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शव रखकर हरिद्वार रोड किया जाम
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बापौली। परिजनों द्वारा रोड पर लगाया गया रोड पर जाम, समझाते हुए पुलिसकर्मी।
- फोटो : Panipat
बापौली। मारपीट के एक महीने बाद गांव पत्थरगढ़ के युवक की मौत होने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर परिजन भड़क गए। उन्होंने हरिद्वार रोड पर गांव सनौली खुर्द नवादा मोड़ के पास शव को रखकर जाम लगा दिया। घंटे भर तक पुलिस के समझाने पर भी परिजन नहीं माने। बाद में डीएसपी के आश्वासन पर जाम हटाया। इसके बाद यातायात सुचारू हो सका। फिर परिजनों ने गांव आकर शव का अंतिम संस्कार किया।
मृतक मंजीत (20) की मां बालीदेवी, बहन सुमित्रा और भाई कोकीराम ने बताया कि गांव पत्थरगढ़ में करीब एक महीने पहले खेत में इंजन चलाने को लेकर विवाद हो गया था। मारपीट में मंजीत गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे पहले पानीपत स्थित सिविल अस्पताल, फिर प्रेम अस्पताल में दाखिल कराया गया था। हालत न सुधरने पर खानपुर पीजीआई ले जाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा था। सोमवार की रात मंजीत की मौत हो गई। मंजीत पर हमला करने वालों के खिलाफ घटना के दूसरे दिन ही पुलिस को शिकायत दे दी थी, लेकिन अब भी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लापरवारी से नाराज परिजन खानपुर से शव लेकर आए और गांव जाते समय जाम लगाकर इंसाफ की मांग की।
परिजनों के अनुसार, डीएसपी समालखा प्रदीप कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस बारे में जब थाना सनौली पुलिस प्रभारी नवीन शर्मा ने बताया कि मृतक मंजीत बीमार चल रहा था। मारपीट की बात झूठी है। उन्होंने गांव में जांच कराई थी। जाम लगाने के दौरान परिजनों को समझाया गया था कि वह फिर से गांव पहुंचकर जांच कर देंगे, लेकिन वे नहीं माने। करीब एक घंटे तक जाम नहीं खुलने पर डीएसपी समालखा प्रदीप ने परिजनों को समझाया। इसके बाद परिजनों ने शव को उठाया और गांव ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
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मृतक मंजीत (20) की मां बालीदेवी, बहन सुमित्रा और भाई कोकीराम ने बताया कि गांव पत्थरगढ़ में करीब एक महीने पहले खेत में इंजन चलाने को लेकर विवाद हो गया था। मारपीट में मंजीत गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे पहले पानीपत स्थित सिविल अस्पताल, फिर प्रेम अस्पताल में दाखिल कराया गया था। हालत न सुधरने पर खानपुर पीजीआई ले जाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा था। सोमवार की रात मंजीत की मौत हो गई। मंजीत पर हमला करने वालों के खिलाफ घटना के दूसरे दिन ही पुलिस को शिकायत दे दी थी, लेकिन अब भी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लापरवारी से नाराज परिजन खानपुर से शव लेकर आए और गांव जाते समय जाम लगाकर इंसाफ की मांग की।
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परिजनों के अनुसार, डीएसपी समालखा प्रदीप कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस बारे में जब थाना सनौली पुलिस प्रभारी नवीन शर्मा ने बताया कि मृतक मंजीत बीमार चल रहा था। मारपीट की बात झूठी है। उन्होंने गांव में जांच कराई थी। जाम लगाने के दौरान परिजनों को समझाया गया था कि वह फिर से गांव पहुंचकर जांच कर देंगे, लेकिन वे नहीं माने। करीब एक घंटे तक जाम नहीं खुलने पर डीएसपी समालखा प्रदीप ने परिजनों को समझाया। इसके बाद परिजनों ने शव को उठाया और गांव ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
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