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Panipat News: होटल में खाता था शाही पनीर, जेल में मिला सामान्य बंदियों वाला खाना
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पानीपत। मॉडल शीतल उर्फ सिम्मी चौधरी के प्यार में पागल आरोपी सुनील को जेल में अब दीवार भी चुभने लगी है। उसकी पहली रात बेचैनी में कटी और खाने में भी सामान्य बंदियों वाला खाना मिला। जबकि अपने होटल में शीतल के साथ शाही पनीर और मनपसंद का खाना ऑर्डर कर खाता था। परिजन आरोपी के दो दिन की रिमांड अवधि और कोर्ट में पेश करने जाते समय भी मिलने नहीं पहुंचे।
पुलिस के एक जानकार ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि आरोपी सुनील ने दो दिन के रिमांड के दौरान अपनी पूरी कहानी बयां कर दी। वह शीतल पर अपनी पत्नी से भी ज्यादा भरोसा करता था और ज्यादातर समय उनके साथ ही रहता था। यही कारण है कि उसके परिजन भी उससे पीछे हटने लगे थे। सुनील शीतल ने गर्दन और हाथ पर अलग-अलग नाम टैटू देख लिए थे। शीतल ने अपनी गर्दन के पास अंशी और हाथ पर विशाल के नाम का टैटू बनवा रखा था। वह शीतल को विशाल को भी भूल जाने की कहता था। आरोपी ने झगड़ा बढ़ने पर पिछली एक-एक बात का बदला लेने से एक के बाद चाकू से सात वार किए और आठवीं बार में उसका गला रेत दिया।
आरोपी को अंदाजा नहीं था कि शीतल का शव इतनी जल्दी नहर में मिल जाएगा। उसको पता था कि दिल्ली पैरलल नहर में पानी का बहाव तेज है। जबकि उसके साथ बह रही पश्चिम यमुना लिंक नहर में पानी का बहाव धीमा है। यही कारण रहा कि शीतल का शव एक दिन में ही सोनीपत से भी आगे करीब 40 किलोमीटर दूर चला गया। आरोपी ने गिरफ्तार होते ही पुलिस की प्रथम दृष्टया में ही शीतल की हत्या की वारदात को कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल और व्हाटसए्प चैट भी हासिल की। जिसमें दोनों देर रात तक बात करते थे। दिन में आठ से दस बार भी वीडियो कॉल लेते थे। पुलिस ने चाकू को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
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टैलेंट के चलते लगातार बढ़ रही थी मांग ः नेहा ने फिलहाल सतकरतार कॉलोनी से अपना ठिकाना बदल लिया है। वह अब आजाद नगर में अपनी दूसरी बहन के पास रहती है। उनकी मां भी उनके साथ हैं। पिता हरि शंकर ड्राइवर हैं। बहन नेहा ने बताया कि शीतल में टैलेंट था। उसने छह महीने पहले ही किशनपुरा के एक स्टूडियो में काम शुरू किया था। उसकी छह महीने में ही हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री में मांग हो गई थी।
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पुलिस के एक जानकार ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि आरोपी सुनील ने दो दिन के रिमांड के दौरान अपनी पूरी कहानी बयां कर दी। वह शीतल पर अपनी पत्नी से भी ज्यादा भरोसा करता था और ज्यादातर समय उनके साथ ही रहता था। यही कारण है कि उसके परिजन भी उससे पीछे हटने लगे थे। सुनील शीतल ने गर्दन और हाथ पर अलग-अलग नाम टैटू देख लिए थे। शीतल ने अपनी गर्दन के पास अंशी और हाथ पर विशाल के नाम का टैटू बनवा रखा था। वह शीतल को विशाल को भी भूल जाने की कहता था। आरोपी ने झगड़ा बढ़ने पर पिछली एक-एक बात का बदला लेने से एक के बाद चाकू से सात वार किए और आठवीं बार में उसका गला रेत दिया।
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आरोपी को अंदाजा नहीं था कि शीतल का शव इतनी जल्दी नहर में मिल जाएगा। उसको पता था कि दिल्ली पैरलल नहर में पानी का बहाव तेज है। जबकि उसके साथ बह रही पश्चिम यमुना लिंक नहर में पानी का बहाव धीमा है। यही कारण रहा कि शीतल का शव एक दिन में ही सोनीपत से भी आगे करीब 40 किलोमीटर दूर चला गया। आरोपी ने गिरफ्तार होते ही पुलिस की प्रथम दृष्टया में ही शीतल की हत्या की वारदात को कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल और व्हाटसए्प चैट भी हासिल की। जिसमें दोनों देर रात तक बात करते थे। दिन में आठ से दस बार भी वीडियो कॉल लेते थे। पुलिस ने चाकू को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
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टैलेंट के चलते लगातार बढ़ रही थी मांग ः नेहा ने फिलहाल सतकरतार कॉलोनी से अपना ठिकाना बदल लिया है। वह अब आजाद नगर में अपनी दूसरी बहन के पास रहती है। उनकी मां भी उनके साथ हैं। पिता हरि शंकर ड्राइवर हैं। बहन नेहा ने बताया कि शीतल में टैलेंट था। उसने छह महीने पहले ही किशनपुरा के एक स्टूडियो में काम शुरू किया था। उसकी छह महीने में ही हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री में मांग हो गई थी।