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Haryana: बिना अनुमति दूसरे राज्यों में ट्रायल नहीं दे सकेंगे प्रदेश के खिलाड़ी, खेल विभाग से लेनी होगी एनओसी

Mon, 22 Aug 2022 01:34 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 22 Aug 2022 01:34 AM IST
सार

ऐसा किया तो प्रदेश की योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। सभी जिला खेल अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। पहले खिलाड़ी कई राज्यों में किस्मत आजमाते थे और लाभ उठाते थे। अब ऐसा नहीं हो सकेगा। 

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Haryana players will not be able to give trials in other states without permission
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

अभी तक हरियाणा के खिलाड़ी अन्य राज्यों में ट्रायल देने के साथ ही हरियाणा टीम के लिए भी ट्रायल देते थे। फिर जहां से चयनित होते थे, उस राज्य से खेलते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अगर हरियाणा के खिलाड़ी ने दूसरे राज्यों में ट्रायल भी दिया तो उसे राज्य की खेल संबंधी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। खेल विभाग ने इस संबंध में सभी जिला खेल अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया है। 

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विभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि अगर कोई खिलाड़ी हरियाणा के साथ दूसरे राज्य में ट्रायल देता है और दोनों जगह चयनित हो जाता है और फिर वह हरियाणा से खेलना चाहे, तो उसे हरियाणा खेल विभाग की ओर से कोई लाभ नहीं मिलेगा। पहले अधिकतर खिलाड़ी दूसरे राज्य में ट्रायल देने के साथ हरियाणा में भी ट्रायल देते थे।

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साथ ही वह दोनों राज्यों की स्कीमों का लाभ लेते थे। वहीं अब हरियाणा के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों से खेलने के लिए विभाग से एनओसी लेनी होगी। इसके तहत दूसरे राज्य में खेलने की अनुमति मिलने के साथ ही हरियाणा की टीम में खेलने का रास्ता बंद हो जाएगा।

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इसके साथ ही खिलाड़ियों को हरियाणा सरकार की किसी भी स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। बॉक्सिंग कोच सुनील पंवार ने बताया कि पहले खिलाड़ी दोनों जगह से ट्रायल दे देते थे। दोनों जगह ट्रायल देने के बाद एक जगह से खेलते थे, जिससे दूसरे राज्य की सीट पर खेलने के खिलाड़ी की सीट खाली रह जाती थी।


दूसरे राज्य से खेलने वाले खिलाड़ियों का कहना
हरियाणा से हैंडबॉल खेलना शुरू किया था। काफी साल तक हरियाणा से खेलता रहा। कोई खास लाभ नहीं मिला, जिसके बाद दिल्ली की टीम में खेलना शुरू किया। इसके बाद से बतौर कप्तान टीम के लिए कई पदक जीते। आगे भी दिल्ली टीम से खेलूंगा। - अमन मलिक, कप्तान, दिल्ली हैंडबॉल टीम

पानीपत में दो साल हॉकी खेलने के बाद चंडीगढ़ में अभ्यास करना शुरू कर दिया था, जिससे एक बार चंडीगढ़ से नेशनल और एक बार पंजाब की टीम से नेशनल खेला। इस खेल नीति से सभी राज्यों के खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलेगा और एक खिलाड़ी साल में एक नेशनल भी खेल सकेगा। - मोनिका, हॉकी खिलाड़ी

 

दूसरे राज्य में खेलने के लिए अनुमति लेनी होगी : पालीवाल
दूसरे राज्य में खेलने के लिए खिलाड़ी को हरियाणा खेल विभाग से अनुमति लेनी होगी, जिसके बाद वह एक राज्य से ही खेल पाएगा। इससे हरियाणा को लाभ मिलेगा। ज्यादातर खिलाड़ी हरियाणा के हरियाणा टीम से ही खेलेंगे। नहीं तो उन्हें किसी स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। - प्रदीप पालीवाल, जिला खेल एवं युवा अधिकारी

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