौट आए। परिजनों ने पहले 30 लाख रुपये कर्ज लेकर उसे अमेरिका भेजा था। अब इतने ही रुपये का कर्ज लेकर उसका शव भारत लाने का इंतजाम किया। जैसे ही अभिमन्यु का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों की आंखें नम हो गई। पत्नी बेसुध होकर गिर गई। वहीं चार बच्चे भी पिता के शव से लिपटकर रोने लगे।
सनौली खंड के नगला-पार निवासी संजय ने बताया कि उसका भाई अभिमन्यु नवंबर 2023 में 30 लाख रुपये खर्च कर कनाडा गया था। वहां से डंकी रूट में माध्यम से वह अमेरिका चला गया था। कनाडा से अमेरिका पहुंचने के लिए उसे छह माह से अधिक का समय लगा। वह अमेरिका में एक स्टोर पर काम कर रहा था। इसके बाद परिजनों को उम्मीद जगी थी अब अब वह अच्छी कमाई करेगा और अमेरिका पहुंचने में जो खर्च हुआ वह जल्द पूरा हो जाएगा लेकिन 18 अप्रैल को अचानक दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई थी। उसके साथियों ने इसकी सूचना परिजनों को दे दी थी। इसके बाद से ही परिजन उसका शव लाने के लिए प्रयास कर रहे थे। अभिमन्यु का शव लाने के लिए परिजनों ने हरियाणा सरकार से भी गुहार लगाई थी। लेकिन सरकार से कोई मदद नहीं मिलने पर परिवार को खुद ही पैसों का इंतजाम करना पड़ा। परिजनों ने 30 लाख रुपये कर्ज पर लेकर शव को भारत लाने का इंतजाम किए। शुक्रवार को अभिमन्यु का शव गांव में पहुंचा।जैसे ही शव गांव में पहुंचा तो परिजनों में मातम पसर गया। संजय शर्मा ने बताया कि अभिमन्यु की शादी 15 साल पहले हुई थी। उसके चार बच्चे हैं। इनमें 14 साल का रुद्र सबसे बड़ा है।
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